पश्चिम बंगाल की विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने पूर्व बर्धमान जिले से गिरफ्तार किए गए जैश-ए-मोहम्मद के संदिग्ध आतंकी हमीम मंडल से जुड़ी जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य उजागर किए हैं। दो दिन पहले सुरक्षा एजेंसियों के हत्थे चढ़े हमीम के पास से मिले दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों की पड़ताल से पता चला है कि वह विदेश में बैठे आतंकवादी हैंडलर्स के साथ लगातार संपर्क में बना हुआ था। जांच अधिकारियों के अनुसार यह नेटवर्क देश की आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिए एक गंभीर चुनौती पेश कर रहा था, जिसकी जड़ें सीमाओं के पार तक फैली हुई थीं।
विदेशी हैंडलर्स और पाकिस्तान से जुड़े फोन नंबरों का संजाल
एसटीएफ द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी के विवरण के मुताबिक हमीम मंडल छह अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और व्हाट्सएप नंबरों के जरिए विदेशी आकाओं के सीधे संपर्क में था। पुलिस की जांच में पाकिस्तान (+92), अमेरिका (+1), ब्रिटेन और मेक्सिको के अंतरराष्ट्रीय कंट्री कोड वाले मोबाइल नंबर तथा सोशल मीडिया खाते सामने आए हैं। हमीम के फोन में दो पाकिस्तानी नंबर 'राना' और 'सी9उजैर' के नाम से सहेजे गए थे। वहीं अमेरिका के कंट्री कोड वाला नंबर 'आबिद जट' नामक व्यक्ति द्वारा संचालित किया जा रहा था। इसके अतिरिक्त ब्रिटेन और मेक्सिको से संचालित हो रहे नंबरों को 'हामिद' नाम से इस्तेमाल किया जा रहा था। जांच एजेंसियों ने एक ऐसे एक्स खाते की भी पहचान की है, जिसे सीधे पाकिस्तान से चलाया जा रहा था और हमीम इसका उपयोग गुप्त संदेशों के आदान-प्रदान के लिए करता था।
जंतर-मंतर पर बवाल और देशव्यापी जासूसी तंत्र खड़ा करने का प्रयास
सुरक्षा एजेंसियों की जांच में यह बात भी सामने आई है कि हमीम मंडल दिल्ली के प्रसिद्ध जंतर-मंतर पर आयोजित सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़े पैमाने पर हिंसा भड़काने की साजिश में शामिल था। प्राथमिकी के अनुसार हमीम और उसके सहयोगी भारत के भीतर एक सुदृढ़ जासूसी नेटवर्क तैयार करने की कोशिश में जुटे हुए थे। इस साजिश के प्राथमिक उद्देश्यों में स्थानीय युवाओं को गुमराह करके भर्ती करना, अवैध हथियारों व गोला-बारूद का इंतजाम करना, संवेदनशील सरकारी प्रतिष्ठानों की रेकी करना और वीआईपी हस्तियों की गतिविधियों के बारे में गोपनीय जानकारी एकत्र करना शामिल था।
अपहरण का षड्यंत्र और हनी-ट्रैप के जरिए सुवेंदु अधिकारी की हत्या की योजना
इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए एसटीएफ ने हमीम की कथित महिला मित्र अर्पिता सरकार को झारखंड से गिरफ्तार किया है। जांचकर्ताओं के अनुसार हमीम और अर्पिता की पहली बातचीत लगभग चार साल पहले इंस्टाग्राम पर हुई थी, जिसके बाद से दोनों लगातार एक-दूसरे के संपर्क में थे। दोनों ने मिलकर राज्य मंत्री उमेश राय के बेटे का अपहरण कर मोटी फिरौती वसूलने की विस्तृत योजना तैयार की थी। इससे भी अधिक चिंताजनक खुलासा यह हुआ है कि अर्पिता सरकार को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के कार्यालय में सेंध लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इस साजिश का मकसद हनी-ट्रैप के जरिए मुख्यमंत्री के सुरक्षा घेरे को तोड़कर उनकी हत्या की वारदात को अंजाम देना था। यह पूरी आतंकी साजिश पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स और कुख्यात शाहजाद भट्टी गैंग के साझा इशारों पर संचालित की जा रही थी।



















