बारां जिले के शाहाबाद और केलवाड़ा पंचायत समिति इलाके की ग्रामीण बस्तियों में बुनियादी स्वच्छता व्यवस्था चरमरा गई है। कई ग्राम पंचायतों में लंबे समय से कचरा उठाव और नाली निकासी का काम ठप पड़ा है, जिसकी वजह से नालियों में गाद और कूड़ा-करकट भर चुका है। घरों से निकलने वाला गंदा पानी सुचारू रूप से बाहर नहीं बह पा रहा और आम रास्तों पर फैल रहा है। रास्तों पर भारी कीचड़ और असहनीय दुर्गंध जमा होने के चलते पूरे इलाके में मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ गया है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका लगातार गहराती जा रही है।
सड़क पर बहता गंदा पानी और राहगीरों की मुश्किलें
क्षेत्र की ग्राम पंचायतों के विभिन्न वार्डों में स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। नालियों की लगातार उपेक्षा होने के कारण उनके भीतर भारी मात्रा में कचरा जमा हो चुका है। जब भी बारिश होती है या घरों से पानी की निकासी होती है, तो यह नालियों के बंद होने की वजह से सीधे सड़कों और सार्वजनिक गलियों में उफन पड़ता है। इसके परिणामस्वरूप मुख्य आवागमन वाले रास्तों पर कीचड़ के बड़े-बड़े ढेर लग गए हैं। पैदल चलने वालों के लिए इन रास्तों से निकलना बेहद जोखिम भरा हो चुका है, खासकर बुजुर्गों और छोटे बच्चों को रोजाना फिसलने का डर सताता रहता है। कीचड़ और फिसलन के कारण कई दोपहिया वाहन चालक अनियंत्रित होकर गिर चुके हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि प्रशासन ने तुरंत सुध नहीं ली, तो आने वाले दिनों में यह संकट और विकराल रूप धारण कर लेगा।
कूड़ेदानों से बाहर बिखर रहा कचरा और नियमित सफाई की मांग
ग्रामीणों की सहूलियत के लिए वार्डों में जगह-जगह कचरा पात्र स्थापित किए गए थे, लेकिन जमीनी स्तर पर उनकी नियमित खाली करने की व्यवस्था दम तोड़ चुकी है। कचरा पात्र पूरी तरह भर जाने के बाद लंबे समय तक पड़े रहते हैं और हवा तथा आवारा पशुओं के कारण उनके चारों तरफ गंदगी का अंबार लग जाता है। नियमित उठाव न होने से चारों तरफ असहनीय बदबू फैल रही है और मच्छर पनप रहे हैं। इस बदहाली से त्रस्त ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। ग्रामीणों का कहना है कि नालियों की तलीझाड़ सफाई कराई जाए, कचरा पात्रों से रोजाना कूड़ा उठाया जाए और रास्तों पर ठहरे हुए गंदे पानी की निकासी के स्थायी प्रबंध किए जाएं। लोगों ने साफ तौर पर कहा कि साफ-सफाई को केवल कभी-कभार चलने वाले अभियान तक सीमित रखने के बजाय इसे रोजमर्रा की नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
प्रशासनिक टेंडर अटके, लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों पर कार्रवाई की तैयारी
सफाई व्यवस्था के इस संकट पर विकास अधिकारी रामविलास मीणा ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि शाहाबाद-केलवाड़ा पंचायत समिति क्षेत्र की कई पंचायतों में स्वच्छता कार्य के टेंडर अब तक पूरे नहीं हो सके हैं। दूसरी ओर, कुछ ग्राम पंचायतों में निविदा प्रक्रिया संपन्न हो चुकी है और वहां अधिकृत ठेकेदारों के जरिए सफाई कार्य संचालित करवाया जा रहा है। विकास अधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि जिन पंचायतों में टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां यदि ठेकेदारों द्वारा सफाई में कोताही बरती जा रही है, तो उन्हें तुरंत नोटिस जारी किए जाएंगे। यदि सुधार नहीं हुआ, तो नियमों के तहत संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी प्रभावित पंचायतों में स्वच्छता व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए जरूरी कदम जल्द उठाए जाएंगे।


















