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सावन सोमवार व्रत में खान-पान और पूजा के नियम: जानें स्वीकृत सामग्री और पूजा विधिधर्म
3 अग॰ 2026, 9:33 am (1 घंटे पहले)· 0

सावन सोमवार व्रत में खान-पान और पूजा के नियम: जानें स्वीकृत सामग्री और पूजा विधि

सावन 2026 का पहला सोमवार 3 अगस्त को मनाया जा रहा है। जानिए सावन सोमवार व्रत में क्या खाना चाहिए, किन चीजों से परहेज करना जरूरी है और भगवान शिव की पूजा कैसे करें।

पवित्र श्रावण मास की शुरुआत 30 जुलाई 2026 को हो चुकी है, जिसके बाद 3 अगस्त 2026 को इस वर्ष का पहला सावन सोमवार मनाया जा रहा है। सनातन परंपरा में श्रावण मास के सोमवार व्रत का अत्यंत पवित्र स्थान माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो श्रद्धालु इस दौरान पूर्ण निष्ठा और विधि-विधान के साथ भगवान शिव की उपासना करते हैं, उनके जीवन से समस्त दुख और परेशानियां समाप्त हो जाती हैं तथा महादेव का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। हालांकि, उपवास का पूरा फल प्राप्त करने के लिए खान-पान और पूजा-अर्चना के नियमों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य है।

सावन सोमवार व्रत में क्या खाना चाहिए?

सावन सोमवार के व्रत में केवल सात्विक आहार और फलाहार ग्रहण करने का विधान है। उपवास के दौरान शरीर को ऊर्जावान बनाए रखने और धार्मिक पवित्रता बनाए रखने के लिए सही खाद्य पदार्थों का चयन बेहद जरूरी है

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  • ताजे फल: व्रत के समय सेब, केला, अनार, पपीता, अंगूर, आम, अनानास और जामुन जैसे सभी मौसमी फलों का सेवन किया जा सकता है। ये फल शरीर को हाइड्रेटेड रखते हैं।
  • दूध और डेयरी उत्पाद: शारीरिक ऊर्जा बनाए रखने के लिए दूध, दही, ताजा छाछ और पनीर का सेवन किया जा सकता है। इन्हें आप सीधे या फलाहारी व्यंजनों के रूप में ले सकते हैं।
  • फलाहारी अनाज और विकल्प: सामान्य अनाज वर्जित होने के कारण उपवास में साबूदाना, कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा और समा के चावल (मोरधन) का उपयोग किया जाता है।
  • स्वीकृत सब्जियां: उपवास के भोजन में आलू, शकरकंद, लौकी, कद्दू, अरबी, टमाटर, हरी मिर्च और हरा धनिया इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • सूखे मेवे और स्नैक्स: उपवास के दौरान भूख नियंत्रित करने के लिए मखाना, मूंगफली, बादाम, काजू, किशमिश और अखरोट का सेवन काफी सेहतमंद माना जाता है।
  • मसाले और पेय पदार्थ: व्रत में सामान्य नमक की जगह केवल सेंधा नमक प्रयोग किया जाता है। स्वाद बढ़ाने के लिए जीरा, काली मिर्च, हरी इलायची और चीनी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा चाय और कॉफी का सेवन भी किया जा सकता है।

व्रत के दौरान किन चीजों से परहेज करें?

सावन सोमवार का व्रत रखते समय पवित्रता का विशेष ध्यान रखा जाता है, इसलिए कुछ चीजों के सेवन पर पूरी तरह रोक होती है

  • अनाज और दालें: गेहूं, चावल, सूजी, मैदा, बेसन और सभी प्रकार की दालों का सेवन व्रत में बिल्कुल नहीं करना चाहिए।
  • तामसिक वस्तुएं: प्याज और लहसुन को तामसिक माना गया है, इसलिए इन्हें भोजन या रसोई में इस्तेमाल करने से पूरी तरह बचना चाहिए।
  • वर्जित मसाले: रसोई में रोजाना इस्तेमाल होने वाले सामान्य मसाले जैसे हल्दी, गरम मसाला, धनिया पाउडर और लाल मिर्च पाउडर का प्रयोग उपवास के भोजन में नहीं किया जाता।

सावन सोमवार व्रत की पूजा विधि और जरूरी नियम

व्रत का पूर्ण धार्मिक लाभ प्राप्त करने के लिए सुबह से लेकर शाम तक निर्धारित नियमों का पालन करना आवश्यक माना गया है

  • प्रातः काल की पूजा: सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें। इसके बाद घर के मंदिर में दीप जलाकर शिव पूजा का संकल्प लें।
  • शिवलिंग पूजन: शिवलिंग पर जल से अभिषेक करें और साथ ही बेलपत्र, धतूरा व फूल अर्पित करें।
  • मंत्र जाप और आरती: पूरी श्रद्धा के साथ शिव चालीसा का पाठ करें और फिर भगवान शिव की आरती उतारें।
  • व्रत कथा का श्रवण: सावन सोमवार की व्रत कथा पढ़ना या सुनना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसे सुबह या शाम अपनी सुविधा के अनुसार पढ़ा जा सकता है।
  • संध्या पूजन और नियम: शाम के समय पुनः हाथ-पैर धोकर भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा करें। पूरे दिन मन में सात्विक विचार रखें और ब्रह्मचर्य के नियमों का पालन करें।

सवाल-जवाब

सावन 2026 की शुरुआत कब हुई और पहला सावन सोमवार कब है?
सावन का महीना 30 जुलाई 2026 से शुरू हुआ है और पहला सावन सोमवार 3 अगस्त 2026 को पड़ा है।
सावन सोमवार व्रत में कौन-कौन से फल और डेयरी उत्पाद खा सकते हैं?
उपवास में सेब, केला, अनार, पपीता, आम और जामुन जैसे फल खा सकते हैं। डेयरी में दूध, दही, छाछ और पनीर का सेवन किया जा सकता है।
सावन व्रत में कौन सा नमक और अनाज खाया जाता है?
व्रत में सामान्य नमक की जगह सेंधा नमक खाया जाता है। अनाज के रूप में साबूदाना, कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा और समा के चावल खाए जाते हैं।
सावन सोमवार व्रत के दौरान किन चीजों का सेवन वर्जित है?
गेहूं, चावल, दालें, प्याज, लहसुन, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और गरम मसाले का सेवन पूरी तरह मना होता है।
सावन सोमवार व्रत में पूजा की मुख्य विधि क्या है?
सुबह स्नान करके संकल्प लें, शिवलिंग पर जल व बेलपत्र चढ़ाएं, शिव चालीसा और आरती करें, व्रत कथा पढ़ें और शाम में फिर से पूजा करें।
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