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बस्तर की पारंपरिक रसोई का स्वाद: कद्दू भाजी और चने की खास देसी सब्जी बनाने का आसान तरीकाखानपान
3 अक्तू॰ 2026, 5:24 pm (30 मिनट पहले)· 0

बस्तर की पारंपरिक रसोई का स्वाद: कद्दू भाजी और चने की खास देसी सब्जी बनाने का आसान तरीका

छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में कद्दू के पत्तों की भाजी और चने की सूखी सब्जी बेहद लोकप्रिय है, जिसे बहुत कम मसालों में झटपट तैयार किया जाता है।

छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल के ग्रामीण खानपान में मौसमी पत्तेदार सब्जियों की अपनी खास पहचान है। खेतों और बाड़ियों में उगने वाली कद्दू की फसल से तैयार होने वाली कद्दू भाजी यहां के स्थानीय बाशिंदों की रसोई का अहम हिस्सा मानी जाती है। बस्तर के गांवों में गृहणियां इस पत्तेदार साग को कई अलग-अलग तरीकों से तैयार करती हैं, लेकिन इसकी सबसे बड़ी खूबी इसका बेहद सादा मिजाज है। तेज मसालों के बजाय न्यूनतम सामग्री के साथ पकाए जाने की वजह से भाजी का असली और प्राकृतिक स्वाद पूरी तरह सुरक्षित रहता है। जब इसी कद्दू भाजी को चने के साथ देसी अंदाज में पकाया जाता है, तो यह हर किसी की पहली पसंद बन जाती है।

कम समय में तैयार होने वाला पौष्टिक देसी स्वाद

बस्तर की दिनचर्या में यह सब्जी इसलिए भी बहुत खास मानी जाती है क्योंकि इसे पकाने में न तो ज्यादा समय लगता है और न ही किसी जटिल तैयारी की जरूरत होती है। ग्रामीण इलाकों के घरों में बिना किसी भारी झंझट के यह व्यंजन कुछ ही मिनटों में पककर तैयार हो जाता है। चाहे झुलसाने वाली गर्मी का दिन हो या फिर मूसलाधार बारिश का मौसम, बस्तर के देहाती घरों में महीने में कम से कम एक बार यह सब्जी जरूर बनाई जाती है। स्थानीय ग्रामीण इसे पारंपरिक रूप से तीजा के साथ और मोटे बड़े चावल के भात के साथ बड़े चाव से खाते हैं।

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सामग्री में विविधता और स्वाद का अनोखा मेल

बस्तर के अलग-अलग हिस्सों में कद्दू भाजी को कई अलग-अलग संगतों के साथ पकाने की परंपरा है। लोग इसे अपनी पसंद के अनुसार सफेद काबुली चने, काले देशी चने अथवा विभिन्न प्रकार की दालों के साथ मिलाकर बनाते हैं। चने या दाल का मेल भाजी के रेशों के साथ मिलकर एक बेहतरीन बनावट देता है। जो भी व्यक्ति एक बार इस सादी और ताजी सब्जी का स्वाद चख लेता है, वह इसे बार-बार अपनी थाली में देखना चाहता है।

सफेद चने के साथ कद्दू भाजी पकाने की आसान विधि

सफेद चने के साथ इस स्वादिष्ट देसी भाजी को घर पर तैयार करने के लिए आप इन सरल चरणों का पालन कर सकते हैं

  • तेल गर्म करना और प्याज भूनना: सबसे पहले एक कड़ाही को आंच पर चढ़ाकर उसमें पर्याप्त तेल गर्म करें। जब तेल अच्छी तरह गर्म हो जाए, तब उसमें बारीक कटी हुई प्याज डालें और उसे हल्का सुनहरा होने तक मध्यम आंच पर भूनें।
  • भाजी और भीगा चना मिलाना: प्याज के सुनहरे रंग में आते ही कड़ाही में पहले से साफ करके बारीक कटी हुई कद्दू भाजी और पानी में भिगोकर रखे गए सफेद चने को एक साथ डाल दें।
  • सादे मसालों का तड़का: मिश्रण को थोड़ी देर तक चलाएं और फिर उसमें केवल बुनियादी मसाले जैसे हल्दी पाउडर, पिसी लाल मिर्च और स्वादानुसार सादा नमक मिलाकर अच्छी तरह भूनें।
  • टमाटर के साथ धीमी आंच पर पकाना: मसालों के मिल जाने के बाद इसमें कटे हुए टमाटर के टुकड़े डालें और धीमी आंच पर ढककर तब तक पकने दें जब तक कि टमाटर पूरी तरह गल न जाएं और भाजी नरम न हो जाए।
  • तैयार सब्जी का आनंद: जब टमाटर और कद्दू भाजी अच्छी तरह गलकर चने के साथ एकसार हो जाएं, तो आंच बंद कर दें। आपकी स्वादिष्ट, पौष्टिक और देसी अंदाज वाली कद्दू भाजी की सब्जी परोसने के लिए बिल्कुल तैयार है।

सवाल-जवाब

कद्दू भाजी किस फसल से तैयार की जाती है?
यह सब्जी कद्दू की फसल से निकलने वाले पत्तों से तैयार की जाती है।
बस्तर में कद्दू भाजी की सब्जी की सबसे बड़ी खासियत क्या है?
इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें बहुत कम मसालों का इस्तेमाल होता है, जिससे इसका प्राकृतिक स्वाद बना रहता है।
कद्दू भाजी को किन-किन चीजों के साथ मिलाकर पकाया जा सकता है?
इसे सफेद चने, काले चने या फिर दाल के साथ मिलाकर पकाया जा सकता है।
बस्तर के ग्रामीण इसे किसके साथ खाना पसंद करते हैं?
स्थानीय ग्रामीण इसे तीजा के साथ और बड़े चावल के साथ खाना पसंद करते हैं।
सफेद चने वाली कद्दू भाजी में कौन से बुनियादी मसाले पड़ते हैं?
इस रेसिपी में केवल हल्दी, मिर्च और स्वादानुसार नमक का इस्तेमाल किया जाता है।
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