घर पर बनाएं शादी और ढाबे जैसी गाढ़ी मिक्स वेज, दही और काजू की ग्रेवी से आएगा असली जायकाकेरल भाग्यतारा बीटी-74 लॉटरी का आज ड्रॉ, पहले इनाम में मिलेंगे 1 करोड़ रुपयेक्रिप्टो बाजार में बिटकॉइन की रफ्तार थमी, ईथर और एक्सआरपी में तेजी का रुखसोलन के बद्दी में युवक की जान लेकर शव तालाब में फेंका, महाराष्ट्र के जलगांव से दबोचे गए 4 आरोपीनए वोटरों के फॉर्म-6 में अनधिकृत बदलाव पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, सीजेआई सूर्यकांत ने चुनाव आयोग से मांगा जवाबदारू, डीजे और दहेज से दूर रहें युवा, बड़वानी में सांसद गजेंद्र पटेल ने सामाजिक बदलाव पर दिया जोरफ्लाईदुबई विमान में 180 जानें बचाने वाले कैप्टन स्मित की बहादुरी पर गरमाई राजनीति, कांग्रेस नेतृत्व पर उठे सवालबत्तखों के पैरों में सूजन बन सकती है बंबल फुट का खतरा, पोल्ट्री किसानों के मांस और अंडा उत्पादन पर पड़ेगा असरछतरपुर के किसान ने समझाई गुलाब की खेती, 1 बीघा जमीन से हर दिन कमा रहे 1 से 2 हजार रुपयेजोधपुर में शादी के वादे के बाद ब्लैकमेलिंग का खेल, 50 लाख और मकान मांगने पर युवती के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर केस
छतरपुर के किसान ने समझाई गुलाब की खेती, 1 बीघा जमीन से हर दिन कमा रहे 1 से 2 हजार रुपयेजीवनशैली
5 अक्तू॰ 2026, 5:02 pm (19 मिनट पहले)· 0

छतरपुर के किसान ने समझाई गुलाब की खेती, 1 बीघा जमीन से हर दिन कमा रहे 1 से 2 हजार रुपये

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के किसान चेतराम कुशवाहा ने बताया कि कैसे एक बीघा में 2500 गुलाब के पौधे लगाकर रोजाना आमदनी हासिल की जा सकती है। शादी और त्योहारी सीजन में यह फूल 300 रुपये प्रति किलो तक बिकता है।

पारंपरिक फसलों के मुकाबले बागवानी फसलों में नियमित नकदी आमदनी का बेहतर जरिया साबित हो रहा है। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के नौगांव अंतर्गत बिलहरी गांव के किसान चेतराम कुशवाहा ने फूलों की खेती को अपनी आजीविका का मजबूत आधार बनाया है। वे बीते 10 वर्षों यानी साल 2015 से लगातार गुलाब की बागवानी कर रहे हैं। इससे पहले वे केवल गेंदे की खेती करते थे, लेकिन बेहतर मुनाफे की तलाश में उन्होंने गेंदे के साथ-साथ गुलाब उगाने की योजना बनाई। इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए उन्होंने पहले कृषि विज्ञान केंद्र नौगांव से तकनीकी प्रशिक्षण लिया और फिर वैज्ञानिक तौर-तरीकों से खेत में गुलाब के पौधे रोपे।

गुलाब की बागवानी में लगातार उत्पादन की खासियत

गुलाब को फूलों का राजा माना जाता है और व्यावसायिक दृष्टि से इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें सालभर फूल आते रहते हैं। चेतराम के अनुसार, दूसरी मौसमी फसलों की तरह इसमें उत्पादन के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता, बल्कि पौधों से रोजाना उत्पादन मिलता रहता है। बाजार में अन्य सामान्य फूलों की तुलना में गुलाब के दाम भी अपेक्षाकृत ऊंचे और स्थिर रहते हैं, जिससे किसानों को हर दिन नियमित कैश फ्लो मिलता रहता है।

ये भी पढ़ें

पौध रोपाई, कलम और खेत की सटीक दूरी का गणित

गुलाब की शुरुआत के लिए किसान या तो स्वयं नर्सरी तैयार कर सकते हैं या फिर सीधे तैयार पौधे खरीदकर खेत में ट्रांसप्लांट कर सकते हैं। गुलाब के पौधे तैयार करने के लिए कलम विधि का उपयोग किया जाता है। खेत में रोपाई करते समय पौधों के बीच की दूरी का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। कतार से कतार यानी लाइन से लाइन की दूरी 4 फीट रखनी चाहिए, जबकि एक पौधे से दूसरे पौधे की दूरी डेढ़ फीट होनी चाहिए। इस विधि से खेत में रोपने के ठीक 1 महीने बाद ही पौधों में फ्लावरिंग शुरू हो जाती है, जो पूरे साल निरंतर चलती रहती है।

