राजस्थान के जोधपुर जिले की मथानिया नगरपालिका चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरा होने के साथ ही बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। ओसियां की पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा चुनाव अधिकारियों पर सत्तारूढ़ भाजपा के पक्ष में काम करने का आरोप लगाते हुए रिटर्निंग ऑफिसर (RO) कक्ष के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गई हैं। सोमवार दोपहर 3 बजे से शुरू हुआ यह प्रदर्शन पूरी रात जारी रहा, जहां कांग्रेस नेता ने प्रशासनिक परिसर के बाहर ही रात बिताई। मंगलवार सुबह भी उनका धरना जारी रहने से इलाके का सियासी पारा चढ़ा हुआ है।
नामांकन समय सीमा और पक्षपात के आरोप
विवाद की शुरुआत सोमवार दोपहर 3 बजे के आसपास हुई, जो मथानिया नगर निकाय चुनाव के लिए पर्चा दाखिल करने का अंतिम समय था। पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा का आरोप है कि चुनाव प्रशासन ने नियमों को ताक पर रखते हुए भाजपा विधायक भैराराम सियोल और पार्टी के एक प्रत्याशी को निर्धारित समय सीमा खत्म होने के बाद 3 बजकर 5 मिनट पर RO कार्यालय के भीतर जाने की अनुमति दी। उन्होंने दावा किया कि परिसर का मुख्य द्वार बंद होने के बावजूद स्थानीय थानाधिकारी ने स्वयं विधायक को गेट से रिसीव किया और अंदर तक लेकर पहुंचे।
इसके उलट विपक्षी दल के उम्मीदवारों के साथ हुए दुर्व्यवहार का जिक्र करते हुए दिव्या ने प्रशासन पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक तरफ भाजपा नेताओं को समय सीमा के बाद भी प्रवेश दिया गया, वहीं दूसरी तरफ कक्ष के भीतर पहले से मौजूद कांग्रेस प्रत्याशी के साथ अमर्यादित व्यवहार करते हुए उन्हें बाहर कर दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि एक ही कानून और चुनावी नियम के तहत दो अलग-अलग लोगों के लिए दोहरे मानदंड कैसे अपनाए जा सकते हैं। उनका आरोप था कि पूरा प्रशासनिक अमला सत्ता के दबाव में काम कर रहा है।
रातभर चला धरना और सोशल मीडिया संदेश
सोमवार दोपहर नामांकन प्रक्रिया के दौरान शुरू हुए इस हंगामे के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में गहरा रोष फैल गया था। घटना की जानकारी मिलते ही दिव्या मदेरणा तत्काल मथानिया नगरपालिका कार्यालय पहुंचीं और अपने समर्थकों से पूरा घटनाक्रम जाना। इसके तुरंत बाद वे RO कक्ष के मुख्य दरवाजे के सामने जमीन पर धरने पर बैठ गईं। अधिकारियों से कोई संतोषजनक जवाब न मिलने पर उन्होंने पूरी रात वहीं बिताने का फैसला किया और समर्थकों के साथ जमीन पर ही सोईं।
धरने के दौरान दिव्या मदेरणा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लगातार तस्वीरें साझा कर घटनाक्रम की जानकारी दी। सोमवार मध्यरात्रि के बाद करीब 12:59 बजे उन्होंने एक फोटो पोस्ट करते हुए लिखा कि चुनावी प्रक्रिया में हुए भेदभाव के खिलाफ उनकी न्याय की लड़ाई आधी रात को भी जारी है। इसके बाद मंगलवार सुबह 8:53 बजे उन्होंने एक और तस्वीर साझा की और दुष्यंत कुमार की प्रसिद्ध पंक्तियों का उल्लेख करते हुए लिखा कि उनका मकसद सिर्फ हंगामा खड़ा करना नहीं है, बल्कि चुनावी व्यवस्था में निष्पक्षता और बदलाव लाना है।
वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की वार्ता और वीडियोग्राफी की मांग
मंगलवार सुबह मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मथानिया नगरपालिका कार्यालय पहुंचे। वार्ता दल में एडीएम जवाहर सिंह चौधरी, अधिकारी सुरेंद्र सिंह राजपुरोहित और एसीपी नरेंद्र सिंह देवड़ा शामिल थे। इन आला अधिकारियों ने धरने पर बैठी पूर्व विधायक से विस्तार से बातचीत की और मामला शांत कराकर धरना समाप्त करने की अपील की।
बातचीत के दौरान दिव्या मदेरणा अपने रुख पर अड़ी रहीं और प्रशासन पर मिलीभगत के आरोप दोहराए। उन्होंने अधिकारियों के सामने स्पष्ट मांग रखी कि नामांकन के अंतिम क्षणों और 3 बजे के बाद की RO कक्ष की आधिकारिक वीडियोग्राफी सार्वजनिक की जाए। उनका कहना है कि वीडियो फुटेज से यह पूरी तरह साफ हो जाएगा कि भाजपा विधायक किस समय अंदर दाखिल हुए थे। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी तरह की लीपापोती को स्वीकार नहीं किया जाएगा और जब तक निष्पक्ष जांच का आश्वासन नहीं मिलता, लोकतंत्र की रक्षा के लिए उनका विरोध जारी रहेगा।





















