पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले को इस हफ्ते प्रकृति से जरा भी राहत नहीं मिली. पिछले कई दिनों से हो रही भारी से बहुत भारी बारिश ने जिले के कई हिस्सों में भूस्खलन ला दिया था, जिसमें एक भूस्खलन ने न्यू फराक्का रेल रूट तक ठप कर दिया, जिसे मरम्मत टीमों ने कड़ी मेहनत के बाद दोबारा चालू किया. हालात संभलते, इससे पहले ही शनिवार देर रात अचानक धरती हिल उठी और रिक्टर स्केल पर 3.7 तीव्रता के भूकंप ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी.
रात 10:24 बजे आया झटका, जमीन से सिर्फ 10 किलोमीटर नीचे था केंद्र
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के मुताबिक मुर्शिदाबाद में भूकंप ठीक रात 10 बजकर 24 मिनट पर दर्ज हुआ. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.7 मापी गई, जो आमतौर पर महसूस तो हो जाती है लेकिन बड़ा नुकसान करने वाली नहीं मानी जाती. हैरानी की बात यह रही कि भूकंप का केंद्र जमीन की सतह से महज करीब 10 किलोमीटर नीचे था, और NCS ने इसका केंद्र बिंदु मुर्शिदाबाद जिले में ही दर्ज किया. इतने अचानक आए झटके के बावजूद अब तक किसी तरह की चोट या नुकसान की खबर सामने नहीं आई है.
धुलियान-फराक्का के बीच झटकों से लोग घरों से बाहर भागे
स्थानीय लोगों ने बताया कि झटके सबसे ज्यादा धुलियान और फराक्का के बीच वाले इलाके में महसूस हुए, यही वे इलाके हैं जो हफ्तों से बारिश और भूस्खलन की मार झेल रहे थे. देर रात आए इन झटकों ने ज्यादातर लोगों को नींद से जगा दिया और वे तब तक घरों से बाहर खड़े रहे जब तक उन्हें यकीन नहीं हो गया कि उनके घर सुरक्षित हैं. पहले से भूस्खलन और रेल सेवा बाधित होने की मार झेल चुकी आबादी के लिए यह भूकंप, भले ही तीव्रता में हल्का रहा हो, एक नई चिंता लेकर आया. जिला प्रशासन हो या NCS, दोनों में से किसी ने भी भूकंप से जुड़ी किसी जनहानि या नुकसान की पुष्टि नहीं की है.
बंगाल बेसिन में क्यों बार-बार दर्ज होते हैं ऐसे झटके
भूकंप वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिम बंगाल और उसके आसपास फैला बंगाल बेसिन लंबे समय से भूकंपीय गतिविधियों वाले क्षेत्र में गिना जाता रहा है. दशकों में आए कई बड़े भूकंपों के झटके इस बेसिन तक पहुंच चुके हैं, और विशेषज्ञों के मुताबिक यह इलाका आज भी कई सक्रिय भ्रंश क्षेत्रों यानी फॉल्ट लाइनों के असर में है. यही वजह है कि यहां आने वाले छोटे-मोटे भूकंपों को पूरी तरह असामान्य नहीं माना जा सकता, भले ही यह झटका भूस्खलन और भारी बारिश से जूझ रहे जिले के लिए बेहद मुश्किल वक्त में आया हो.




















