श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अयोध्या में आयोजित अपनी अहम बैठक में मंदिर की धार्मिक समिति का स्वरूप बदल दिया है। मंदिर से जुड़े धार्मिक अनुष्ठानों और परंपराओं की जिम्मेदारी अब सात सदस्यों वाली नई समिति संभालेगी, जिसके अध्यक्ष के रूप में ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी को चुना गया है। इस पुनर्गठित समिति में अयोध्या के संतों को विशेष तवज्जो दी गई है, जिसके सात में से पांच सदस्य स्थानीय संत होंगे। हालांकि, बहुप्रतीक्षित नए महासचिव और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया जा सका है।
ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक में दिग्गजों का जमावड़ा
अयोध्या में संपन्न हुई इस बैठक में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कई प्रमुख पदाधिकारी और संत शामिल हुए। ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की उपस्थिति में यह मंथन हुआ। उनके साथ कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज, स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती और स्वामी विश्वप्रसन्न तीर्थ जी महाराज जैसे वरिष्ठ संतों ने अपनी राय रखी। इसके अतिरिक्त, कृष्ण मोहन, दिनेश जी, युग पुरुष परमानंद गिरी जी महाराज और स्वामी दीनेंद्र दास भी इस चर्चा का हिस्सा बने। प्रशासनिक पक्ष से अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और पीएस लोखंडे के साथ ही स्वामी कमलनयन दास तथा अन्य सदस्यों ने भी इस बैठक में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
CEO और नए महासचिव की नियुक्ति पर अब भी सस्पेंस
इस बैठक से सबसे बड़ी उम्मीद यह थी कि चंपत राय के इस्तीफे के बाद खाली हुए महासचिव पद पर किसी नए नाम की घोषणा की जाएगी। साथ ही, काफी समय से रिक्त पड़े ट्रस्ट के दो अन्य पदों को भी भरे जाने की संभावना थी। लेकिन, बैठक के समापन के बाद इन प्रमुख पदों को लेकर कोई भी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई।
CEO के चयन को लेकर भी विस्तार से बातचीत की गई। इस पद के लिए बड़ी संख्या में लोगों ने आवेदन किया है। आवेदनों की अधिकता को देखते हुए, चयन समिति ने योग्य उम्मीदवारों के नामों का सुझाव देने के लिए ट्रस्ट से एक महीने का अतिरिक्त समय मांगा है। ट्रस्ट ने चयन समिति के इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया है, जिसका मतलब है कि मंदिर के नए CEO की नियुक्ति के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा।
कार्यभार बढ़ने के कारण सचिव और प्रवक्ता की होगी नियुक्ति
अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए प्रतिदिन देश-विदेश से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। दर्शनार्थियों की इस बढ़ती भीड़ और मंदिर से जुड़े प्रशासनिक और अन्य कामकाज के विस्तार के मद्देनजर ट्रस्ट ने कुछ नए पदों के सृजन का निर्णय लिया है। कामकाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए जल्द ही एक सचिव की नियुक्ति की जाएगी।
इसके साथ ही, ट्रस्ट की रोजमर्रा की गतिविधियों, महत्वपूर्ण फैसलों और अन्य सूचनाओं को आधिकारिक तौर पर साझा करने के लिए एक प्रवक्ता की भी नियुक्ति की जाएगी। यह कदम सूचनाओं के सही और नियमित प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। ट्रस्ट ने यह भी तय किया है कि वर्तमान में खाली पड़े अन्य पदों को आगामी एक सप्ताह के भीतर भर लिया जाएगा, भले ही नए महासचिव के नाम की तस्वीर अभी साफ नहीं हुई हो।




















