राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के चुनावी कार्यक्रम के ऐलान से ठीक पहले प्रशासनिक स्तर पर अहम कदम उठाया गया है। राज्य सरकार ने एक आदेश जारी करते हुए पुलिस महकमे में 14 आईपीएस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया है। इस फेरबदल के जरिए कई जिलों में नए पुलिस कप्तानों की तैनाती की गई है, जिनमें दौसा, सिरोही और फलौदी जैसे जिले शामिल हैं। यह प्रशासनिक निर्णय उस समय सामने आया जब पंचायती राज चुनाव की आचार संहिता लागू होने की तैयारी पूरी हो चुकी थी।
दौसा में नए पुलिस कप्तान की नियुक्ति
जारी की गई तबादला सूची में सबसे ज्यादा चर्चा दौसा जिले में हुए बदलाव की है। दौसा के पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित को उनके पद से स्थानांतरित करते हुए राजधानी जयपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) में एसपी पद की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं दौसा जिले की कानून व्यवस्था की कमान अब आईपीएस कुंदन कंवरिया के हाथों में रहेगी। कुंदन कंवरिया को जिले का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। अब पंचायती राज चुनाव की प्रक्रिया के दौरान जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने और चुनावी सुरक्षा प्रबंधों को सुचारू रखने का दायित्व कुंदन कंवरिया पर होगा।
राजधानी जयपुर में महत्वपूर्ण पुलिस पदों पर बदलाव
राज्य सरकार की इस सूची में जयपुर आयुक्तालय और राज्य स्तरीय विशेष इकाइयों में भी कई जिम्मेदारियां बदली गई हैं। आईपीएस अधिकारी योगेश गोयल को पुलिस उपायुक्त (क्राइम) जयपुर के पद पर नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही सतनाम सिंह को स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) जयपुर में एसपी की कमान दी गई है। ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर करने के उद्देश्य से प्रवीण नायक नूनावत को डीसीपी ट्रैफिक जयपुर तैनात किया गया है। वहीं दौसा से स्थानांतरित पीयूष दीक्षित भी अब एसपी एसीबी के रूप में जयपुर में ही अपनी सेवाएं देंगे।
सिरोही और फलौदी में भी बदले गए एसपी
जिला स्तर पर पुलिस नेतृत्व में किए गए फेरबदल के तहत सिरोही और फलौदी जिलों के लिए भी नए पुलिस अधीक्षक तय किए गए हैं। आईपीएस अजेय सिंह राठौड़ को सिरोही जिले का नया एसपी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा फलौदी जिले में कानून व्यवस्था की बागडोर संभालने के लिए आदित्य काकड़े को एसपी की जिम्मेदारी दी गई है। बटालियन स्तर पर भी फेरबदल करते हुए पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ को 7वीं बटालियन आरएसी भरतपुर का कमांडेंट बनाया गया है। इस प्रकार कुल 14 अधिकारियों की जिम्मेदारियों को पुनर्गठित किया गया है।
चुनाव आचार संहिता और प्रशासनिक फेरबदल की टाइमिंग
राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव का पूरा कार्यक्रम 3 अक्टूबर को घोषित किया गया है। चुनावी घोषणा होते ही पूरे क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो जाती है। आचार संहिता लागू हो जाने के बाद सामान्य तौर पर चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों के स्थानांतरण पर पूरी तरह रोक लग जाती है। यदि उस अवधि में किसी भी अधिकारी का तबादला करना अनिवार्य हो जाए, तो उसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग की पूर्व अनुमति लेना आवश्यक होता है। इसी कारण सरकार ने आचार संहिता के कानूनी प्रतिबंधों से ठीक पहले यह फेरबदल पूरा किया।
आरएएस अधिकारियों के बाद आईपीएस सूची
आईपीएस अधिकारियों के तबादलों से कुछ समय पहले ही राज्य सरकार ने राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) के अधिकारियों की सूची भी जारी की थी। उस आदेश में 15 आरएएस अधिकारियों को नई प्रशासनिक जिम्मेदारियां दी गई थीं, जबकि 10 अधिकारियों को पदस्थापन की प्रतीक्षा (एपीओ) में रखा गया था। प्रशासनिक सेवा के इस बड़े फेरबदल के तुरंत बाद पुलिस विभाग की यह 14 आईपीएस अधिकारियों की सूची जारी की गई।




















