राजस्थान के झुंझुनूं जिले में देर रात बैंक का एटीएम उखाड़ने की एक सनसनीखेज साजिश सामने आई है. पिलानी कस्बे के त्रिवेणी प्याऊ चौराहे के नजदीक स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम बूथ को निशाना बनाने पहुंचे चार शातिर बदमाशों को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दबोच लिया. नकदी लूटने के इरादे से आए इन बदमाशों ने पहले निगरानी तंत्र को ठप करने की कोशिश की, मगर गश्त कर रही टीम की सक्रियता और हिडन कैमरे की रिकॉर्डिंग की वजह से पूरी वारदात धरी की धरी रह गई. पकड़े गए चारों लोग पड़ोसी राज्य हरियाणा के रहने वाले बताए गए हैं, जिनमें से तीन झज्जर और एक रोहतक का निवासी है.
निगरानी कैमरों पर पोता काला पेंट, हिडन कैमरे ने खोली पोल
देर रात की खामोशी का फायदा उठाकर बदमाश एक सफेद रंग की बिना नंबर प्लेट वाली कार से त्रिवेणी प्याऊ के पास पहुंचे. उनका पहला मकसद अपनी पहचान छिपाना और सबूत मिटाना था. इसके लिए उन्होंने सबसे पहले एटीएम बूथ के बाहर लगे मुख्य सीसीटीवी कैमरे पर काला स्प्रे पेंट छिड़क दिया. इसके तुरंत बाद अंदर घुसकर उन्होंने कमरे में लगे दोनों सीसीटीवी कैमरों के लेंस को भी काले रंग के पेंट से पूरी तरह ढंक दिया, ताकि उनका चेहरा या कोई भी गतिविधि फुटेज में दर्ज न हो सके.
कैमरों को अंधा करने के बाद बदमाशों ने एटीएम मशीन को तोड़ने और उसे जमीन से उखाड़ने के लिए जोर आजमाइश शुरू कर दी. हालांकि, वे इस बात से पूरी तरह अनजान थे कि बूथ के भीतर एक छिपा हुआ हिडन कैमरा भी काम कर रहा था. इस हिडन कैमरे में उनकी पूरी हरकत साफ तौर पर रिकॉर्ड होती रही. इसी बीच इलाके में रात्रि गश्त पर निकली पुलिस की गाड़ी की बत्ती और आहट पाकर बूथ में मौजूद बदमाश बुरी तरह घबरा गए. पकड़े जाने के डर से वे मशीन को बीच में ही छोड़कर अपनी बिना नंबर वाली सफेद कार में सवार होकर लोहारू की दिशा में तेजी से भाग निकले.
निजी वाहन से पीछा और डूलानिया के पास फायरिंग
संदिग्ध कार के भागने की जानकारी मिलते ही तत्काल पिलानी थानाधिकारी अलका बिश्नोई को सूचित किया गया. हालात की गंभीरता को देखते हुए थानाधिकारी अलका बिश्नोई, सूचना अधिकारी महिपाल सिंह और एएसआई रूपेंद्र ने बिना समय गंवाए एक निजी वाहन से आरोपियों का पीछा करना शुरू कर दिया. पुलिस की टीम लगातार बदमाशों की तेज रफ्तार कार के पीछे लगी रही और आगे के रास्तों पर सतर्कता बढ़ा दी गई.
बदमाश लोहारू मार्ग पर डूलानिया के आसपास बेहद खतरनाक तरीके से वाहन दौड़ा रहे थे. उन्हें रोकने के लिए थानाधिकारी अलका बिश्नोई ने भागती कार के पहिए को निशाना बनाकर गोली चला दी. गोली लगने से कार का टायर क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन इसके बावजूद बदमाश रुके नहीं. वे फटे हुए टायर की खुली रिम पर ही चिंगारियां उड़ाते हुए कार को तेज गति से दौड़ाते रहे और पुलिस को चकमा देने की फिराक में जुटे रहे.
पीपली चौकी पर नाकेबंदी और पुलिस वाहन से टक्कर
बदमाशों को किसी भी हाल में भागने से रोकने के लिए पुलिस नियंत्रण कक्ष की मदद से पीपली चौकी पर सख्त नाकेबंदी कराई गई. पुलिस बल ने सड़क पर अवरोधक लगाकर रास्ता रोक लिया ताकि कार को वहीं घेरा जा सके. खुद को घिरता देख बदमाशों ने कार रोकने के बजाय सीधे पुलिस के वाहन में जोरदार टक्कर मार दी.
जबरदस्त टक्कर के कारण बदमाशों की कार सड़क पर अनियंत्रित होकर पलट गई. कार पलटते ही मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और पीछा कर रही टीम ने घेराबंदी करके चारों आरोपियों को दबोच लिया. हादसे में कार के क्षतिग्रस्त होने के बाद पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया और आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी. हालांकि पुलिस प्रशासन द्वारा इस पूरे घटनाक्रम और आरोपियों के आपराधिक इतिहास को लेकर विस्तृत आधिकारिक खुलासा किया जाना अभी बाकी है.

















