जोधपुर और पचपदरा के बीच सफर करने वाले यात्रियों और वाहन चालकों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। पचपदरा में बन रही रिफाइनरी के बाद से इस पूरे इलाके में यातायात का दबाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है, जिसमें मालवाहक और अन्य व्यावसायिक वाहन लगातार बड़ी संख्या में आ-जा रहे हैं। इसी भारी ट्रैफिक और कनेक्टिविटी की मांग को देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआई ने नेशनल हाईवे संख्या 25 पर स्थित जोधपुर से पचपदरा के बीच के 87 किलोमीटर लंबे हिस्से को टू-लेन से अपग्रेड करके फोरलेन में बदलने का बड़ा निर्णय लिया है। मौजूदा समय में यह सड़क सिर्फ दो लेन की है, जिसके चलते भारी वाहनों के भारी दबाव के कारण आए दिन ट्रैफिक जाम जैसी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। इस अहम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को अमलीजामा पहनाने के लिए एनएचएआई ने लगभग 2,130 करोड़ रुपये का एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार करके केंद्र सरकार की मंजूरी के वास्ते भेजा है और इसके साथ ही टेंडर आमंत्रित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी जा चुकी है।
इस पूरे प्रोजेक्ट के तहत तय की गई समय सीमा के अनुसार 22 अक्टूबर तक टेंडर आमंत्रित किए गए हैं, जिसके ठीक बाद अगले एक से डेढ़ महीने के भीतर भूमि अधिग्रहण और तमाम जरूरी कागजी कार्रवाई को पूरी तरह से फाइनल कर लिया जाएगा। प्रशासनिक और तकनीकी अनुमानों के मुताबिक इस बहुप्रतीक्षित हाईवे का निर्माण कार्य दिसंबर 2026 के आखिरी हफ्तों में या फिर जनवरी महीने से धरातल पर आधिकारिक तौर पर शुरू होने की पूरी संभावना जताई जा रही है। निर्माण कार्य को चरणबद्ध तरीके से और बिना किसी बाधा के पूरा करने की खातिर एनएचएआई ने इस पूरे प्रोजेक्ट को दो मुख्य भागों में विभाजित किया है। योजना के पहले हिस्से के तहत जोधपुर से अपनी शुरुआत करते हुए यह रूट पताऊ तक जाएगा, जिसकी कुल लंबाई करीब 67 किलोमीटर होगी और इस खंड पर लगभग 1,800 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत आने का अनुमान तय किया गया है। वहीं दूसरी तरफ, इस परियोजना का दूसरा चरण पताऊ से शुरू होकर पचपदरा रिफाइनरी क्षेत्र तक पहुंचेगा, जो लगभग 20 किलोमीटर लंबा होगा और इसके निर्माण कार्यों पर लगभग 330 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इन सभी निर्माण कार्यों के पूरी तरह से धरातल पर उतर जाने के बाद प्रतिदिन आवाजाही करने वाले 8 हजार से अधिक छोटे और बड़े वाहनों का सफर पूरी तरह से सुरक्षित, सुगम और बाधा रहित हो जाएगा, जिससे आगे बाड़मेर तक की यात्रा भी बेहद आसान और आरामदायक बन जाएगी। जोधपुर-पचपदरा हाईवे के इस चौड़ीकरण अभियान के साथ-साथ घनी आबादी वाले इलाकों और संकरे बाजारों को भारी ट्रैफिक जाम के संकट से निजात दिलाना भी एनएचएआई की प्राथमिक सूची में सबसे ऊपर है। मौजूदा वक्त में यह हाईवे भांवू और कल्याणपुर जैसे महत्वपूर्ण कस्बों के बीचों-बीच से होकर गुजरता है, जिसकी वजह से यहां लगातार भारी वाहनों की वजह से भीषण जाम और सड़क हादसों का खतरा बना रहता है। इस गंभीर समस्या का एक स्थाई और पुख्ता समाधान ढूंढने के लिए एनएचएआई इन दोनों प्रमुख कस्बों के बाहर से कुल 20 किलोमीटर लंबे नए बायपास मार्गों का निर्माण कराने जा रही है।
इन नए बायपासों के निर्माण की रूपरेखा में भांवू बायपास की कुल लंबाई 2.16 किलोमीटर तय की गई है, जबकि कल्याणपुर बायपास को लगभग 2.96 किलोमीटर लंबा बनाया जाएगा। इन बायपासों के बनकर तैयार हो जाने से जितने भी भारी ट्रक और अन्य व्यावसायिक वाहन हैं, वे सब बिना इन कस्बों के भीतर प्रवेश किए सीधे आउटर से ही बाहर निकल जाएंगे, जिससे स्थानीय निवासियों को हादसों और जाम के इस नासूर से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी। वर्तमान में इस नेशनल हाईवे पर किसी प्रकार का डिवाइडर मौजूद नहीं है, जिसके कारण यह मार्ग वाहन चालकों के लिए काफी खतरनाक साबित हो रहा है और आए दिन गाड़ियों के आपस में टकराने, अनियंत्रित होकर पलटने और गंभीर हादसों में जान-माल के भारी नुकसान की घटनाएं सामने आती रहती हैं। इस फोरलेन के निर्माण के दौरान पूरे हाईवे के बीचों-बीच एक मजबूत और पक्का डिवाइडर बनाया जाएगा, ताकि आमने-सामने से आने वाले वाहनों की टक्कर का खतरा पूरी तरह समाप्त हो सके।
इस हाईवे के चौड़ीकरण के साथ ही सड़क के दोनों किनारों पर आधुनिक और जिम्मेदार ड्रेनेज सिस्टम, रॉक कटर, सुरक्षात्मक संकेत बोर्ड और नाइट विजन व अन्य लाइटिंग की समुचित व्यवस्था की जाएगी ताकि चालकों को रात के समय भी कोई परेशानी न हो। हाईवे के पूरी तरह से फोरलेन में तब्दील हो जाने के बाद इस मार्ग पर मौजूद तमाम दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स हमेशा के लिए खत्म हो जाएंगे और देश भर से आने-जाने वाले वाहन चालक बिना किसी रोक-टोक के तेज रफ्तार के साथ सुरक्षित सफर का आनंद ले सकेंगे।






















