राजस्थान के सिरोही जिले में एक स्थानीय आंगनवाड़ी केंद्र में भोजन करने के बाद कई छोटे बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। यह गंभीर मामला सिरोही के मनोरा गांव का है, जहां आंगनवाड़ी केंद्र पर खाना खाने के तुरंत बाद बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ा। भोजन करने के कुछ ही समय बाद बच्चों को तेज उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी, जिससे पूरे गांव में हड़कंप मच गया और बच्चों के अभिभावक बेहद चिंतित हो गए।
अस्पताल में भर्ती और डॉक्टरों की त्वरित कार्रवाई
बच्चों की बिगड़ती हालत को देखकर घबराए माता-पिता ने बिना कोई समय गंवाए तुरंत एम्बुलेंस बुलाई। कुल 6 से 7 बच्चों को तुरंत सिरोही के सरकारी अस्पताल के आपातकालीन विभाग में ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने पर वहां मौजूद डॉक्टरों की टीम ने बिना देरी किए सभी बच्चों का प्राथमिक उपचार शुरू किया, जिससे उनकी गंभीर स्थिति को जल्द ही नियंत्रित किया जा सका।
प्राथमिक चिकित्सा मिलने के बाद जब बच्चों की सेहत में थोड़ा सुधार हुआ, तो उन्हें ट्रॉमा सेंटर से सामान्य बाल रोग वार्ड में भेज दिया गया। अस्पताल में उपचाराधीन बच्चों में पायल, व्यंग, हर्षिता, आयुष और महेश प्रमुख रूप से शामिल हैं। चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार, सभी बच्चों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर और पूरी तरह स्थिर बनी हुई है। हालांकि, बीमारी के असली कारणों का पता लगाने के लिए उनकी आवश्यक जांचें की जा रही हैं और बाल रोग विशेषज्ञ लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं।
भोजन की गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल और परिजनों का आक्रोश
इस घटना के बाद सरकारी आंगनवाड़ी केंद्रों में मिलने वाले भोजन की स्वच्छता और गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित बच्चों के परिजनों ने केंद्र की इस लापरवाही पर गहरा रोष व्यक्त किया है। अस्पताल में मौजूद माता-पिता ने अपनी चिंता साझा करते हुए कहा कि वे पूरे भरोसे के साथ अपने मासूम बच्चों को आंगनवाड़ी भेजते हैं, ताकि उन्हें सुरक्षित और पौष्टिक आहार मिल सके। लेकिन उन्हें यह भी नहीं पता कि केंद्र पर बच्चों को क्या खाने या पीने के लिए दिया गया था जिससे उनकी यह स्थिति हुई। प्रशासन ने इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और बच्चों के बीमार होने की वास्तविक वजह प्रयोगशाला की विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।


















