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संजय नगर के दक्षिणमुखी हनुमान धाम में 40 दिवसीय अखंड ज्योत की अटूट परंपरा, दूर-दूर से उमड़ते हैं भक्तधर्म
9 अक्तू॰ 2026, 1:45 pm (2 घंटे पहले)· 0

संजय नगर के दक्षिणमुखी हनुमान धाम में 40 दिवसीय अखंड ज्योत की अटूट परंपरा, दूर-दूर से उमड़ते हैं भक्त

गाजियाबाद के संजय नगर स्थित लगभग 45 से 50 वर्ष पुराने दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर में 40 दिनों तक देसी घी का अखंड दीपक प्रज्वलित कर मनोकामना पूर्ति की गहरी धार्मिक मान्यता है।

गाजियाबाद के संजय नगर इलाके में स्थापित दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर श्रद्धालुओं के अटूट विश्वास का बड़ा केंद्र बना हुआ है। इस पवित्र धाम को लेकर भक्तों में दृढ़ आस्था है कि जो भी व्यक्ति यहां निरंतर 40 दिनों तक शुद्ध देसी घी की अखंड ज्योत जलाता है, उसकी मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण होती हैं। इसी धार्मिक विश्वास के चलते गाजियाबाद शहर के अलावा राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के तमाम सीमावर्ती क्षेत्रों से भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं। प्रतिदिन सवेरे से ही परिसर में पूजा-अर्चना और दीये प्रज्वलित करने का क्रम आरंभ हो जाता है, जबकि मंगलवार एवं शनिवार के दिन श्रद्धालुओं की संख्या में भारी बढ़ोतरी देखी जाती है।

करीब पांच दशक पुराना इतिहास और धार्मिक महत्ता

संजय नगर के एफ ब्लॉक, सेक्टर-23 में स्थित इस धाम की देखरेख और सेवा कार्य से लंबे समय से जुड़ीं मुकेश देवी बताती हैं कि यह दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर तकरीबन 45 से 50 साल पुराना है। उनके अनुसार मंदिर की स्थापना के समय से ही यहां 40 दिन तक अखंड ज्योत जलाने की अटूट परंपरा चली आ रही है। श्रद्धालु अपने जीवन के कष्टों से मुक्ति और मनोकामनाओं की पूर्ति के संकल्प के साथ मंदिर पहुंचते हैं और बजरंगबली के समक्ष शुद्ध देसी घी का दीपक प्रज्वलित करते हैं। जनसामान्य का मानना है कि सच्चे मन और दृढ़ विश्वास के साथ साधना करने पर पवनपुत्र हनुमान जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

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कठिन संकल्प और साधना के विशेष नियम

मंदिर परिसर में 40 दिवसीय ज्योत की सेवा संपन्न करने को लेकर विशेष नियम और संयम का पालन किया जाता है। मुकेश देवी के अनुसार जो भी भक्त 40 दिनों तक अखंड ज्योत का दायित्व उठाता है, वह अपनी श्रद्धा और संकल्प के अनुसार सेवा कार्यों में लीन रहता है। कई श्रद्धालु इस संकल्प काल के दौरान 40 दिनों तक अन्न ग्रहण नहीं करते और केवल फल व दूध के सहारे व्रत का पालन करते हैं। हालांकि यह पूरी तरह से संबंधित व्यक्ति की व्यक्तिगत आस्था और सामर्थ्य पर निर्भर करता है।

मनोकामना पूरी होने पर आभार और धार्मिक अनुष्ठान

मंदिर से जुड़े सेवादारों का कहना है कि भक्तगण नई नौकरी मिलने, संतान प्राप्ति अथवा अन्य सांसारिक मनोकामनाएं पूरी होने पर बजरंगबली का आभार व्यक्त करने फिर से मंदिर पहुंचते हैं। इच्छा पूरी होने के उपरांत श्रद्धालु अपने बच्चों को साथ लेकर दर्शन के लिए आते हैं और हनुमान जी को नया चोला व वस्त्र अर्पित करते हैं। इसके साथ ही बाबा को विशेष भोग लगाया जाता है, सवामनी का आयोजन किया जाता है और श्रद्धालु अपनी सामर्थ्य के अनुसार भंडारे का प्रबंध कर प्रसाद वितरित करते हैं। एफ ब्लॉक सेक्टर-23 का यह मंदिर केवल सामान्य पूजा-अर्चना का स्थल न रहकर आस्था, संकल्प और फलप्राप्ति का प्रमुख केंद्र सिद्ध हो रहा है।

सवाल-जवाब

संजय नगर का दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर कितना पुराना है?
मंदिर की सेवा से जुड़ीं मुकेश देवी के अनुसार यह दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर लगभग 45 से 50 साल पुराना है।
मंदिर में 40 दिन तक अखंड ज्योत जलाने को लेकर क्या मान्यता है?
मान्यता है कि लगातार 40 दिनों तक शुद्ध देसी घी की अखंड ज्योत जलाने और श्रद्धापूर्वक सेवा करने से बजरंगबली भक्तों की मनोकामना पूर्ण करते हैं।
40 दिन की ज्योत सेवा के दौरान श्रद्धालु किस प्रकार का व्रत रखते हैं?
संकल्प लेने वाले कई भक्त 40 दिनों तक अन्न त्याग कर केवल फल और दूध का सेवन करते हैं, हालांकि यह व्यक्तिगत आस्था और सामर्थ्य पर निर्भर है।
मनोकामना पूरी होने के बाद श्रद्धालु मंदिर में क्या अनुष्ठान करते हैं?
इच्छा पूरी होने पर भक्त हनुमान जी को चोला व वस्त्र चढ़ाते हैं, भोग लगाते हैं तथा सवामनी या भंडारे का आयोजन कराते हैं।
यह मंदिर गाजियाबाद में किस स्थान पर स्थित है?
यह मंदिर गाजियाबाद के संजय नगर इलाके में एफ ब्लॉक, सेक्टर-23 में स्थित है।
मंदिर में सबसे ज्यादा भीड़ किन दिनों में देखी जाती है?
सप्ताह के बाकी दिनों की तुलना में मंगलवार और शनिवार को मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है।
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