राजस्थान एंटी टेररिज्म स्क्वाड (ATS) ने जयपुर में कार्रवाई करते हुए बबीता धाकड़ नाम की एक महिला को गिरफ्तार किया है, जिसे खदीजा नाम से भी पहचाना जाता है। उस पर पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हैंडलर्स के साथ ऑनलाइन संपर्क में रहने के संगीन आरोप हैं। सैन्य खुफिया इकाई से मिली जानकारी के आधार पर ATS ने यह गिरफ्तारी की।
सवाई माधोपुर से जयपुर तक का सफर
प्रारंभिक जांच के अनुसार बबीता धाकड़ राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले की मूल निवासी है। जयपुर में रहते हुए वह कथित तौर पर एक स्लीपर सेल के रूप में सक्रिय थी। जांचकर्ताओं का आरोप है कि उसने सोशल मीडिया के जरिए पहले कट्टरपंथी विचारधारा के नेटवर्क से जुड़ाव बनाया और बाद में धीरे-धीरे जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हैंडलर्स के संपर्क में आ गई।
पाकिस्तान के मौलवी ने ऑनलाइन कराया धर्म परिवर्तन
जांच में जो जानकारी सामने आई है, उसके मुताबिक इसी साल अप्रैल में पाकिस्तान के एक मौलवी ने ऑनलाइन माध्यम से बबीता को कलमा पढ़वाया और इस तरह उसका धर्म परिवर्तन कराया। इसके बाद उसे खदीजा नाम दिया गया। इसी नेटवर्क के जरिए उसे कट्टरपंथी विचारधारा से और गहराई से जोड़ा गया और आगे की संदिग्ध गतिविधियों के लिए तैयार किया गया।
नेपाल, सऊदी अरब और UAE के रास्ते पाकिस्तान भेजने की कोशिश का आरोप
सूत्रों के अनुसार बबीता को नेपाल, सऊदी अरब और UAE के रास्ते पाकिस्तान भेजने की कोशिश की गई थी। इन यात्राओं के खर्च और अन्य लेन-देन के लिए क्रिप्टोकरेंसी के जरिए फंडिंग की योजना भी बनाई गई थी। हालांकि इन दावों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और एजेंसियां इनकी जांच में जुटी हैं।
मोबाइल और डिजिटल सबूतों की गहन पड़ताल जारी
गिरफ्तारी के बाद से बबीता धाकड़ से लगातार पूछताछ जारी है। उसका मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और अन्य डिजिटल डेटा विस्तृत जांच के दायरे में हैं। सुरक्षा एजेंसियां उसकी पृष्ठभूमि, संभावित संपर्कों और पूरे नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही इस पूरे मामले की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।













