नेपाल में उत्पन्न वर्तमान परिस्थितियों, खराब मौसम और स्थानीय सुरक्षा इंतजामों को ध्यान में रखते हुए राजस्थान प्रशासन ने एक अहम प्रशासनिक निर्णय लिया है। राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की हिदायत के आधार पर वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के अंतर्गत संचालित पशुपतिनाथ यात्रा को 31 अगस्त तक आगे बढ़ा दिया गया है। इस दौरान 27 अगस्त से लेकर 31 अगस्त तक काठमांडू के लिए तय की गई सभी हवाई उड़ानों को भी स्थगित रखने का हुक्म जारी किया गया है। सरकारी आदेश के बाद अब नेपाल जाकर भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन करने की तैयारी कर रहे राज्य के बुजुर्ग श्रद्धालुओं को अपनी यात्रा फिलहाल टालनी पड़ेगी।
काठमांडू की हवाई उड़ानों पर 31 अगस्त तक पाबंदी
राज्य के देवस्थान विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 27 अगस्त से 31 अगस्त के बीच काठमांडू जाने वाली हवाई यात्राओं पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इस प्रशासनिक पाबंदी का सीधा प्रभाव उन वरिष्ठ नागरिकों पर पड़ेगा जो सरकारी खर्च और व्यवस्था के तहत नेपाल स्थित पशुपतिनाथ मंदिर दर्शन की राह देख रहे थे। शासन का मानना है कि काठमांडू और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था तथा मौसम का मिजाज अभी सामान्य नहीं है। ऐसे में बुजुर्गों को हवाई मार्ग से वहां भेजना जोखिम भरा हो सकता है। इसी को देखते हुए देवस्थान विभाग ने जल्दबाजी में कोई कदम उठाने के बजाय हालात सुधरने तक प्रतीक्षा करने की नीति अपनाई है।
बुजुर्ग श्रद्धालुओं का स्वास्थ्य और सुरक्षा पहली प्राथमिकता
तीर्थयात्रियों के कल्याण पर जोर देते हुए देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक तंत्र के लिए नागरिकों का स्वास्थ्य सबसे ऊपर है। उन्होंने कहा, "सरकार के लिए श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सेहत पहली प्राथमिकता है, स्थिति सामान्य होने पर नई तारीख तय की जाएगी।" मंत्री के अनुसार, नेपाल के विभिन्न हिस्सों में जमीनी हालात, मौसम के पूर्वानुमान और स्थानीय नागरिक सुरक्षा प्रबंधों पर सतत निगरानी रखी जा रही है। चूँकि इस योजना का लाभ उठाने वाले अधिकतर यात्री अत्यधिक वृद्ध हैं, इसलिए उन्हें सामान्य यात्रियों की तुलना में अधिक देखभाल और सुरक्षित माहौल की आवश्यकता होती है। विपरीत परिस्थितियों में किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए यात्रा को फिलहाल रोकना ही सबसे उपयुक्त समझा गया।
स्थायी रूप से रद्द नहीं हुई यात्रा, समीक्षा के बाद घोषित होंगी नई तिथियां
प्रशासन ने इस बात पर विशेष बल दिया है कि पशुपतिनाथ यात्रा को हमेशा के लिए निरस्त नहीं किया गया है, बल्कि इसे केवल कुछ समय के लिए आगे खिसकाया गया है। 31 अगस्त तक की अवधि पूरी होने के बाद राज्य सरकार नेपाल के घटनाक्रम और वहां के वातावरण की विस्तृत समीक्षा करेगी। यदि समीक्षा के दौरान स्थितियां नियंत्रण में पाई जाती हैं और काठमांडू में हवाई आवाजाही तथा सुरक्षा व्यवस्था सुचारू हो जाती है, तो देवस्थान विभाग द्वारा तीर्थयात्रियों के लिए नया यात्रा कार्यक्रम जारी किया जाएगा। तब तक सभी पंजीकृत वरिष्ठ नागरिकों से धैर्य बनाए रखने और स्थिति सामान्य होने की प्रतीक्षा करने का अनुरोध किया गया है।





















