राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मानसूनी गतिविधियों के थमने के बाद अब मौसम शुष्क रुख अपनाने लगा है। मौसम विज्ञान केंद्र, जयपुर द्वारा 13 अक्टूबर 2026 के लिए जारी किए गए आधिकारिक अनुमान के मुताबिक, राज्य के अधिकांश अंचलों में आसमान साफ और मौसम सूखा रहने की पूरी संभावना है। हालांकि, उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के वातावरण में कुछ नमी की मौजूदगी के चलते बीकानेर संभाग के सीमित क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही के साथ हल्की बारिश दर्ज की जा सकती है। राहत की मुख्य बात यह है कि पूरे राज्य के किसी भी जिले के लिए मौसम विभाग ने किसी भी प्रकार का अलर्ट जारी नहीं किया है और सभी क्षेत्रों को सुरक्षित ग्रीन जोन में रखा गया है।
पूर्वी राजस्थान के जिलों में धूप और शुष्क वातावरण
मौसम विज्ञान केंद्र, जयपुर के दैनिक विश्लेषण के अनुसार पूर्वी राजस्थान के किसी भी जिले में वर्षा होने की कोई उम्मीद नहीं है। इस अंचल के प्रमुख शहरों जैसे जयपुर, अजमेर, अलवर, दौसा और भरतपुर में मौसम पूरी तरह खुला रहेगा। इसके अतिरिक्त धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर और टोंक जिलों में भी किसी तरह की मौसमी हलचल नहीं देखी जाएगी। हाल ही में गठित नए प्रशासनिक जिलों जैसे कोटपूतली-बहरोड़, खैरथल-तिजारा और डीग में भी दिनभर मौसम के साफ रहने का अनुमान जताया गया है। शेखावाटी अंचल के सीकर और झुंझुनूं जिलों में भी वर्षा के कोई संकेत नहीं हैं, जिससे किसानों और आम नागरिकों को दैनिक गतिविधियों में कोई बाधा नहीं आएगी।
हाड़ौती और मेवाड़ क्षेत्र के जिलों पर नजर डालें तो कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ में भी मौसम साफ रहने की संभावना व्यक्त की गई है। दक्षिणी राजस्थान के आदिवासी बाहुल्य अंचलों जैसे बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, उदयपुर, राजसमंद और नवगठित सलूम्बर जिले में भी मेघ गर्जन या बारिश की कोई संभावना दर्ज नहीं की गई है। ब्यावर और भीलवाड़ा जिलों में भी शुष्क परिस्थितियां प्रभावी रहेंगी। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि पूर्वी संभाग के सभी सूचीबद्ध जिलों में बारिश पर पूरी तरह विराम लग चुका है और वहां किसी प्रकार की चेतावनी लागू नहीं है।
बीकानेर संभाग और उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों में हल्की वर्षा के संकेत
पश्चिमी राजस्थान की भौगोलिक स्थिति को देखें तो यहां 13 अक्टूबर को मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिल सकता है। बीकानेर संभाग के कुछ सीमित पॉकेट्स में बादलों के बरसने की अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। मौसम विभाग के दैनिक बुलेटिन में यह रेखांकित किया गया है कि यहां केवल कहीं-कहीं वर्षा हो सकती है। इसका सीधा अर्थ यह है कि पूरे जिले या समूचे संभाग में मूसलाधार बारिश नहीं होगी, बल्कि कुछ ग्रामीण या शहरी क्षेत्रों में छिटपुट बौछारें गिर सकती हैं।
इसके साथ ही उत्तर-पश्चिमी राजस्थान और इसके समीपवर्ती सीमावर्ती इलाकों में 13 अक्टूबर और 14 अक्टूबर को भी हल्की बूंदाबांदी अथवा छींटे पड़ने का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस पूरे अंचल में मौसमी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। हालांकि बुलेटिन में वर्षा की सटीक मात्रा अथवा जिलेवार विशिष्ट प्रतिशत का अलग से उल्लेख नहीं किया गया है, लेकिन सामान्य जनजीवन पर इसका कोई विपरीत प्रभाव पड़ने की आशंका नहीं है।
जोधपुर, कोटा, उदयपुर और अन्य संभागों की स्थिति
राज्य के अन्य प्रमुख संभागों में मौसम के मिजाज की बात करें तो जोधपुर संभाग के अधिकांश हिस्सों में सूखा मौसम प्रभावी रहेगा। मारवाड़ के मरुस्थलीय इलाकों में तेज धूप खिलने के आसार हैं। उदयपुर संभाग के जिलों में भी अधिकांश जगहों पर मौसम पूरी तरह शांत और शुष्क बना रहेगा। कोटा और अजमेर संभाग के अंतर्गत आने वाले कस्बों और गांवों में भी वर्षा की कोई संभावना नहीं दिखाई दे रही है।
भरतपुर संभाग के विस्तृत भूभाग में भी मौसम शुष्क रहेगा। राजधानी जयपुर के संदर्भ में जारी रिपोर्ट के अनुसार, शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में दिनभर धूप खिली रहेगी। मौसम विज्ञान केंद्र ने इस बुलेटिन में अधिकतम और न्यूनतम तापमान के विशिष्ट आंकड़े जारी नहीं किए हैं, जिसके कारण दिन के पारे और रात की ठंडक के सटीक स्तर का विस्तृत विवरण सामने नहीं आया है। फिर भी, शुष्क हवाओं के चलने से दिन के समय हल्की गर्माहट और देर रात ठंडक का सामान्य मौसमी चक्र जारी रहने का अनुमान है।
राज्यभर में अलर्ट का अभाव और राहत भरा परिदृश्य
मौसम विज्ञान केंद्र, जयपुर के आधिकारिक चेतावनी चार्ट के अनुसार 13 अक्टूबर 2026 के लिए राजस्थान का नक्शा पूरी तरह हरे रंग में अंकित है। तकनीकी रूप से इसका तात्पर्य यह है कि राज्य के पूर्वी और पश्चिमी, दोनों अंचलों के सभी जिलों को 'नो वार्निंग' श्रेणी में रखा गया है। न तो कहीं आकाशीय बिजली चमकने का खतरा है और न ही कहीं तेज अंधड़ या भारी वर्षा का अंदेशा है।
बीकानेर संभाग और उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र को छोड़कर शेष सभी संभागों जैसे जयपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर, जोधपुर और भरतपुर में आने वाले चौबीस घंटों के दौरान खिली धूप और सामान्य वायु प्रवाह के साथ दिन व्यतीत होगा। 13 और 14 अक्टूबर को उत्तर-पश्चिमी राजस्थान में सीमित वर्षा को छोड़कर राज्य का अधिकांश परिदृश्य स्थिर बना रहने वाला है।


















