राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने नशा तस्करी और आपराधिक कृत्यों में संलिप्त एक बड़े हिस्ट्रीशीटर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने हार्डकोर अपराधी अजब खान की लगभग 2.82 करोड़ रुपये मूल्य की चल और अचल संपत्तियों को पूरी तरह से फ्रीज कर दिया है। अरनोद थाना क्षेत्र के अंतर्गत की गई इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने केवल उन्हीं संपत्तियों को अपने शिकंजे में नहीं लिया जो आधिकारिक रूप से उसके नाम थीं, बल्कि उन संपत्तियों को भी दायरे में शामिल किया जो कागजातों में किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर दर्ज थीं लेकिन जिनका वास्तविक उपयोग और आधिपत्य केवल अजब खान के पास ही था।
अरनोद थाना क्षेत्र में हुई बड़ी कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई अरनोद थाना अधिकारी शिवलाल मीणा के निर्देशन में गठित एक विशेष पुलिस टीम द्वारा पूरी की गई है। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई के दायरे में कई प्रकार की संपत्तियां आईं, जिनमें दो बड़े फार्म हाउस, एक आलीशान रिहायशी मकान, दो चौपहिया वाहन, चार मोटरसाइकिलें और खेती तथा अन्य कार्यों में इस्तेमाल होने वाला एक ट्रैक्टर शामिल है। पुलिस विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इन सभी चल और अचल संपत्तियों की कुल अनुमानित बाजार कीमत लगभग 2.82 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस ने दस्तावेजों की गहन छानबीन के बाद इन तमाम संपत्तियों को कुर्क करने की प्रक्रिया को पूरा किया है।
अजब खान के खिलाफ दर्ज हैं 13 गंभीर मामले
प्रतापगढ़ एसपी विशाल जांगिड़ ने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि अजब खान अरनोद थाने का एक कुख्यात हिस्ट्रीशीटर और हार्डकोर अपराधी है। उसके आपराधिक रिकॉर्ड का दायरा काफी बड़ा है और उसके खिलाफ कुल 13 गंभीर आपराधिक प्रकरण विभिन्न धाराओं में दर्ज हैं। इन सभी मामलों में से पांच मामले केवल प्रतिबंधित मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार से जुड़े हुए हैं। स्थानीय पुलिस पिछले काफी लंबे समय से उसकी आपराधिक गतिविधियों के तौर-तरीकों और उनके जरिए जुटाई गई बेनामी संपत्तियों की सूक्ष्मता से जांच-पड़ताल कर रही थी।
बेनामी और दूसरों के नाम पर दर्ज संपत्तियों पर प्रहार
इस पूरी कार्रवाई का सबसे अहम पहलू यह रहा कि पुलिस ने पहली बार किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर दर्ज संपत्तियों पर भी कानूनी शिकंजा कसा है। आधिकारिक जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि भले ही कागजातों या दस्तावेजों में संपत्ति किसी और के नाम दर्ज हो, लेकिन उसका वास्तविक और प्रत्यक्ष कब्जा पूरी तरह से अजब खान के पास था तथा वह उनका बेरोक-टोक इस्तेमाल कर रहा था। पुलिस ने इन संपत्तियों के वास्तविक उपयोग को मुख्य आधार बनाते हुए इन्हें भी फ्रीज करने की कार्रवाई की।
अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ने की रणनीति
प्रतापगढ़ पुलिस के इस कदम को अपराधियों द्वारा अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों और बेनामी होल्डिंग्स के खिलाफ एक ऐतिहासिक और निर्णायक कदम माना जा रहा है। पुलिस प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार और अन्य अपराधों के जरिए कमाई गई अकूत संपत्ति की पहचान करने और उसे जब्त करने का यह अभियान लगातार जारी रहेगा। क्षेत्र के अन्य हार्डकोर और सक्रिय अपराधियों की चल-अचल संपत्तियों की भी लगातार निगरानी और जांच की जा रही है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य ऐसे अपराधियों की आर्थिक रीढ़ को तोड़ना है ताकि वे आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा न दे सकें। आने वाले समय में भी इस तरह के असामाजिक तत्वों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसने का सिलसिला पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा।





















