राजस्थान के चूरू जिले में एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है जहां स्कूल जा रही एक नाबालिग छात्रा को लिफ्ट देने के बहाने कार में अगवा कर लिया गया। भालेरी थाना क्षेत्र की इस घटना में आरोपी ने बच्ची के साथ चलती गाड़ी में दरिंदगी की वारदात को अंजाम दिया। हालांकि, पुलिस प्रशासन की त्वरित और सक्रिय कार्रवाई की वजह से इस गंभीर अपराध के तुरंत बाद ही आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया और पीड़ित बच्ची को सुरक्षित बचा लिया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपी वारदात के बाद पीड़ित को किसी गुप्त स्थान पर ठिकाने लगाने की योजना बना रहा था, लेकिन कानून के हाथों ने समय रहते उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
स्कूल के बहाने दिया झांसा और सुनसान रास्ते पर ले गया आरोपी
वारदात शनिवार सुबह की है जब करीब 13 साल की मासूम बच्ची अपने गांव से रोजाना की तरह चूरू स्थित स्कूल जाने के लिए घर से रवाना हुई थी। वह सड़क किनारे अपनी रोजाना की बस का इंतजार कर रही थी। इसी बीच वहां से गुजर रहे एक कार चालक की नजर उस अकेली बच्ची पर पड़ी। उसने गाड़ी को बच्ची के पास रोका और बड़े ही हमदर्द लहजे में उसे स्कूल तक सुरक्षित छोड़ देने की पेशकश की। मासूम बच्ची कार चालक के झांसे में आ गई और गाड़ी में सवार हो गई। लेकिन आरोपी के इरादे कुछ और ही थे। वह गाड़ी को स्कूल की दिशा में ले जाने के बजाय चूरू पहुंचने से पहले ही एक अत्यंत सुनसान और निर्जन स्थान की तरफ मोड़ ले गया।
चलती कार में हैवानियत, मारपीट और नशे की गोलियां
सुनसान रास्ते पर पहुंचने के बाद आरोपी ने कार के भीतर ही दरिंदगी की सारी हदें पार कर दीं। पीड़ित छात्रा के साथ चलती गाड़ी में दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया। इतना ही नहीं, जब बच्ची ने खुद को बचाने का प्रयास किया तो आरोपी ने उसके साथ बर्बरता से मारपीट भी की। आरोपी ने पीड़ित बच्ची को जबरन नशे की गोलियां खिला दीं ताकि वह शोर न मचा सके और विरोध करने की स्थिति में न रहे। इस बर्बरता के कारण बच्ची काफी घायल और अचेत अवस्था में पहुंच गई थी। इसी दौरान बच्ची के अचानक लापता होने और उसके अपहरण की सूचना स्थानीय पुलिस महकमे तक पहुंच चुकी थी, जिसके बाद सुरक्षा बल तुरंत हरकत में आ गए।
इमरजेंसी नाकाबंदी से ऐसे पकड़ा गया आरोपी मंजूर अली
अपहरण की गंभीर सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बिना एक पल का समय गंवाए पूरे इलाके में सघन और आपातकालीन नाकाबंदी लागू करने का निर्देश दिया। चूरू शहर की कोतवाली थाना पुलिस इस दौरान पूरी तरह मुस्तैद रही। शहर की सीमा में प्रवेश करने से ठीक पहले कोतवाली पुलिस ने संदिग्ध कार को घेरकर रोक लिया। पुलिस बल ने जब कार की सघन तलाशी ली, तो अंदर से 13 वर्षीय घायल बच्ची को अत्यंत दयनीय हालत में बरामद किया गया। पुलिस ने आरोपी चालक को तुरंत हिरासत में ले लिया, जिसकी पहचान चूरू के वार्ड संख्या 17 के रहने वाले 42 वर्षीय मंजूर अली के रूप में हुई है, जो पेशे से टैक्सी चलाने का काम करता है।
विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज और चिकित्सकीय जांच
नाबालिग को सुरक्षित निकालने के बाद पुलिस ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया जहां उसका गहन मेडिकल परीक्षण करवाया गया और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया गया। पीड़ित बच्ची की गंभीर शारीरिक स्थिति को देखते हुए उसे तुरंत विशेष चिकित्सकीय देखभाल दी गई। पुलिस ने पीड़िता के बयान भी दर्ज कर लिए हैं। इस मामले में पुलिस ने आरोपी मंजूर अली के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (SC/ST Act), यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) और किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम (JJ Act) की विभिन्न सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। इस पूरे मामले की कमान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) डॉ. कृष्णा सामरिया के हाथों में सौंपी गई है, जिनके नेतृत्व में पुलिस की मोबाइल फोरेंसिक यूनिट ने घटना स्थल और गाड़ी से महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्रित किए हैं। आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि घटनाक्रम के अन्य पहलुओं को उजागर किया जा सके।



















