राजस्थान के नागौर जिले में रविवार देर रात एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया, जब बीकानेर-जोधपुर बाइपास पर चलती हुई एक ट्रैवल मिनी बस अचानक आग की भीषण लपटों में घिर गई। यह घटना रेलवे फाटक के पास घटित हुई, जहाँ यात्रियों से भरी बस नियमित गति से गुजर रही थी। सफर के दौरान अचानक वाहन में तकनीकी खराबी के चलते शॉर्ट सर्किट हुआ और चिंगारियां फूटने लगीं। कुछ ही सेकंडों में बस के भीतर दमघोंटू धुआं भरने लगा, जिससे सवार लोगों में चीख-पुकार और भारी अफरा-तफरी मच गई। चालक ने विकट परिस्थिति में सूझबूझ दिखाते हुए तत्काल वाहन को सड़क किनारे रोक दिया, जिससे सभी 13 यात्री समय रहते बाहर निकल आए और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
शॉर्ट सर्किट से भड़की आग और धुआं फैलने से मची चीख-पुकार
प्राथमिक विवरण के अनुसार, मिनी बस यात्रियों को लेकर अपने गंतव्य की ओर बाइपास मार्ग से बढ़ रही थी। रविवार रात अचानक बस के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम में शॉर्ट सर्किट हुआ, जिसके तुरंत बाद उठी चिंगारी ने आग का रूप ले लिया। वाहन के केबिन और अंदरूनी हिस्से में तेजी से धुआं भरता देख यात्रियों में भारी घबराहट फैल गई। चलती गाड़ी में आग की लपटें उठते देख भीतर बैठे लोग बदहवास हो गए। आग की गति इतनी तेज थी कि यदि वाहन कुछ देर और चलता रहता, तो यात्री भीतर ही फंस सकते थे।
चालक की त्वरित सूझबूझ ने टाली बड़ी अनहोनी
अचानक पैदा हुए इस आपात संकट के बीच बस चालक ने अपना मानसिक संतुलन नहीं खोया। आग का अहसास होते ही उसने बिना किसी देरी के मिनी बस को सड़क के किनारे सुरक्षित जगह पर ले जाकर ब्रेक लगा दिए। दरवाजा खुलते ही सभी 13 यात्रियों को आनन-फानन में सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। राहत की बात यह रही कि सभी सवारियों के कदम जमीन पर पड़ते ही आग ने रौद्र रूप धारण कर लिया और पूरी मिनी बस धू-धू कर जलने लगी। चालक के इस त्वरित और साहसिक निर्णय के चलते एक बड़ा जानलेवा हादसा टल गया।
मटकियों और बाल्टियों से स्थानीय युवाओं ने संभाला मोर्चा
सड़क पर बस को लपटों से घिरता देख आसपास मौजूद स्थानीय लोग और राहगीर तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े। मालगांव निवासी जितेंद्र और एडवोकेट प्रकाश राड़ समेत कई अन्य स्थानीय युवाओं ने दमकल विभाग के आने का इंतजार किए बिना खुद ही आग पर काबू पाने की मुहिम शुरू कर दी। युवाओं ने पास स्थित प्याऊ और आसपास के होटलों से पानी की मटकियां तथा बाल्टियां जुटाईं। इन लोगों ने मिलकर धधकती बस पर लगातार पानी फेंकना शुरू किया, जिससे आग को विकराल होकर आसपास के क्षेत्र में फैलने से रोकने में बड़ी सफलता मिली।
दमकल और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पाया काबू
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ी और स्थानीय पुलिस का जाब्ता घटनास्थल पर पहुंचा। दमकल कर्मियों ने मोर्चा संभालते हुए पानी की बौछारें शुरू कीं और कुछ ही समय की कड़ी मशक्कत के बाद पूरी तरह से आग पर नियंत्रण पा लिया। तब तक बस का अधिकांश हिस्सा जलकर खाक हो चुका था। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने घटनास्थल पर जमा भीड़ को हटाया और बाइपास पर यातायात को सुचारू रूप से नियंत्रित किया ताकि जाम की स्थिति न बने। यात्रियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने सुरक्षित बचने पर राहत की सांस ली, जबकि इस वाकये ने वाहनों में नियमित रखरखाव और समय पर वायरिंग जांच की अहमियत को एक बार फिर रेखांकित कर दिया।





















