राजस्थान के अजमेर सेंट्रल जेल में महिला जेलर द्वारा नियमों को ताक पर रखकर दो महिला बंदियों को अपने निजी घर ले जाने का मामला सामने आने के बाद अब उन कैदियों की पृष्ठभूमि से जुड़ा बड़ा खुलासा हुआ है। जेलर दिव्या चौधरी 12 जुलाई को अपनी निजी कार से जिन दो महिला कैदियों को जेल से निकालकर अपने सरकारी या निजी आवास पर साफ सफाई करवाने के लिए ले गई थीं, वे कोई साधारण विचाराधीन बंदी नहीं बल्कि जघन्य हत्याकांडों में शामिल रही हैं। इनमें से एक महिला अपने पति की नृशंस हत्या के जुर्म में अदालत से आजीवन कारावास की सजा पा चुकी है, जबकि दूसरी 22 वर्षीय युवती अपने प्रेमी की पत्नी की हत्या के आरोप में विचाराधीन बंदी के रूप में सलाखों के पीछे है। इन दोनों वारदातों के पीछे अवैध प्रेम संबंध और वैवाहिक तनाव मुख्य वजह बनकर सामने आए थे।
खेत में रखवाली कर रहे पति का दबाया था गला
इस पूरे मामले में पहली सजायाफ्ता कैदी का नाम किरण उर्फ सेठा है, जो अजमेर जिले के भिनाय क्षेत्र अंतर्गत उदयगढ़ खेड़ा गांव के निवासी देवेंद्र सिंह उर्फ चादूं की पत्नी है। किरण को अपने ही पति की साजिश रचकर हत्या करने के मामले में अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस घटनाक्रम की शुरुआत 17 जनवरी 2023 की सर्द रात को हुई थी। देवेंद्र सिंह उस रात गांव के पास अपने खेत में बोई गई गेहूं की फसल की रखवाली करने गया हुआ था और वहां एक चारपाई पर सो रहा था। अगली सुबह जब उसका बड़ा भाई खेत पर पहुंचा तो वहां का खौफनाक नजारा देखकर सन्न रह गया। चारपाई पर पड़े देवेंद्र के मुंह से खून बह रहा था, उसके गले पर बेरहमी से दबाए जाने और चोट के गहरे निशान थे, तथा उसके हाथ और पैरों पर भी खून लगा था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महज 24 घंटे के भीतर इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा ली और 19 जनवरी 2023 को किरण और उसके प्रेमी शैतान गुर्जर को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
सोशल मीडिया पर प्रेम और रची गई खौफनाक साजिश
पुलिस पड़ताल के दौरान यह तथ्य सामने आया कि किरण और शैतान गुर्जर के बीच करीब एक साल पहले सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क हुआ था। धीरे-धीरे दोनों की जान पहचान गहरी होती गई और शैतान का किरण के घर आना-जाना शुरू हो गया। जब पति देवेंद्र को पत्नी के इस रिश्ते की भनक लगी, तो उसने कड़ा एतराज जताया और शैतान को अपने घर आने से सख्त मना कर दिया। पति के विरोध से नाराज होकर दोनों ने उसे हमेशा के लिए रास्ते से हटाने का षड्यंत्र रच डाला। तय योजना के अनुसार 17 जनवरी की रात किरण ने शैतान को फोन कर सूचना दी कि देवेंद्र खेत पर अकेला सो रहा है। इसके बाद शैतान खेत पहुंचा और कुछ ही देर में किरण भी वहां पहुंच गई। खेत में सो रहे देवेंद्र पर दोनों ने हमला बोल दिया। शैतान ने देवेंद्र का गला दबाना शुरू किया, जबकि किरण ने उसका मुंह कसकर भींच लिया ताकि वह चीख न सके। अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष करते हुए देवेंद्र ने किरण की अंगुली दांतों से बुरी तरह काट ली थी, लेकिन दोनों ने तब तक दबाव बनाए रखा जब तक कि उसकी सांसें नहीं थम गईं। इस अपराध के साबित होने पर अदालत ने किरण को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
दूसरी बंदी पर प्रेमी की पत्नी की जान लेने का आरोप
जेलर के साथ कार में सवार दूसरी महिला बंदी 22 वर्षीय सना है। सना डीडवाना-कुचामन जिले के मकराना थाना क्षेत्र में दर्ज एक सनसनीखेज हत्याकांड में विचाराधीन कैदी है। सना पर आरोप है कि उसने अपने प्रेमी शैफ अली के साथ मिलकर उसकी वैध पत्नी रुबीना की जान ले ली। यह वारदात 24 जुलाई 2023 की है, जब गोदावास इलाके में रुबीना अत्यंत संदिग्ध परिस्थितियों में पूरी तरह अचेत और निढाल पाई गई थी। घबराए परिजन आनन-फानन में उसे लेकर अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। अंतिम संस्कार से पहले परिजनों ने जब मृतका के गले पर खरोंच और दबाए जाने के संदिग्ध निशान देखे, तो उनका माथा ठनका और उन्होंने मकराना थाने में हत्या की आशंका जताते हुए रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस ने तफ्तीश आगे बढ़ाते हुए 28 जुलाई 2023 को इस कत्ल का पर्दाफाश किया।
तलाक से इनकार पर रुबीना का घोंटा गया था दम
मकराना पुलिस की तफ्तीश में सामने आया कि रुबीना के पति शैफ अली और 22 साल की सना के बीच पिछले करीब तीन वर्षों से प्रेम प्रसंग चल रहा था। शैफ अपनी पत्नी रुबीना पर लगातार इस बात का दबाव बना रहा था कि वह उसे तलाक दे दे ताकि वह सना के साथ रह सके, परंतु रुबीना इसके लिए कतई तैयार नहीं थी। इसी विवाद के चलते 24 जुलाई को सना खुद रुबीना के घर पहुंच गई और वहां से फोन करके शैफ को भी बुला लिया। दोनों ने मिलकर रुबीना पर तलाक के कागजात या फैसले पर सहमति देने का भारी दबाव बनाया, लेकिन जब रुबीना ने दो टूक इनकार कर दिया तो दोनों आपा खो बैठे। आरोप है कि इसके बाद सना और शैफ ने मिलकर रुबीना का गला घोंट दिया और वारदात को अंजाम देकर मौके से भाग निकले। इस मामले में सना के खिलाफ अदालत में न्यायिक प्रक्रिया जारी है और वह इसी सिलसिले में जेल में बंद है। दोनों ही मामलों की संगीन प्रकृति को देखते हुए अब यह सवाल गहरा गया है कि जेलर ऐसे खूंखार मामलों की बंदियों को निजी काम के लिए जेल परिसर से बाहर कैसे ले जा सकती थीं।



















