मध्य प्रदेश की धर्मनगरी उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण मास के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं का अपार जनसैलाब उमड़ रहा है। वैसे तो बाबा महाकाल के दरबार में वर्ष भर प्रतिदिन हजारों भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं, लेकिन सावन के महीने में यह संख्या कई लाख तक पहुंच जाती है। इस वर्ष 30 जुलाई से श्रावण मास की शुरुआत हुई है और शुरुआती नौ दिनों के भीतर ही श्रद्धालुओं की संख्या ने एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। 7 अगस्त की शाम तक के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मात्र नौ दिनों की अवधि में 32 लाख 64 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया है। मंदिर समिति के सहायक प्रशासक आशीष फलवाड़िया ने श्रद्धालुओं की इस रिकॉर्ड तोड़ उपस्थिति की पुष्टि की है।
शीघ्र दर्शन व्यवस्था और लड्डू प्रसादी से हुई रिकॉर्ड आय
महाकाल मंदिर परिसर में आने वाले भक्तों में दर्शन के साथ-साथ बाबा की प्रसिद्ध लड्डू प्रसादी को लेकर भी जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर समिति के बिक्री काउंटर से प्रसादी खरीद रहे हैं, जिससे प्रसादी बिक्री के पुराने आंकड़े ध्वस्त हो गए हैं। मंदिर समिति द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, श्रावण के बीते नौ दिनों में करीब 572 क्विंटल लड्डू प्रसादी की बिक्री दर्ज की गई है। इस प्रसादी बिक्री से मंदिर समिति को 2 करोड़ 61 लाख रुपये का भारी-भरकम राजस्व प्राप्त हुआ है। इसके अतिरिक्त, दूर-दराज से आने वाले भक्तों के लिए शुरू की गई शीघ्र दर्शन सुविधा का भी श्रद्धालुओं ने जमकर लाभ उठाया है। इन नौ दिनों में लगभग डेढ़ लाख श्रद्धालुओं ने शीघ्र दर्शन पास के जरिए बाबा महाकाल के दर्शन किए, जिससे मंदिर प्रशासन को करीब 3.70 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय प्राप्त हुई है।
पहला सोमवार रहा सबसे खास, शनिवार और रविवार को भी उमड़ी भीड़
श्रावण मास के शुरुआती नौ दिनों के दौरान मंदिर में सबसे ज्यादा जनसैलाब 3 अगस्त को यानी सावन के पहले सोमवार के दिन देखने को मिला। इस पावन अवसर पर 6 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने महाकाल मंदिर पहुंचकर शीश नवाया। पहले सोमवार के दिन श्रद्धालुओं ने प्रसादी भी रिकॉर्ड मात्रा में खरीदी। केवल एक दिन में 77.36 क्विंटल लड्डू प्रसादी की बिक्री हुई, जिससे मंदिर समिति को 36 लाख 70 हजार 800 रुपये की प्राप्तियां हुईं। पहले सोमवार के अलावा सप्ताहांत पर भी भक्तों का तांता लगा रहा। शनिवार के दिन करीब 4 लाख 19 हजार श्रद्धालुओं ने महाकाल मंदिर में हाजिरी लगाई, जबकि रविवार को यह संख्या बढ़कर लगभग 4 लाख 76 हजार तक पहुंच गई।
मंदिर प्रशासन के समक्ष व्यवस्थाओं की चुनौती
श्रावण के शुरुआती दिनों में ही उम्मीद से कहीं अधिक श्रद्धालुओं के आगमन से उज्जैन मंदिर प्रशासन और स्थानीय पुलिस व्यवस्था की कड़ी परीक्षा हो रही है। भक्तों की भारी भीड़ को सुगम और सुरक्षित दर्शन कराने के लिए मंदिर समिति लगातार प्रयासरत है। सहायक प्रशासक आशीष फलवाड़िया के अनुसार, आने वाले दिनों में और विशेषकर आगामी सोमवारों को श्रद्धालुओं की संख्या में और भी अधिक बढ़ोतरी होने की प्रबल संभावना है। इसे देखते हुए मंदिर परिसर में सुरक्षा, पेयजल, छाया और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है ताकि उज्जैन पहुंचने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुलभ दर्शन प्राप्त हो सकें।



















