1966 से जौहरी बाजार में जमी टेबल: 76 साल के नारायण शर्मा रोलेक्स से लेकर एचएमटी तक को देते हैं नई सांसगणेश चतुर्थी से पहले हैदराबाद का धूलपेट बना विशाल वर्कशॉप, 20 फीट तक की बप्पा की मूर्तियों की दक्षिण भारत में बढ़ी मांगसंयुक्त राष्ट्र पहुंचे ब्रिटेन के 70 से अधिक सांसद, पीओके में हिंसा रोकने और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए एंटोनियो गुटेरेस को लिखा पत्रबिना खोया के घर पर बनाएं रसीले ब्रेड गुलाब जामुन, जानें बनाने का तरीकाबाथरूम के शॉवर में कम आ रहा पानी, इस एक चीज से मिनटों में साफ होगी लाइमस्केल की परतसीतामढ़ी के बाजितपुर में कोचिंग से लौटी तीन छात्राओं की बिगड़ी हालत, दो की जान गई और एक नाजुकहरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा 2025 के नतीजे घोषित, 31,847 अभ्यर्थी हुए सफल; ऐसे डाउनलोड करें स्कोरकार्डगाजियाबाद के खोड़ा में पारिवारिक कलह बनी खूनी, राजा अंसारी ने पत्नी और बेटी की हत्या की, दूसरी बच्ची घायलजयपुर में ऑल इंडिया आयुष पीजी परीक्षा के दौरान बिजली गुल, पावर बैकअप न होने पर केंद्र पर हंगामाबेंगलुरु एयरपोर्ट से सफर करना हुआ सस्ता, AERA ने यूजर डेवलपमेंट फीस में की भारी कटौती
आगरा के पास रुनकता में स्थित है शनिदेव का प्राचीन और चमत्कारी मंदिरधर्म
8 जुल॰ 2026, 8:33 am (45 दिन पहले)· 2

आगरा के पास रुनकता में स्थित है शनिदेव का प्राचीन और चमत्कारी मंदिर

आगरा के रुनकता गांव में यमुना के तट पर स्थित शनिदेव का यह प्राचीन मंदिर अपनी अष्टधातु की प्रतिमा और चमत्कारी मान्यताओं के लिए दूर-दूर तक प्रसिद्ध है।

उत्तर प्रदेश का आगरा शहर न केवल अपने ऐतिहासिक स्मारकों और मुगलकालीन धरोहरों के लिए दुनिया भर में मशहूर है, बल्कि यह स्थान अपनी गहरी आध्यात्मिक जड़ों के लिए भी जाना जाता है। आगरा की भूमि पर कई ऐसे प्राचीन स्थल मौजूद हैं जो श्रद्धा और विश्वास का बड़ा केंद्र बने हुए हैं। आज हम आपको एक ऐसे ही अद्भुत मंदिर के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं, जिसे भक्त शनिदेव महाराज का एक चमत्कारी धाम मानते हैं।

रुनकता में यमुना किनारे स्थित है शनि धाम

यह मंदिर आगरा शहर से लगभग 14 किलोमीटर की दूरी पर रुनकता नामक गांव के निकट स्थित है। यमुना नदी के पावन तट पर बना यह शनिदेव मंदिर अपनी शांति और पवित्रता के लिए भक्तों के बीच काफी लोकप्रिय है। इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यहां स्थापित शनिदेव महाराज की मूर्ति है, जो अष्टधातु से निर्मित है। मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष शैलेन्द्र सिंह सिकरवार के अनुसार, यह मंदिर बेहद प्राचीन है और इसकी महिमा का प्रभाव दूर-दराज के क्षेत्रों तक फैला हुआ है।

ये भी पढ़ें

सात शनिवार की साधना से पूर्ण होती हैं मनोकामनाएं

शनिदेव मंदिर की ख्याति का मुख्य कारण यहां जुड़ी एक विशेष मान्यता है। मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष शैलेन्द्र सिंह सिकरवार ने स्पष्ट किया कि जो भी श्रद्धालु लगातार सात शनिवार तक पूरे सच्चे मन और श्रद्धा के साथ शनिदेव महाराज को तेल अर्पित करता है, उसकी हर मनोकामना अवश्य पूरी होती है। इसी अद्भुत मान्यता के कारण हर शनिवार को यहां हजारों की संख्या में भक्तों का सैलाब उमड़ता है। लोग अपनी दुखों और इच्छाओं को लेकर यहां आते हैं और पूरी श्रद्धा के साथ शनिदेव की पूजा-अर्चना करते हैं।

भक्तों के अनुभव और आस्था का केंद्र

मंदिर प्रबंधन का मानना है कि यहां आने वाला कोई भी भक्त खाली हाथ नहीं लौटता है। शैलेन्द्र सिंह सिकरवार बताते हैं कि कई श्रद्धालुओं ने उनसे साझा किया है कि शनिदेव महाराज की कृपा से उनका जीवन बदल गया है और उनकी समस्याएं दूर हुई हैं। यमुना के किनारे स्थित होने की वजह से इस स्थान का वातावरण अत्यंत शांत रहता है, जहां श्रद्धालु घंटों तक बैठकर ध्यान और पूजा-पाठ कर सकते हैं। जब भक्तों की मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं, तो वे अपनी कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए मंदिर परिसर में भंडारे और धार्मिक आयोजन भी करवाते हैं। शनिदेव महाराज के प्रति इसी अटूट विश्वास के कारण, चाहे कितनी भी दूर से क्यों न हो, भक्त दर्शन के लिए आगरा के इस रुनकता गांव तक खिंचे चले आते हैं। यहाँ की आस्था का प्रमाण उन हजारों की भीड़ से मिलता है जो विशेष रूप से शनिवार के दिन यहाँ शनिदेव महाराज का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए एकत्र होती है।

सवाल-जवाब

आगरा में यह मंदिर कहां स्थित है?
यह मंदिर आगरा शहर से करीब 14 किलोमीटर दूर रुनकता गांव में यमुना के किनारे स्थित है।
मंदिर की प्रतिमा किस धातु से बनी है?
मंदिर में स्थापित शनिदेव महाराज की प्रतिमा अष्टधातु से बनी हुई है।
यहां मनोकामना पूरी होने के लिए क्या करना होता है?
मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, लगातार सात शनिवार तक सच्चे मन से शनिदेव महाराज को तेल अर्पित करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
इस मंदिर में सबसे अधिक भीड़ किस दिन होती है?
शनिदेव महाराज के दर्शन के लिए शनिवार के दिन यहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR