राजस्थान के झालावाड़ जिले में एक अत्यंत हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां महज 12 घंटे के भीतर दो सगे भाइयों की साइलेंट हार्ट अटैक के कारण मौत हो गई। इस दोहरे वज्रपात से पूरे इलाके में मातम पसर गया है। पीड़ित परिवार अभी एक भाई की मौत के सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि दूसरे भाई की अचानक मौत ने पूरे गांव को गहरे शोक में डुबो दिया है।
गुरुवार और शुक्रवार को हुआ दर्दनाक हादसा
यह दुखद सिलसिला झालावाड़ के अकलेरा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ल्हास गांव में शुरू हुआ। गुरुवार देर रात बड़े भाई मांगीलाल जाटव की तबीयत अचानक बहुत खराब हो गई। घबराए हुए परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर भागे, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुक्रवार की सुबह बेहद गमगीन माहौल में परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों ने मांगीलाल का अंतिम संस्कार किया।
लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करने के बाद जब परिजन और ग्रामीण दोपहर में घर वापस लौटे, तो छोटे भाई रामबिलास जाटव की सेहत भी अचानक बिगड़ने लगी। परिवार के लोग बिना कोई समय गंवाए उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी सांसें थम चुकी थीं और डॉक्टरों ने उन्हें भी मृत घोषित कर दिया। दोनों भाइयों की मौत की शुरुआती वजह साइलेंट हार्ट अटैक बताई गई है।
दो महीने के भीतर तीन बेटों को खोया
इस अभागे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटने का यह कोई पहला मामला नहीं है। परिजनों ने बताया कि महज दो महीने पहले ही उन्होंने अपने एक और बेटे को खोया था। इसी साल जुलाई में तीसरे भाई चैनसिंह जाटव की भी हार्ट अटैक की वजह से मौत हो गई थी। अब मांगीलाल और रामबिलास की असमय मृत्यु के बाद, इस परिवार ने सिर्फ दो महीने के भीतर अपने तीन बेटों को हमेशा के लिए खो दिया है। एक के बाद एक तीन जवानों की मौत से पूरा परिवार गहरे सदमे और मानसिक आघात में है।
भविष्य की चिंता और गांव में पसरा सन्नाटा
रामबिलास जाटव की मौत ने परिवार के सामने न केवल भावनात्मक बल्कि व्यावहारिक मुश्किलें भी खड़ी कर दी हैं। रिश्तेदारों के मुताबिक, रामबिलास का कोई बेटा नहीं है, जिससे अब परिवार के भरण-पोषण और भविष्य को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं। कुछ ही हफ्तों के अंतराल में तीन सगे भाइयों की मौत से पूरा ल्हास गांव स्तब्ध है। गांव के हर कोने में केवल शोक का माहौल है और ढाढस बंधाने पहुंचने वाले लोगों की आंखें भी नम हैं।


















