मणिपुर के थौबल जिले के अंतर्गत आने वाले याइरीपोक इलाके के बिष्णुनाहा में कांग्रेस विधायक दल के नेता के. मेघचंद्र के आवास पर एक जोरदार बमबारी की घटना सामने आई है। यह सनसनीखेज हमला गुरुवार की रात को हुआ, जिसने एक बार फिर राज्य में जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मेघचंद्र के जनसंपर्क अधिकारी की तरफ से जारी किए गए आधिकारिक बयान के अनुसार, यह विस्फोटक उनके घर के मुख्य प्रवेश द्वार के बिल्कुल पास फेंका गया था।
घटना का समय और सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई
यह हमला 3 सितंबर को रात लगभग 8:15 बजे के आसपास अंजाम दिया गया। गनीमत यह रही कि इस भयानक धमाके की चपेट में आने से किसी भी व्यक्ति को कोई शारीरिक चोट नहीं आई और सभी सुरक्षित रहे। हालांकि, इस कायराना हमले के पीछे कौन लोग शामिल थे और इसके पीछे उनकी असल मंशा क्या थी, इस बात का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है और पहचान तथा कारण दोनों अज्ञात बने हुए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस बल तुरंत हरकत में आया और भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर एक व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया गया। इस सिलसिले में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और गहराई से आगे की कानूनी जांच की जा रही है।
कांग्रेस नेता की कड़ी प्रतिक्रिया
इस खतरनाक हमले के बाद के. मेघचंद्र ने इस घटना की बेहद कड़े शब्दों में तीव्र निंदा की है। उन्होंने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की है कि इस तरह का बम धमाका एक घनी आबादी वाले आवासीय क्षेत्र के बीचों-बीच हुआ, जिससे कई बेकसूर नागरिकों की जान को खतरा हो सकता था। उन्होंने इस बात पर भी हैरानी जताई और सवाल उठाया कि आखिर इस तरह के जानलेवा हमले के पीछे क्या वजह या मकसद हो सकता है। यह घटना अपने आप में अकेली नहीं है, बल्कि इससे ठीक पहले राज्य में एक अन्य जनप्रतिनिधि को निशाना बनाए जाने का मामला भी सामने आ चुका है, जिससे लोगों में भारी दहशत का माहौल है।
एक हफ्ते के भीतर जनप्रतिनिधि पर दूसरा हमला
यह ताजा घटना ठीक उस समय के आसपास सामने आई है जब इससे कुछ दिन पहले इंफाल पश्चिम जिले के कोंथौजम मामंग लीकाई में सरकारी प्रवक्ता और विधायक सपम रंजन के आवास पर भी एक संदिग्ध ग्रेनेड हमला हुआ था। उस पुरानी घटना के दौरान 28 अगस्त को रात लगभग 1:30 बजे एक संदिग्ध हैंड ग्रेनेड जोरदार तरीके से फटा था, जिससे उनकी पश्चिमी बाहरी दीवार का एक हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। हालांकि, राहत की बात यह रही थी कि उस पहले वाले हादसे में भी किसी भी तरह के जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ था और सभी सुरक्षित रहे थे।
पहले हुए हमले का घटनाक्रम और प्रतिक्रिया
सपम रंजन के घर हुए उस हमले के बाद मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने खुद मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया था और हालात का मुआयना किया था। इसके अलावा, स्थानीय निवासियों ने भी इस हिंसा के खिलाफ कड़ा रोष जताते हुए एक जोरदार धरना-प्रदर्शन आयोजित किया था। सपम रंजन ने भी इस घटना के पीछे छिपे मकसद पर गहरे सवाल उठाए थे। उन्होंने बताया था कि वह हाल ही में दिल्ली की यात्रा पर गए थे जहाँ उन्होंने मणिपुर से जुड़े गंभीर मुद्दों पर केंद्रीय नेताओं के साथ महत्वपूर्ण चर्चाएं की थीं और उनका साफ कहना था कि उनका किसी से कोई निजी बैर या दुश्मनी नहीं है। विधायक ने यह भी स्पष्ट किया था कि इस हमले से पहले उन्हें किसी भी संगठन की ओर से कोई फिरौती की मांग या किसी प्रकार की धमकी नहीं मिली थी।


















