राजस्थान के दौसा जिले में प्रशासनिक कामकाज के बीच अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच तनातनी खुलकर सामने आ गई है। जिला कलेक्ट्रेट परिसर में बुधवार को मंत्रालयिक कर्मचारियों ने एकत्र होकर जिला कलेक्टर सौम्या झा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों का आरोप है कि समीक्षा बैठक के दौरान उनके साथ अनुचित व्यवहार किया गया, जिससे नाराज होकर उन्हें आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा।
समीक्षा बैठक के दौरान उपजा विवाद
पूरे घटनाक्रम की शुरुआत मंगलवार को हुई, जब जिला कलेक्टर सौम्या झा ने चुनाव शाखा के कर्मचारियों को अपने कक्ष में तलब किया था। बैठक के दौरान चुनाव संबंधी कार्यों की प्रगति और ढिलाई को लेकर कलेक्टर ने सख्त नाराजगी व्यक्त की। कर्मचारियों का कहना है कि इसी चर्चा के दौरान कथित तौर पर उन्हें 'गेट आउट' कहा गया, दुर्व्यवहार किया गया और विभागीय चार्जशीट थमाने की चेतावनी दी गई।
कर्मचारी की तबीयत बिगड़ने के बाद भड़का रोष
मंगलवार को हुई इस कथित तल्खी के बाद चुनाव शाखा में तैनात कार्मिक सुमित मीणा की तबीयत देर शाम अचानक खराब हो गई। इस घटना से कलेक्ट्रेट के अन्य मंत्रालयिक कर्मचारियों में गहरा रोष फैल गया। इसके विरोध में बुधवार की सुबह कर्मचारी लामबंद होकर कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचे और धरने पर बैठ गए।
कलेक्ट्रेट परिसर में नारेबाजी और तनाव
विरोध प्रदर्शन के दौरान जब जिला कलेक्टर सौम्या झा और अतिरिक्त जिला कलेक्टर (एडीएम) अरविंद शर्मा कलेक्ट्रेट पहुंचे, तो प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने उनके सामने जोरदार नारेबाजी की। कर्मचारियों के इस सामूहिक धरने और विरोध की वजह से कलेक्ट्रेट परिसर में दिनभर प्रशासनिक माहौल गरमाया रहा।





















