राजस्थान के जोधपुर शहर में बहुमंजिला ढांचों की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से अग्निशमन दस्ते को एक अत्याधुनिक आर्टिकुलेटिंग वाटर टावर वैन सौंपी गई है। करीब 9.5 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह विशेष वाहन शहर के तेजी से बढ़ते कंक्रीट के जंगलों, बड़े अस्पतालों और व्यावसायिक केंद्रों में आपात स्थिति से निपटने की क्षमता को कई गुना बढ़ा देगा। हाल के दिनों में घटित आगजनी की घटनाओं के दौरान राहत अभियानों में पेश आई दिक्कतों के समाधान के तौर पर इस आधुनिक मशीन की तैनाती को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
गगनचुंबी मंजिलों तक पहुंचेगा 36 मीटर ऊंचा हाइड्रोलिक बूम
इस आधुनिक दमकल वाहन की सबसे बड़ी विशेषता इसका आर्टिकुलेटिंग हाइड्रोलिक बूम है, जो जमीन से 36 मीटर यानी लगभग 120 फीट की ऊंचाई तक सीधा विस्तार ले सकता है। पारंपरिक दमकल वाहनों के साथ अक्सर ऊंची इमारतों की ऊपरी मंजिलों पर पर्याप्त दबाव के साथ पानी पहुंचाने में समय और श्रम की भारी बर्बादी होती थी। नई प्रणाली के जरिए जमीन पर खड़े-खड़े ही बहुमंजिला परिसरों के ऊपरी तलों पर केंद्रित पानी की तेज धार छोड़ी जा सकेगी। इसके साथ ही वाहन पर स्थापित रिमोट से संचालित रोबोटिक मॉनिटर कर्मियों को सुरक्षित दूरी बनाए रखते हुए पानी या फोम का छिड़काव सटीक कोण पर करने की सहूलियत प्रदान करता है।
थर्मल कैमरे से घने धुएं के बीच भी दिखेगी इंसानी मौजूदगी
अग्निकांड के समय दमघोंटू और अंधकारमय धुएं का गुबार बचाव दलों के लिए सबसे बड़ी रुकावट बनता है, जहां खुली आंखों से भीतर फंसे व्यक्तियों को देख पाना असंभव हो जाता है। इस संकट को दूर करने के लिए वाटर टावर में अत्याधुनिक थर्मल कैमरा फिट किया गया है। यह कैमरा दृश्यता शून्य होने पर भी शरीर के तापमान और गर्मी के आधार पर इमारतों के भीतर फंसे नागरिकों की सटीक स्थिति को स्क्रीन पर दर्शा देता है। इससे राहत दल बिना किसी देरी के प्रभावित हिस्से में दाखिल होकर सीधे लक्षित स्थान पर रेस्क्यू अभियान संचालित कर सकते हैं, जिससे बहुमूल्य जीवन बचाए जा सकेंगे।
दमकलकर्मियों की सुरक्षा के लिए स्वचालित सुरक्षा तंत्र
अभियान के दौरान बचाव कर्मियों की अपनी सुरक्षा भी उतनी ही अहम होती है, जिसे ध्यान में रखते हुए इस मशीन में कई आधुनिक सेंसर्स लगाए गए हैं। अक्सर शहरी इलाकों में राहत कार्य के दौरान ऊपर से गुजरने वाले उच्च क्षमता के बिजली के तार बड़े हादसे का सबब बन जाते हैं। इस वाटर टावर में ऐसा सुरक्षा इंटरलॉक सिस्टम दिया गया है, जो सिर के ऊपर बिजली की लाइनों की मौजूदगी भांपते ही बूम के अनावश्यक संचालन को अपने आप रोक देता है। यह सुरक्षा कवच दमकलकर्मियों को करंट लगने या किसी अन्य अप्रत्याशित तकनीकी दुर्घटना से पूरी तरह महफूज रखता है।
राज्य स्तर पर खरीदे गए तीन विशेष वाहनों में जोधपुर भी शामिल
राजस्थान में अग्नि सुरक्षा ढांचे को नया स्वरूप देने के तहत राज्य स्तर पर कुल तीन ऐसे वाटर टावर वाहन खरीदे गए थे, जिनमें से एक को जोधपुर के बेड़े में तैनात किया गया है। शहर का भौगोलिक दायरा बढ़ने के साथ ही यहां निजी अस्पताल, लक्जरी होटल, शॉपिंग मॉल और ऊंची रिहायशी सोसायटियां लगातार बढ़ रही हैं। हालांकि आधुनिक उपकरण मिलने के बावजूद किसी भी आपातकालीन अभियान की पूर्ण सफलता मौके की जमीनी हकीकत, संकरी गलियों में पहुंच मार्ग और दमकल टीम की त्वरित प्रतिक्रिया पर भी निर्भर करेगी। यह नई तकनीक जोधपुर अग्निशमन विभाग को ऊंचाई वाली आपदाओं से दो-दो हाथ करने के लिए अतिरिक्त आत्मविश्वास और ताकत प्रदान करेगी।




















