नवंबर के पहले सप्ताह में राजस्थान के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां पिछले दिनों हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से अब पूरी तरह राहत मिलने वाली है। राज्यभर में सक्रिय दोनों बड़े मौसमी तंत्र अब शांत पड़ चुके हैं, जिसके चलते पश्चिमी और पूर्वी राजस्थान के तमाम अंचलों में आसमान साफ होने के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार आगामी एक सप्ताह तक राज्य में किसी प्रकार की मूसलाधार बारिश, अंधड़ या ओले गिरने की संभावना नहीं है। ऐसे में प्रदेश के सभी 41 जिलों को राहत वाली स्थिति में रखा गया है और किसी भी क्षेत्र के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
कमजोर पड़ा चक्रवाती तूफान अरनब और पश्चिमी विक्षोभ का असर
अक्टूबर के अंतिम दिनों में राजस्थान के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ली थी। राज्य के अलग-अलग इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ के साथ-साथ चक्रवाती तूफान अरनब के अवशेषों की मौजूदगी के चलते हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश दर्ज की गई थी, जबकि कुछ चुनिंदा स्थानों पर ओलावृष्टि ने फसलों को भी प्रभावित किया था। इन मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से वातावरण में नमी घुल गई थी और तापमान में असामान्य उतार-चढ़ाव देखा गया था। हालांकि अब यह दोनों मौसमी सिस्टम पूरी तरह कमजोर पड़ चुके हैं। इसके परिणामस्वरूप 1 नवंबर से लेकर 6 नवंबर तक प्रदेश के अधिकांश इलाकों में मौसम सामान्य और शुष्क रहने का स्पष्ट अनुमान है।
सभी 41 जिलों में नहीं जारी हुआ कोई अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के ताजा बुलेटिन के अनुसार 1 नवंबर को राज्य के पूर्वी हिस्से के जयपुर, अजमेर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभाग के जिलों में दिनभर मौसम पूरी तरह सूखा रहेगा। इसी प्रकार पश्चिमी राजस्थान के अंतर्गत आने वाले बीकानेर और जोधपुर संभाग में भी बादलों की आवाजाही थम चुकी है। राजधानी जयपुर के अलावा अलवर, सीकर, चित्तौड़गढ़, बाड़मेर, जैसलमेर, चूरू, फलौदी, नागौर और श्रीगंगानगर समेत सभी जिलों में बारिश की गतिविधियां पूरी तरह थम जाएंगी। मौसम विभाग ने पूरे राज्य के 41 जिलों को बिना किसी चेतावनी यानी नो वॉर्निंग श्रेणी में रखा है, जिसका अर्थ है कि कहीं भी येलो, ऑरेंज अथवा रेड अलर्ट की स्थिति नहीं है। इसके अलावा आने वाले दिनों में भी किसी नए ताकतवर मौसमी तंत्र के सक्रिय होने के संकेत नहीं दिख रहे हैं, जैसा कि मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने X पर अपने आधिकारिक अपडेट में स्पष्ट किया है।
दिन में खिली रहेगी धूप, रात और तड़के महसूस होगी गुलाबी ठंड
बारिश का सिलसिला रुकने के बाद वायुमंडल में नमी कम होने से दिन के समय तेज धूप खिली रहेगी। इससे दोपहर के समय अधिकतम तापमान सामान्य स्तर पर बना रहेगा, जिससे लोगों को दिन में ठंडक का एहसास नहीं होगा। इसके विपरीत उत्तर-पश्चिमी शुष्क हवाओं की आमद शुरू होने से रात और अलसुबह के न्यूनतम तापमान में क्रमिक गिरावट आने की पूरी संभावना है। खुले ग्रामीण क्षेत्रों और खेतों के आसपास सुबह-शाम गुलाबी ठंड का असर अब साफ तौर पर महसूस होने लगेगा। नवंबर की इस शुरुआत के साथ राज्य में ठंड का दौर धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ेगा, लेकिन तेज धूप होने से फिलहाल कड़ाके की सर्दी से पूरी राहत बनी रहेगी।
बाड़मेर में 35.3 डिग्री पहुंचा पारा, फसलों की कटाई और मंडियों को सहारा
पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो पूरे राजस्थान में मौसम सूखा रहा और इस दौरान सबसे अधिक अधिकतम तापमान बाड़मेर में 35.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दिन के तापमान में ज्यादा भारी गिरावट आने की उम्मीद नहीं है, जबकि रात के पारे में लगातार कमी देखने को मिल सकती है। बारिश और ओलावृष्टि की यह रुकावट राज्य के किसानों के लिए सबसे बड़ी राहत लेकर आई है। पिछले दिनों की अनपेक्षित वर्षा से खेतों में खड़ी फसलों और कृषि उपज मंडियों में खुले आसमान के नीचे रखे अनाजों को लेकर किसान बेहद चिंतित थे। अब मौसम साफ होने से कृषि कार्यों को नई गति मिलेगी और फसलों की कटाई, थ्रेशिंग तथा अनाज की सुरक्षित ढुलाई बिना किसी बाधा के पूरी की जा सकेगी। हालांकि किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी कृषि उपज की सुरक्षा के लिए स्थानीय स्तर पर सतर्कता बरतें।



















