राजस्थान के श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय स्थित एक घर में उस वक्त अचानक अफरा-तफरी मच गई, जब वहां खड़ी एक स्कूटी के अंदर जहरीला सांप छिपा हुआ पाया गया। वाहन के भीतर बेबी कोबरा को देखने के बाद परिवार के सदस्यों में भारी डर और दहशत का माहौल बन गया। यह बेबी कोबरा करीब चार घंटे तक स्कूटी के आंतरिक हिस्सों में फंसा रहा, जिससे पूरे घर में अनहोनी की आशंका बनी रही। घटना की गंभीरता को देखते हुए परिजनों ने बिना देरी किए तुरंत विशेषज्ञ रेस्क्यू टीम को संपर्क कर इसकी सूचना दी।
रेस्क्यू टीम का त्वरित एक्शन और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम बिना कोई समय गंवाए मौके पर पहुंची। घटनास्थल पर पहुंचकर टीम के सदस्यों ने सबसे पहले स्थिति का जायजा लिया और सुरक्षा संबंधी प्राथमिक कदम उठाए। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए टीम ने स्कूटी को एक खुले और सुरक्षित स्थान पर खड़ा करवाया। इसके साथ ही, वहां उत्सुकता में जमा हो रहे आसपास के पड़ोसियों और स्थानीय लोगों को वाहन से उचित दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए गए ताकि रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान किसी को भी खतरा न हो।
सांप के स्कूटी के अलग-अलग पुर्जों और संكره हिस्सों में छिपे होने की पूरी संभावना थी, जिसके कारण उसे बाहर निकालना बेहद चुनौतीपूर्ण काम बन गया था। बेबी कोबरा वाहन के एक ऐसे बारीक हिस्से में बैठा हुआ था, जहां बिना किसी नुकसान के पहुंचना काफी कठिन था। ऐसे में रेस्क्यू टीम ने किसी भी प्रकार की जल्दबाजी दिखाने के बजाय अत्यधिक धैर्य और सतर्कता का परिचय दिया। टीम ने स्कूटी के विभिन्न हिस्सों की बारीकी से जांच-पड़ताल की और कड़ी मशक्कत के बाद अंततः सांप की सही लोकेशन का पता लगाने में सफलता हासिल की।
4 घंटे की दहशत के बाद परिजनों ने ली राहत की सांस
पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान परिवार के लोग काफी डरे हुए थे और दूर खड़े होकर हर पल की कार्रवाई पर अपनी नजरें बनाए हुए थे। रेस्क्यू टीम ने अपनी सूझबूझ और पेशेवर अनुभव के आधार पर बिना किसी को चोट पहुंचाए या नुकसान पहुंचाए बेबी कोबरा को सुरक्षित तरीके से वाहन से बाहर निकाल लिया। इस पूरे अभियान के दौरान किसी भी व्यक्ति या जीव को कोई क्षति नहीं पहुंची। सांप को सुरक्षित रूप से अपने कब्जे में लेने के पश्चात टीम उसे वहां से ले गई और उसके अनुकूल प्राकृतिक वातावरण में छोड़ दिया।
सांप के सफलतापूर्वक जंगल में छोड़े जाने और खतरे के पूरी तरह टल जाने के बाद ही परिवार के लोगों ने राहत की सांस ली। समय रहते दी गई सूचना और विशेषज्ञ रेस्क्यू टीम की त्वरित सूझबूझ के चलते एक बड़ा हादसा होने से बच गया। इस घटना ने यह महत्वपूर्ण संदेश भी दिया है कि घर या किसी भी वाहन में यदि कोई जहरीला सांप अथवा वन्यजीव दिखाई दे, तो उस स्थिति में घबराने या खुद से कोई कदम उठाने के स्थान पर तुरंत प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम से सहायता मांगनी चाहिए।



















