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अजमेर के पुष्कर रोड पर 250 साल पुराना मंदिर, यहां आज भी बाबा को धूणी वाले रामदेव जी के नाम से पूजते हैंधर्म
7 जुल॰ 2026, 6:32 pm (85 दिन पहले)· 3

अजमेर के पुष्कर रोड पर 250 साल पुराना मंदिर, यहां आज भी बाबा को धूणी वाले रामदेव जी के नाम से पूजते हैं

अजमेर के पुष्कर रोड पर स्थित करीब 250 साल पुराना यह मंदिर पांच गांव के धूणी वाले रामदेव जी के नाम से मशहूर है, जहां भादवा माह में हजारों श्रद्धालु जुटते हैं।

राजस्थान की धार्मिक नगरी अजमेर में पुष्कर रोड पर एक ऐसा मंदिर है जिसकी उम्र करीब 250 साल आंकी जाती है और स्थानीय लोग आज भी इसे उसी पुराने नाम से पुकारते हैं। इस मंदिर को पांच गांव के धूणी वाले रामदेव जी के नाम से जाना जाता है और यह बरसों से अजमेर शहर के साथ-साथ आसपास के गांवों की धार्मिक आस्था का बड़ा केंद्र बना हुआ है।

मंदिर के पुजारी विष्णु प्रसाद शास्त्री के मुताबिक बुजुर्ग श्रद्धालु आज भी इस स्थान को धूणी वाले रामदेव जी के नाम से ही पहचानते हैं। उनका कहना है कि दशकों पहले यहां सिर्फ बाबा रामदेव जी के ही दर्शन होते थे, लेकिन वक्त के साथ मंदिर परिसर का विस्तार किया गया। इस विस्तार के बाद परिसर पहले से कहीं ज्यादा भव्य और आकर्षक हो गया है और अब एक ही परिसर में भक्तों को कई देवी-देवताओं के दर्शन एक साथ मिलते हैं। यही वजह है कि हर दिन बड़ी तादाद में श्रद्धालु सच्चे मन से यहां पूजा-अर्चना करने पहुंचते हैं, क्योंकि मान्यता है कि बाबा रामदेव जी के दरबार में मांगी हर मनोकामना पूरी होती है।

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पुजारी विष्णु प्रसाद शास्त्री बताते हैं कि मंदिर में साल भर छोटे-बड़े धार्मिक आयोजन होते रहते हैं, लेकिन भादवा माह का महत्व सबसे अलग माना जाता है। इस दौरान मंदिर परिसर में विशाल जागरण और भजन संध्या का आयोजन किया जाता है, जिसमें राजस्थान के साथ-साथ दूसरे राज्यों से भी हजारों श्रद्धालु शामिल होने पहुंचते हैं। भजन संध्या के दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्ति संगीत, जगमगाते दीयों और भक्तों के जयकारों से पूरी तरह भक्तिमय हो उठता है।

कैसे पहुंचें मंदिर तक

अगर कोई श्रद्धालु अजमेर की धार्मिक यात्रा पर जाने की योजना बना रहा है, तो इस मंदिर के दर्शन जरूर करने चाहिए। यह मंदिर अजमेर रेलवे स्टेशन से करीब 7 किलोमीटर की दूरी पर पुष्कर रोड पर स्थित है और यहां तक बस, टेंपो, ऑटो और ई-रिक्शा जैसे साधनों से आसानी से पहुंचा जा सकता है। मंदिर की प्राचीन आस्था, शांत और सौम्य वातावरण तथा भव्य परिसर इसे सिर्फ श्रद्धालुओं ही नहीं बल्कि आम पर्यटकों के लिए भी एक खास धार्मिक ठिकाना बनाते हैं।

सवाल-जवाब

यह मंदिर कितना पुराना है?
यह मंदिर लगभग 250 वर्ष पुराना है।
इस मंदिर को किस नाम से जाना जाता है?
इसे पांच गांव के धूणी वाले रामदेव जी के नाम से जाना जाता है।
मंदिर के पुजारी कौन हैं?
मंदिर के पुजारी विष्णु प्रसाद शास्त्री हैं।
मंदिर में सबसे खास आयोजन कब होता है?
भादवा माह में यहां विशाल जागरण और भजन संध्या का आयोजन होता है, जिसमें राजस्थान सहित कई राज्यों से श्रद्धालु आते हैं।
मंदिर तक कैसे पहुंचा जा सकता है?
मंदिर अजमेर रेलवे स्टेशन से करीब 7 किलोमीटर दूर पुष्कर रोड पर है और यहां बस, टेंपो, ऑटो व ई-रिक्शा से पहुंचा जा सकता है।
क्या मंदिर में सिर्फ बाबा रामदेव जी के ही दर्शन होते हैं?
नहीं, समय के साथ मंदिर परिसर का विस्तार हुआ है और अब यहां कई देवी-देवताओं के दर्शन एक साथ किए जा सकते हैं।
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