हंगेरियन फ़ोरिंट की हालिया मजबूती ने घरेलू स्तर पर मूल्य वृद्धि के दबाव को नियंत्रित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हंगरी में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक उम्मीद से कम रहने के बाद यूरो और हंगेरियन फ़ोरिंट की विनिमय दर अपने 50 दिवसीय मूविंग एवरेज से वापस उछली है। मुद्रास्फीति की दर अगस्त के 1.3 प्रतिशत से बढ़कर सितंबर में 1.6 प्रतिशत दर्ज की गई, जो हंगरी के केंद्रीय बैंक एमएनबी के आधिकारिक लक्ष्य से 1.4 प्रतिशत अंक कम है। फ़ोरिंट की मजबूत स्थिति ने आयातित लागतों को सीमित किया है, जिससे देश के भीतर अंतर्निहित मूल्य रुझान काफी हद तक नियंत्रित बने हुए हैं।
फ़ोरिंट बॉन्ड में तेजी और यूरो अपनाने की तैयारी
तकनीकी चार्ट पर EUR/HUF की दर 364.55 के स्तर पर स्थित अपने 50-दिवसीय मूविंग एवरेज से संभली है, जो मुद्रास्फीति के आंकड़ों के सार्वजनिक होने के तुरंत बाद देखने को मिली। वित्त मंत्री करमन ने संकेत दिया है कि जब सरकार मध्य अक्टूबर में अपना आगामी बजट और यूरो अपनाने की व्यापक योजना प्रस्तुत करेगी, तब हंगेरियन सरकारी बॉन्ड यानी HUFGBs में एक मजबूत तेजी देखी जा सकती है। इसके साथ ही एमएनबी के डिप्टी गवर्नर कुराली ने स्पष्ट किया है कि हंगरी द्वारा सभी साझा वित्तीय मानकों और मानदंडों को पूरा किए जाने के ठीक दो साल बाद देश में यूरो को आधिकारिक रूप से अपनाया जा सकता है। इन नीतिगत कदमों से स्थानीय ऋण बाज़ार में नए निवेशकों के जुड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर की मजबूती से प्रमुख मुद्राओं पर असर
वैश्विक विदेशी मुद्रा पटल पर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नए सिरे से आई तेजी ने डॉलर की मांग को फिर से बढ़ा दिया है। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी 0.7000 के स्तर से नीचे नकारात्मक दायरे में संघर्ष करती दिखी। रिज़र्व बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया की ओर से ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख की उम्मीदों के बावजूद यह मुद्रा जोड़ी दबाव झेल रही है, क्योंकि बाज़ार प्रतिभागी एफओएमसी मिनट्स की प्रतीक्षा कर रहे हैं। वहीं जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर 158.50 के करीब डेढ़ सप्ताह के उच्च स्तर पर बना हुआ है। बैंक ऑफ़ जापान के नरम बयानों और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में उछाल के चलते डॉलर-येन के खरीदार अब 200-दिवसीय एसएमए बाधा को पार करने की दिशा में देख रहे हैं।
सोने, कच्चे तेल और क्रिप्टो बाज़ार में भारी उतार-चढ़ाव
अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में लगातार हो रहे विस्तार ने सुरक्षित निवेश मानी जाने वाली संपत्तियों को भी प्रभावित किया है। सोने की कीमतों में करीब 1.20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, क्योंकि ट्रेडर साल के अंत से पहले एक और संभावित ब्याज दर वृद्धि के संकेतों के लिए एफओएमसी मिनट्स का इंतजार कर रहे हैं। दूसरी ओर यूरोप में जोखिम धारणा लगातार कमजोर हो रही है, जिससे ब्रेंट क्रूड ऑयल 102 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। यूरोपीय शेयर सूचकांकों में बिकवाली गहरी हो गई है और सोने का भाव 1 प्रतिशत से अधिक लुढ़क चुका है। डिजिटल संपत्तियों में भी बड़ा सुधार देखा जा रहा है। बिटकॉइन 87,200 डॉलर के आपूर्ति क्षेत्र से नीचे आने के बाद दबाव में है। इसी प्रकार एथेरियम फिसलकर 2,600 डॉलर के प्रमुख समर्थन स्तर की ओर बढ़ रहा है और रिपल का भाव 1.45 डॉलर के मांग क्षेत्र के पास अपनी गिरावट का दायरा बढ़ा रहा है।
केंद्रीय बैंकों की चुनौतियां और ईसीबी का नीतिगत संकट
यूरोपीय सेंट्रल बैंक के सामने मौद्रिक नीति को लेकर एक गंभीर असमंजस की स्थिति बन गई है। सामान्य परिस्थितियों में जब मुद्रास्फीति केंद्रीय बैंक के निर्धारित लक्ष्य से लगभग दोगुनी रफ्तार से चल रही हो, तो ब्याज दरों में सीधी बढ़ोतरी ही प्राथमिक उपाय होता है। वर्तमान में बॉन्ड बाज़ार स्वयं ही वित्तीय स्थितियों को सख्त बनाने का आधा काम कर रहा है, जिसके चलते नीति निर्माताओं को कड़े वित्तीय वातावरण और मंदी के जोखिमों के बीच संतुलन साधना पड़ रहा है। लाइव बाज़ार संकेतकों के अनुसार यूरो और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी 1.12 के स्तर पर स्थिर है, जो पिछले बंद स्तर से 0.32 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाती है। इसका 52 सप्ताह का दायरा 1.12 से 1.20 के बीच रहा है। तकनीकी विश्लेषण में 14 दिवसीय आरएसआई 14 के स्तर पर अत्यधिक बिकवाली दर्शा रहा है और मूविंग एवरेज में डेथ क्रॉस बना हुआ है। यदि यह दबाव बरकरार रहता है, तो आगामी फेडरल रिज़र्व और ईसीबी की नीतियां बाज़ार की दिशा तय करने में निर्णायक साबित होंगी।






















