सिरोही जिले में स्थित राजस्थान का एकमात्र पर्वतीय पर्यटन स्थल माउंट आबू अपनी प्राकृतिक वादियों के साथ-साथ सिनेमाई इतिहास के लिए भी एक खास पहचान रखता है। हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता विनोद खन्ना की एक प्रसिद्ध फिल्म के कई दृश्य यहां की खूबसूरत वादियों में फिल्माए गए थे। उस दौर में कैमरे में कैद की गई ये जगहें आज भी सैलानियों के लिए आकर्षण का बड़ा केंद्र हैं। हालांकि, बीते दशकों में हुए प्रशासनिक विकास, सुंदरीकरण और नए निर्माण कार्यों के चलते इन लोकेशंस की तस्वीर अब पहले से काफी बदल चुकी है।
नक्की लेक और भारतमाता नमन स्थल का नया रूप
नक्की लेक के किनारे जिस जगह पर विनोद खन्ना और फिल्म की अभिनेत्री के साथ कुछ दृश्य शूट किए गए थे, वहां अब भारतमाता नमन स्थल स्थापित हो चुका है। फिल्म बनने के कई वर्षों बाद इस स्मारक स्थल का निर्माण किया गया था। आज यहां आने वाले पर्यटक न केवल देशभक्ति से जुड़े इस स्थल का दीदार करते हैं, बल्कि पुरानी फिल्म में दिखाई गई ऐतिहासिक लोकेशन को भी देखने पहुंचते हैं।
इसके अलावा नक्की झील के चारों तरफ बने बगीचों में भी फिल्म की शूटिंग हुई थी। एक दृश्य में अभिनेत्री झील किनारे बने बगीचे में पौधों को सींचती नजर आती हैं और पृष्ठभूमि में नक्की लेक का शांत पानी दिखाई देता है। समय बीतने के साथ झील के आसपास का यह इलाका काफी विकसित हो चुका है। अब यहां पर्यटकों के घूमने के लिए गांधी वाटिका, क्रोकोडाइल पार्क, राम जानकी गार्डन और वंडर पार्क जैसे कई आकर्षक उद्यान तैयार कर दिए गए हैं।
पहाड़ी व्यू प्वाइंट पर 150 सीढ़ियां चढ़कर दिखता है विहंगम दृश्य
फिल्म के एक बेहद लोकप्रिय दृश्य में विनोद खन्ना झील के ऊपर स्थित एक पहाड़ी पर बड़ी चट्टान पर बैठकर पोज देते दिखाई देते हैं, जबकि फिल्म की अभिनेत्री उनकी तस्वीर कैनवास पर उकेरती नजर आती हैं। इस दृश्य के पीछे से नक्की झील का अद्भुत नजारा दिखाई देता है। इस ऊंचाई वाले स्थान तक जाने के लिए पर्यटकों को नक्की लेक से लगभग 150 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। आज भी यह जगह सैलानियों के बीच बेहद लोकप्रिय है, जहां लोग नक्की लेक का विहंगम नजारा देखने के साथ फोटोग्राफी और सेल्फी का आनंद लेने नियमित रूप से पहुंचते हैं।
सनसेट पॉइंट का कायाकल्प और सिनेमाई जुड़ाव
नक्की लेक से करीब 3 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद सनसेट पॉइंट पर भी फिल्म के कई महत्वपूर्ण हिस्से फिल्माए गए थे। फिल्म के मुख्य कलाकार विनोद खन्ना और अभिनेत्री इस पॉइंट की सीढ़ियां चढ़ते हुए कैमरे में नजर आए थे। शाम के समय डूबते हुए सूरज का मनोरम दृश्य देखने के लिए यह स्थान पर्यटकों का पसंदीदा ठिकाना माना जाता है। फिल्म की शूटिंग के बाद वन विभाग ने इस पूरे इलाके में व्यापक स्तर पर विकास कार्य करवाए, जिससे इस जगह का रूप-रंग पूरी तरह निखर चुका है।
परिक्रमा पथ का सुंदरीकरण और आधुनिक रूप
नक्की लेक के चारों ओर बने परिक्रमा पथ पर भी फिल्म के कलाकारों को टहलते हुए दिखाया गया था, जहां पीछे झील की लहरें दिखाई देती थीं। अब इस पैदल मार्ग को स्थानीय नगरपालिका प्रशासन ने काफी संवार दिया है। रास्ते पर आधुनिक और सुंदर लाइटें लगाई गई हैं, गमलों में रंग-बिरंगे फूल सजाए गए हैं और दीवारों पर आकर्षक पेंटिंग्स बनाई गई हैं। राजस्थान में माउंट आबू आज भी फिल्म निर्माताओं की पसंदीदा शूटिंग लोकेशंस में गिना जाता है। सिनेमा से इसका यह गहरा नाता आज भी जारी है और पिछले वर्ष भी यहां तेलुगु फिल्म जटाधारा की शूटिंग संपन्न हुई थी।






















