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रक्षा पंचमी कब है और क्या है 1 सितंबर 2026 का शुभ मुहूर्त व राहुकालधर्म
31 अग॰ 2026, 4:38 pm (50 मिनट पहले)· 2

रक्षा पंचमी कब है और क्या है 1 सितंबर 2026 का शुभ मुहूर्त व राहुकाल

भाद्रपद कृष्ण पक्ष की चतुर्थी और पंचमी तिथि के मिलन के साथ 1 सितंबर 2026 को रक्षा पंचमी का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन के सभी शुभ मुहूर्तों, नक्षत्र योगों और प्रमुख शहरों के राहुकाल की पूरी जानकारी यहाँ देखें।

सितंबर महीने की शुरुआत के साथ ही धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कई योग और तिथियां आ रही हैं। 1 सितंबर 2026 को भाद्रपद कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि और मंगलवार का दिन है। इस दिन तिथियों के क्रम के अनुसार सुबह 7 बजकर 42 मिनट तक चतुर्थी तिथि रहेगी और उसके तुरंत बाद पंचमी तिथि का आरंभ हो जाएगा। इस विशेष दिन पर कई शुभ संयोग बन रहे हैं जो धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा-पाठ के लिए अत्यंत फलदायी माने गए हैं।

01 सितंबर 2026 का पंचांग

पंचांग के अनुसार 1 सितंबर 2026 को कई महत्वपूर्ण योग और नक्षत्रों का प्रभाव रहेगा। इस दिन भाद्रपद कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि सुबह 7 बजकर 42 मिनट तक है जिसके उपरांत पंचमी तिथि शुरू हो जाएगी। इसके साथ ही अश्विनी नक्षत्र का प्रभाव देर रात 2 बजकर 43 मिनट तक बना रहेगा। इसके अलावा रात 11 बजकर 39 मिनट तक वृद्धि योग का साया रहेगा। इन सभी संयोगों के बीच इस दिन रक्षा पंचमी का पर्व भी मनाया जाएगा जो अपने आप में विशेष महत्व रखता है।

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01 सितंबर 2026 का शुभ समय

दिनभर के कार्यों को बिना किसी बाधा के पूरा करने के लिए शुभ मुहूर्तों का विशेष ध्यान रखा जाता है। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:51 बजे से 05:37 बजे तक रहेगा और प्रातः सन्ध्या सुबह 05:14 बजे से 06:23 बजे तक मान्य होगी। दिन के समय अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:13 बजे से दोपहर 01:03 बजे तक और विजय मुहूर्त दोपहर 02:43 बजे से दोपहर 03:33 बजे तक रहेगा। संध्याकाल के समय गोधूलि मुहूर्त शाम 06:53 बजे से शाम 07:16 बजे तक और सायाह्न सन्ध्या शाम 06:53 बजे से रात 08:02 बजे तक निर्धारित की गई है। इसके अलावा अमृत काल शाम 07:42 बजे से रात 09:15 बजे तक रहेगा। सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग दोनों ही सुबह 06:23 बजे से शुरू होकर अगले दिन यानी 2 सितंबर को देर रात 02:42 बजे तक प्रभावी रहेंगे।

प्रमुख शहरों में राहुकाल का समय

ज्योतिष शास्त्र में राहुकाल के दौरान किसी भी नए या मांगलिक कार्य को शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है। 1 सितंबर को अलग-अलग शहरों में राहुकाल का समय इस प्रकार रहेगा। दिल्ली में दोपहर बाद 03:32 बजे से 05:07 बजे तक राहुकाल रहेगा। मुंबई में यह समय दोपहर बाद 03:46 बजे से 05:20 बजे तक रहेगा। चंडीगढ़ में दोपहर बाद 03:34 बजे से 05:10 बजे तक और लखनऊ में दोपहर बाद 03:16 बजे से 04:51 बजे तक राहुकाल का समय तय किया गया है। भोपाल में दोपहर बाद 03:29 बजे से 05:03 बजे तक, कोलकाता में दोपहर 02:45 बजे से 04:19 बजे तक, अहमदाबाद में दोपहर बाद 03:48 बजे से 05:22 बजे तक और चेन्नई में दोपहर बाद 03:14 बजे से 04:47 बजे तक राहुकाल रहेगा।

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

दिन की शुरुआत और संध्या के समय के निर्धारण के लिए सूर्य की स्थिति अहम होती है। 1 सितंबर को सूर्योदय सुबह 05:58 बजे होगा और सूर्यास्त शाम 06:42 बजे दर्ज किया जाएगा। इन समयों के आधार पर दैनिक कार्यों और पूजा के कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा सकती है।

रक्षा पंचमी का महत्व और नियम

मंगलवार के दिन रक्षा पंचमी का पर्व मनाया जा रहा है जिसे रेखा पंचमी या शांति पंचमी के नाम से भी जाना जाता है। इस त्योहार की परंपरा के अनुसार यह हर साल रक्षाबंधन के ठीक पांचवें दिन आता है। चूंकि मंगलवार को सुबह 7 बजकर 42 मिनट पर चतुर्थी समाप्त होकर पंचमी तिथि शुरू हो जाएगी, इसलिए रक्षा पंचमी इसी तिथि पर मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जिन लोगों की कलाई पर रक्षाबंधन के दिन किसी कारणवश रक्षासूत्र नहीं बंध पाया था या जो अपनी बहनों से राखी नहीं बंधवा सके थे, वे आज के दिन इस विधान को पूरा कर सकते हैं।

सवाल-जवाब

1 सितंबर 2026 को कौन सी तिथि है?
1 सितंबर 2026 को भाद्रपद कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि सुबह 7 बजकर 42 मिनट तक रहेगी, जिसके बाद पंचमी तिथि शुरू हो जाएगी।
रक्षा पंचमी कब मनाई जाती है?
रक्षा पंचमी का पर्व हर साल रक्षाबंधन के ठीक पांचवें दिन पंचमी तिथि को मनाया जाता है।
1 सितंबर 2026 को कौन सा नक्षत्र और योग रहेगा?
इस दिन देर रात 2 बजकर 43 मिनट तक अश्विनी नक्षत्र और रात 11 बजकर 39 मिनट तक वृद्धि योग रहेगा।
दिल्ली में राहुकाल का समय क्या है?
दिल्ली में 1 सितंबर को दोपहर बाद 3:32 बजे से 5:07 बजे तक राहुकाल रहेगा।
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