लागत का बजट और 1 बीघा का पूरा खर्च

एक बीघा जमीन पर गुलाब की खेती के पूरे बजट का हिसाब समझाते हुए चेतराम बताते हैं कि 1 बीघा खेत में कुल 2500 पौधे लगाए जा सकते हैं। एक पौधे की औसत खरीद लागत करीब 10 रुपये बैठती है। इस तरह 1 बीघा खेत में 2500 पौधे लगाने का शुरुआती खर्च लगभग 25000 रुपये आता है। यह एकमुश्त निवेश के बाद लंबे समय तक निरंतर आमदनी देने वाला मॉडल बन जाता है।

दैनिक तुड़ाई और पैदावार का चक्र

एक बीघा में लगे 2500 पौधों से रोजाना औसतन 10 से 20 किलोग्राम ताजे फूल प्राप्त होते हैं। किसान सालभर हर रोज इन फूलों की तुड़ाई कर सकते हैं। जब पौधों में नई शाखाएं निकलती हैं, उस दौरान कुछ समय के लिए फूलों की संख्या थोड़ी कम हो जाती है, लेकिन नई शाखाएं विकसित होते ही उत्पादन फिर से बढ़कर सामान्य स्तर पर आ जाता है। फूलों की तुड़ाई के लिए समय का चुनाव बेहद महत्वपूर्ण है; तुड़ाई या तो सुबह के समय की जानी चाहिए या फिर शाम को, ताकि फूलों की ताजगी बरकरार रहे।

बाजार भाव और रोजाना होने वाली कमाई

गुलाब के थोक बाजार भाव मांग के अनुसार बदलते रहते हैं। जब शादियों और त्योहारों का सीजन होता है, तब गुलाब का थोक भाव 150 रुपये प्रति किलो से लेकर 300 रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाता है। वहीं सामान्य या डाउन सीजन में भी इसका भाव 50 से 80 रुपये प्रति किलो के बीच बना रहता है। इस नियमित बिक्री के दम पर 1 बीघा खेत से हर दिन 1 से 2 हजार रुपये की सीधी कमाई होती है, जबकि त्योहारों और लगन के दिनों में यह दैनिक मुनाफा और भी अधिक बढ़ जाता है।

सवाल-जवाब

छतरपुर के किसान चेतराम कुशवाहा कब से गुलाब की खेती कर रहे हैं?
चेतराम कुशवाहा पिछले 10 सालों से यानी साल 2015 से लगातार गुलाब की खेती कर रहे हैं।
गुलाब की खेती शुरू करने से पहले उन्होंने कहां से प्रशिक्षण लिया था?
उन्होंने नौगांव स्थित कृषि विज्ञान केंद्र से गुलाब की खेती का तकनीकी प्रशिक्षण लिया था।
1 बीघा खेत में गुलाब के कितने पौधे लगाए जा सकते हैं और कितना खर्च आता है?
1 बीघा खेत में लगभग 2500 पौधे लगाए जा सकते हैं, जिसमें 10 रुपये प्रति पौधे के हिसाब से करीब 25000 रुपये का खर्च आता है।
खेत में रोपाई करते समय पौधों के बीच कितनी दूरी रखनी चाहिए?
लाइन से लाइन की दूरी 4 फीट और पौधे से पौधे की दूरी डेढ़ फीट रखनी चाहिए।
रोपाई के कितने समय बाद फूल आना शुरू होते हैं और रोजाना कितनी पैदावार मिलती है?
रोपाई के 1 महीने बाद फ्लावरिंग शुरू हो जाती है और 1 बीघा से रोजाना 10 से 20 किलोग्राम फूल मिलते हैं।
बाजार में गुलाब का थोक भाव कितना मिलता है और रोजाना कितनी कमाई होती है?
शादी-त्योहारों में थोक भाव 150 से 300 रुपये और सामान्य दिनों में 50 से 80 रुपये प्रति किलो रहता है, जिससे रोजाना 1 से 2 हजार रुपये की कमाई होती है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp