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राजस्थान के 21 जिलों में येलो अलर्ट, 60 किमी प्रति घंटे की आंधी और वज्रपात का खतराराजस्थान
23 जून 2026, 6:28 am (128 दिन पहले)· 2

राजस्थान के 21 जिलों में येलो अलर्ट, 60 किमी प्रति घंटे की आंधी और वज्रपात का खतरा

मौसम विभाग ने राजस्थान के 21 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और अगले 24 घंटों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी, वज्रपात और बारिश की चेतावनी दी है। पश्चिमी विक्षोभ और कई चक्रवाती तंत्रों के सक्रिय होने से यह बदलाव आया है।

राजस्थान का मौसम एक बार फिर पलटी मार चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के 21 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और अगले 24 घंटों में तेज आंधी, मेघगर्जन, वज्रपात और बारिश की आशंका जताई है। जयपुर मौसम केंद्र के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने और कई मौसमी तंत्रों के एक साथ प्रभावी होने से प्रदेश में नमी की मात्रा तेजी से बढ़ रही है। इससे बीकानेर से लेकर भरतपुर तक कई संभागों में मौसम का कहर टूट सकता है।

मौसम बदलने के पीछे कौन से तंत्र सक्रिय हैं?

जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार फिलहाल राजस्थान से बिहार तक उत्तर प्रदेश के रास्ते समुद्र तल पर एक मौसमी द्रोणिका (सीजनल ट्रफ) सक्रिय है। वहीं जो पश्चिमी विक्षोभ पहले उत्तर-पश्चिम पंजाब पर था, वह अब पूर्वोत्तर पंजाब और उससे सटे इलाकों में चक्रवाती परिसंचरण के रूप में बदल चुका है। यह तंत्र समुद्र तल से 3.1 से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। इसके साथ ही हरियाणा और उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर भी ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण काम कर रहे हैं। इन सभी मौसमी तंत्रों के संयुक्त असर से राजस्थान में नमी की आपूर्ति बढ़ी है और यही कारण है कि कई जिलों में तेज मौसमी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

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21 जिलों में वज्रपात, आंधी और बारिश का खतरा

मौसम विभाग ने राजस्थान के 21 जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और आंधी के साथ बारिश की संभावना जताई है। इनमें से अलवर और जयपुर सहित 18 जिलों में खासतौर पर मेघगर्जन और तेज आंधी आने के आसार हैं। पूर्वी राजस्थान के अलवर, बारां, भरतपुर, बूंदी, दौसा, डीग, धौलपुर, जयपुर, झालावाड़, झुंझुनूं, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़, सवाई माधोपुर, सीकर और टोंक जिलों में मेघगर्जन के साथ वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। कुछ जगहों पर यह रफ्तार बढ़कर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

बीकानेर, चूरू और पश्चिमी जिलों में धूलभरी आंधी

पश्चिमी राजस्थान की बात करें तो बीकानेर, चूरू, डीडवाना-कुचामन और श्रीगंगानगर जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है। इन क्षेत्रों में धूलभरी आंधी के साथ हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार बीकानेर, जयपुर, भरतपुर, अजमेर और कोटा संभाग के कई हिस्सों में अगले 24 घंटों के दौरान तेज मेघगर्जन, 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की आंधी और मध्यम से तेज बारिश की प्रबल संभावना है। जोधपुर और उदयपुर संभाग के कुछ इलाकों में हल्की बारिश और तेज हवाओं का दौर रहने की उम्मीद है।

23 से 26 जून तक बना रहेगा मौसम का बिगड़ा मिजाज

जयपुर मौसम केंद्र ने साफ किया है कि बीकानेर, जयपुर, भरतपुर और कोटा संभाग में 23 जून से 26 जून तक आंधी-बारिश की गतिविधियां रुक-रुककर जारी रह सकती हैं। हालांकि दक्षिणी राजस्थान के कुछ जिलों में आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। मौसम विभाग का अनुमान है कि इस पूरे दौर में प्रदेश में भीषण गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।

लोगों और किसानों के लिए जरूरी सावधानियां

जयपुर मौसम केंद्र ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है। किसानों को विशेष रूप से सलाह दी गई है कि वे अपनी फसल और कृषि उपकरणों को तुरंत सुरक्षित और ढके स्थानों पर रख लें। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मौसम का यह बदला हुआ रूप बना रह सकता है, इसलिए लोग सतर्क रहें और मौसम अपडेट पर नजर रखते रहें।

सवाल-जवाब

राजस्थान में मौसम बदलने की मुख्य वजह क्या है?
पश्चिमी विक्षोभ का सक्रिय होना, राजस्थान से बिहार तक फैली मौसमी द्रोणिका और हरियाणा व उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण मिलकर राजस्थान में नमी बढ़ा रहे हैं, जिससे तेज मौसमी गतिविधियां हो रही हैं।
राजस्थान के किन संभागों में सबसे ज्यादा आंधी-बारिश का खतरा है?
बीकानेर, जयपुर, भरतपुर, अजमेर और कोटा संभाग में सबसे अधिक प्रभाव पड़ने की संभावना है, जहां 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की आंधी और मध्यम से तेज बारिश होने का अनुमान है।
वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी किन जिलों में जारी हुई है?
पूर्वी राजस्थान के 17 जिलों अलवर, बारां, भरतपुर, बूंदी, दौसा, डीग, धौलपुर, जयपुर, झालावाड़, झुंझुनूं, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़, सवाई माधोपुर, सीकर और टोंक में वज्रपात और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाओं की चेतावनी है।
पश्चिमी राजस्थान के कौन से जिले सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे?
बीकानेर, चूरू, डीडवाना-कुचामन और श्रीगंगानगर जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की झोंकेदार हवाएं, धूलभरी आंधी और हल्की से मध्यम बारिश होने की आशंका है।
यह खराब मौसम कब तक जारी रहेगा?
मौसम विभाग के अनुसार बीकानेर, जयपुर, भरतपुर और कोटा संभाग में 23 जून से 26 जून तक रुक-रुककर आंधी-बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।
दक्षिणी राजस्थान पर क्या असर पड़ेगा?
दक्षिणी राजस्थान के कुछ जिलों में आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है, यानी वहां पर प्रभाव अपेक्षाकृत कम रहेगा।
किसानों को अभी क्या करना चाहिए?
किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसल और कृषि उपकरणों को तुरंत सुरक्षित और ढके स्थानों पर रख लें ताकि तेज आंधी और बारिश से नुकसान न हो।
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