भारतीय रेलवे ने श्रावणी मेले में हिस्सा लेने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा में बड़ी राहत दी है। हर साल उत्तर प्रदेश और बिहार के विभिन्न हिस्सों से लाखों शिवभक्त बाबा बैद्यनाथ धाम के दर्शन के लिए पहुंचते हैं, जिससे ट्रेनों में भारी भीड़ हो जाती है। यात्रियों की इस समस्या को दूर करने और एक आरामदायक सफर सुनिश्चित करने के लिए रेलवे प्रशासन ने बरहनी से देवघर के बीच एक अनारक्षित स्पेशल ट्रेन शुरू करने का निर्णय लिया है। इस नई दैनिक सेवा के शुरू होने से कांवरियों के लिए देवघर तक का सफर काफी सुविधाजनक हो जाएगा और उन्हें आवागमन में आसानी मिलेगी।
देवघर जाने वाली ट्रेन का पूरा टाइमटेबल
बरहनी से देवघर जाने वाली ट्रेन संख्या 05028 अपनी नियमित सेवा 28 जुलाई 2026 से शुरू करेगी। यह दैनिक ट्रेन 29 अगस्त 2026 तक लगातार चलेगी और सावन के महीने में कुल 33 फेरे पूरे करेगी। यह स्पेशल ट्रेन हर दिन दोपहर 3:20 बजे बरहनी स्टेशन से खुलेगी और रात भर का सफर तय करने के बाद अगले दिन दोपहर 1:00 बजे शिवभक्तों को देवघर पहुंचाएगी।
इस ट्रेन के रूट का सबसे अहम हिस्सा सुल्तानगंज स्टेशन है, जहां यह सुबह 8:20 बजे पहुंचेगी। कांवरिया यात्रा में सुल्तानगंज का विशेष महत्व है क्योंकि श्रद्धालु यहीं से पवित्र गंगा जल भरकर अपनी पैदल यात्रा शुरू करते हैं। इसके अलावा यह ट्रेन सुबह 6:55 बजे मुंगेर, 8:55 बजे भागलपुर, 10:00 बजे बाराहाट और 10:40 बजे बांका स्टेशनों पर भी रुकेगी। इन ठहरावों की वजह से कई जिलों के लोगों को मेले में जाने का सीधा विकल्प मिल जाएगा।
वापसी के लिए बरहनी जाने वाली ट्रेन का रूट
दर्शन के बाद घर लौटने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने देवघर से बरहनी के बीच ट्रेन संख्या 05027 चलाने की व्यवस्था की है। वापसी की यह सेवा 29 जुलाई 2026 से शुरू होगी और 30 अगस्त 2026 तक रोजाना उपलब्ध रहेगी। जाने वाली ट्रेन की तरह ही वापसी में भी यह गाड़ी 33 चक्कर लगाएगी। देवघर स्टेशन से यह ट्रेन हर शाम 6:45 बजे रवाना होगी, जिससे श्रद्धालुओं को दिन भर में पूजा-पाठ पूरा करने का पर्याप्त समय मिल जाएगा।
वापसी के सफर में यह ट्रेन शाम 7:38 बजे बांका पहुंचेगी। इसके बाद रात 8:01 बजे बाराहाट, 8:53 बजे भागलपुर, 9:25 बजे सुल्तानगंज और 11:15 बजे मुंगेर होते हुए आगे का सफर तय करेगी। अपनी पूरी यात्रा के बाद यह ट्रेन अगले दिन दोपहर 3:15 बजे यात्रियों को वापस बरहनी स्टेशन पहुंचा देगी।
सामान्य टिकट के साथ सफर की आजादी
इस मेला स्पेशल ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें सभी डिब्बे पूरी तरह से अनारक्षित होंगे। इसका मतलब है कि यात्रियों को रिजर्वेशन चार्ट या वेटिंग लिस्ट की चिंता करने की कोई जरूरत नहीं होगी। श्रद्धालु अपनी यात्रा वाले दिन सीधे स्टेशन काउंटर से सामान्य टिकट खरीदकर इसमें बैठ सकेंगे। श्रावणी मेले के दौरान कांवरियों की भारी तादाद और उनके अचानक बनने वाले यात्रा कार्यक्रमों को देखते हुए रेलवे का यह कदम काफी फायदेमंद साबित होगा। सुल्तानगंज और देवघर जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाली यह ट्रेन मेले की रौनक बढ़ाने में मददगार होगी।




















