राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। संगठन ने एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर आंदोलन का आह्वान किया है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस कार्यक्रम के लिए आधिकारिक अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया है। इसके बावजूद संगठन के नेताओं द्वारा प्रदर्शन पर अड़े रहने के कारण प्रशासन ने नई दिल्ली जिले की पूरी तरह से किलेबंदी कर दी है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके और कानून-व्यवस्था बनी रहे।
सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए पूरी राजधानी में 26 हजार से ज्यादा पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों की तैनाती की गई है। राजधानी की सुरक्षा को चाक-चौबंद रखने के लिए हर महत्वपूर्ण मोड़ और संवेदनशील इलाके में पहरा बैठा दिया गया है। नई दिल्ली इलाके में विशेष सतर्कता बरती जा रही है, जहां प्रशासनिक और सरकारी प्रतिष्ठान स्थित हैं। पुलिस बल यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि बिना अनुमति के कोई भी भीड़ जंतर-मंतर की ओर कूच न कर सके।
इंटरनेट पाबंदियां और सार्वजनिक परिवहन पर बड़ा असर
सुरक्षा के एहतियाती कदमों के तहत जंतर-मंतर के 4 किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी तौर पर बंद कर दी गई हैं। इसके साथ ही सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में भी व्यापक फेरबदल किए गए हैं। दिल्ली मेट्रो के 45 स्टेशनों पर यात्रियों के प्रवेश और निकास की सुविधा को पूरी तरह बंद कर दिया गया है, जिससे दैनिक यात्रियों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
रेल नेटवर्क पर भी इस स्थिति का सीधा प्रभाव पड़ा है। दिल्ली आने वाली 66 से अधिक ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है, ताकि राजधानी के बाहर से बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के आने की संभावना को रोका जा सके। रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों के आसपास सुरक्षाकर्मियों का कड़ा पहरा है और आने-जाने वाले यात्रियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
सीमाओं पर सघन जांच और बहुस्तरीय बैरिकेडिंग
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर की ओर जाने वाले सभी प्रमुख और संपर्क मार्गों को पूरी तरह सील कर दिया है। प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने वाले रास्तों पर सुरक्षा की दृष्टि से सात परतों (लेयर) की मजबूत बैरिकेडिंग की गई है। दिल्ली में दाखिल होने वाले सभी प्रमुख बॉर्डरों और एंट्री प्वाइंट्स पर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
राजधानी में प्रवेश करने वाली प्रत्येक गाड़ी की बारीकी से जांच की जा रही है और अंदर आने वाले लोगों से उनके आने का उद्देश्य पूछा जा रहा है। दिल्ली की सीमाओं पर ड्रोन कैमरों की मदद से आसमान से भी निगरानी रखी जा रही है। चौराहों और मुख्य सड़कों पर भारी अवरोधक लगाए गए हैं, ताकि प्रदर्शन में शामिल होने के इरादे से आने वाले किसी भी शख्स को पहले ही रोका जा सके।
तकनीकी निगरानी और लाउडस्पीकर से सार्वजनिक घोषणाएं
निगरानी को अत्याधुनिक बनाने के लिए नई दिल्ली जिले के संवेदनशील और अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्रों में 300 से अधिक उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों में ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग की आधुनिक सुविधा मौजूद है, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत और सटीक कार्रवाई की जा सके। इसके अलावा ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को रियल टाइम अपडेट के लिए बॉडी वॉर्मर कैमरों से लैस किया गया है, और लोगों की आवाजाही को दर्ज करने के लिए सैकड़ों वीडियोग्राफरों को तैनात किया गया है।
दिल्ली के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर लाउडस्पीकर लगाए गए हैं, जिनके जरिए लगातार घोषणाएं की जा रही हैं। इन संदेशों के जरिए नागरिकों को स्पष्ट रूप से बताया जा रहा है कि जंतर-मंतर पर आज के प्रदर्शन को कोई अनुमति नहीं मिली है। पुलिस घोषणाओं के जरिए लोगों से अपील कर रही है कि वे विरोध प्रदर्शन के लिए किसी भी स्थान पर एकत्रित न हों, किसी प्रकार की नारेबाजी न करें और सार्वजनिक संपत्ति को किसी भी तरह का नुकसान न पहुंचाएं।
आपराधिक तत्वों की धरपकड़ और 15 जिलों में सख्त निगरानी
सीजेपी के प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने एहतियातन सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने आपराधिक पृष्ठभूमि वाले संदिग्ध लोगों को चिन्हित कर हिरासत में लेना शुरू किया है। इस कार्रवाई के तहत आपराधिक रिकॉर्ड वाले करीब 30 से 40 व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है। इसके अलावा कई लोगों के घरों के बाहर सीधी निगरानी रखी जा रही है।
दिल्ली के सभी 15 जिलों में उन लोगों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है, जो भीड़ जुटाने या दूसरों को इस गैर-अनुमति वाले प्रदर्शन में शामिल होने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। पुलिस तंत्र ऐसे सभी तत्वों की धरपकड़ और निगरानी में जुटा है, जिससे कानून-व्यवस्था में कोई बाधा न उत्पन्न हो सके।
आयोजकों का रुख और युवाओं की प्रतिक्रिया
तमाम पाबंदियों और सुरक्षा इंतजामों के बावजूद कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक सदस्य अभिजीत दीपके जंतर-मंतर पर प्रदर्शन आयोजित करने के अपने फैसले पर कायम हैं। अभिजीत दीपके का कहना है कि यह संघर्ष आर-पार का है और चाहे जो भी परिस्थितियां हों, प्रदर्शन होकर रहेगा। उनका दावा है कि वे अपनी मांगों को लेकर पीछे नहीं हटेंगे।
दूसरी तरफ, इस बार जमीनी हालात में बड़ा बदलाव भी देखने को मिल रहा है। अभिजीत दीपके भले ही विरोध प्रदर्शन की जिद पर अड़े हैं, लेकिन इस बार उनके साथ युवा वर्ग (GenZ) उस तरह से खड़ा दिखाई नहीं दे रहा है, जैसा कि दो महीने पहले जंतर-मंतर पर देखा गया था। युवाओं का मानना है कि सीजेपी इस आंदोलन के जरिए विपक्षी दलों का राजनीतिक एजेंडा आगे बढ़ा रही है, जिसके चलते वे इस बार के प्रदर्शन से दूरी बनाए हुए हैं।



















