पाली में सुमेरपुर रेलवे स्टेशन और जवाई बांध के बीच की लगभग 10 किलोमीटर लंबी सड़क इन दिनों यात्रियों के लिए एक बड़ा संकट बन चुकी है। इस पूरे मार्ग पर एक भी स्ट्रीट लाइट काम नहीं कर रही है, जिससे रात के समय आवागमन करना किसी खतरे से खाली नहीं है। यात्रियों और स्थानीय नागरिकों को इस रास्ते पर हर वक्त अनहोनी का डर सताता रहता है, क्योंकि यह क्षेत्र वन्यजीवों की मौजूदगी के लिए बेहद संवेदनशील माना जाता है।
तेंदुओं और वन्यजीवों का प्राकृतिक डेरा
जवाई बांध और आसपास की पहाड़ियां तेंदुओं तथा अन्य जंगली जीवों का मुख्य प्राकृतिक आवास हैं। अंधेरा होने के बाद ये वन्यजीव पानी और भोजन की तलाश में अक्सर मुख्य सड़कों के आसपास आ जाते हैं। इस अंधेरे रास्ते पर स्ट्रीट लाइट न होने के कारण वाहन चालकों और पैदल चलने वालों को दूर से जानवर दिखाई नहीं देते, जिससे अचानक आमने-सामने आने पर बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है।
हजारों यात्रियों की रोजाना आवाजाही
सुमेरपुर रेलवे स्टेशन से हर रोज हजारों की संख्या में स्थानीय ग्रामीण, व्यापारी, नौकरीपेशा लोग और देश-विदेश के पर्यटक सफर करते हैं। रात के वक्त या सुबह तड़के आने-जाने वाली ट्रेनों को पकड़ने के लिए यात्रियों के पास इसी सुनसान और अंधेरे रास्ते से गुजरने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता है। प्रकाश व्यवस्था के अभाव में वन्यजीवों के हमले के साथ-साथ असामाजिक तत्वों द्वारा आपराधिक वारदातों को अंजाम दिए जाने का डर भी बना रहता है।
प्रशासनिक उदासीनता पर भड़का आक्रोश
इस मार्ग पर पसरे अंधेरे और खतरे को लेकर स्थानीय निवासियों और यात्रियों में प्रशासन के खिलाफ भारी रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि इतने व्यस्त और महत्वपूर्ण मार्ग पर रोशनी का प्रबंध न होना संबंधित विभागों और स्थानीय नगर पालिका की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। क्षेत्र के लोगों ने मांग की है कि किसी बड़ी दुर्घटना के घटने का इंतजार किए बिना इस पूरे मार्ग पर उच्च क्षमता वाली स्ट्रीट लाइट और हाई-मास्ट लाइटें लगाई जाएं, ताकि लोग सुरक्षित सफर कर सकें।
दुनियाभर में क्यों खास है जवाई क्षेत्र?
पाली जिले में स्थित जवाई अपनी खास भौगोलिक बनावट के कारण दुनियाभर में अपनी एक अलग पहचान रखता है। इसे देश की लेपर्ड कैपिटल भी कहा जाता है, जहां इंसानों और तेंदुओं के बीच अनोखा सह-अस्तित्व देखने को मिलता है। यहां विशाल ग्रेनाइट की चट्टानों और प्राकृतिक गुफाओं में तेंदुए निवास करते हैं, और स्थानीय रबारी समुदाय तथा उनके पशुओं के साथ उनका तालमेल इस जगह को खास बनाता है। इसके अलावा जवाई बांध पश्चिमी राजस्थान का एक प्रमुख जलाशय है, जहां सर्दियों में मगरमच्छ और बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी आते हैं। ओपन जिप्सी लेपर्ड सफारी और प्राकृतिक सुंदरता के कारण यहां सैलानी खिंचे चले आते हैं, इसलिए इस मुख्य मार्ग पर सुरक्षा और रोशनी की पुख्ता व्यवस्था होना बेहद जरूरी है।





















