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सुहाग और समृद्धि का प्रतीक क्यों माना जाता है सावन में हरे रंग का शृंगार, जानिए इसके धार्मिक और ज्योतिषीय कारणधर्म
15 अग॰ 2026, 7:49 pm (46 दिन पहले)· 0

सुहाग और समृद्धि का प्रतीक क्यों माना जाता है सावन में हरे रंग का शृंगार, जानिए इसके धार्मिक और ज्योतिषीय कारण

सावन और हरियाली तीज के दौरान हरी चूड़ियां, हरे कपड़े और मेहंदी धारण करने की परंपरा सदियों पुरानी है। सनातन धर्म और ज्योतिष शास्त्र में इस शृंगार को प्रकृति, खुशहाली, दांपत्य सुख और बुध ग्रह की कृपा से जोड़कर देखा जाता है।

पवित्र सावन महीने की शुरुआत होते ही चारों तरफ धार्मिक उल्लास और भक्तिमय माहौल छा जाता है। इस पावन अवधि में महिलाएं हरे रंग के वस्त्र, मेहंदी और हरी चूड़ियां धारण करती हैं। यह हरा शृंगार केवल एक मौसमी परंपरा या फैशन नहीं है, बल्कि सनातन संस्कृति में इसका गहरा धार्मिक, प्राकृतिक और ज्योतिषीय महत्व बताया गया है। सावन और हरियाली तीज के व्रत में हरी चूड़ियों को सुहाग, सौभाग्य और खुशहाली का सबसे मुख्य प्रतीक माना जाता है।

प्रकृति के नवजीवन और हरियाली का उत्सव

सावन का महीना भीषण गर्मी के बाद मानसून की झमाझम बारिश लेकर आता है। बारिश की बूंदों से सूखी धरती दोबारा हरी भरी हो जाती है और पेड़-पौधों में नया जीवन नजर आने लगता है। वातावरण में हर तरफ फैली यह हरियाली जीवन में नई ऊर्जा, विकास, समृद्धि और खुशहाली का संकेत देती है। प्रकृति के इसी रूप का स्वागत करने और अपने जीवन को सकारात्मकता से भरने के लिए सावन में हरे रंग को प्रमुखता दी जाती है।

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भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष कृपा

सनातन मान्यताओं के अनुसार, सावन का पूरा महीना भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना के लिए समर्पित होता है। भगवान शिव का प्रकृति से अत्यंत गहरा संबंध है और वे कैलाश पर्वत की प्राकृतिक सुंदरता में वास करते हैं। वहीं माता पार्वती को सौभाग्य, रूप और अखंड सुहाग की देवी माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि सावन में महिलाएं जब हरे रंग का शृंगार करके भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करती हैं, तो उन्हें दांपत्य जीवन में प्रेम, शांति और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

हरियाली तीज का पावन अवसर और शृंगार

सावन माह में आने वाले हरियाली तीज के त्योहार पर हरे रंग का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। इस खास दिन पर विवाहित महिलाएं और कुंवारी कन्याएं हरे रंग की साड़ी या पोशाक पहनती हैं, हाथों में खूबसूरत मेहंदी रचाती हैं और हरी कांच की चूड़ियां धारण करती हैं। शास्त्रों में चूड़ियों की खनक को घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर करने और शुभता लाने वाला माना गया है। हरियाली तीज पर यह रूप धारण कर महिलाएं माता पार्वती के प्रति अपनी अटूट आस्था प्रकट करती हैं।

ज्योतिषीय दृष्टि: बुध ग्रह से संबंध और तरक्की

धार्मिक वजहों के अलावा ज्योतिष शास्त्र में भी सावन के दौरान हरे रंग के प्रयोग का विशेष महत्व बताया गया है। ज्योतिष में हरे रंग का सीधा संबंध बुध ग्रह से माना जाता है। बुध ग्रह को बुद्धि, वाणी, व्यापार, करियर और तरक्की का कारक माना गया है। ऐसा माना जाता है कि सावन के महीने में हरा रंग और हरी चूड़ियां पहनने से कुंडली में बुध ग्रह की स्थिति मजबूत होती है। इससे व्यक्ति की निर्णय क्षमता बेहतर होती है और परिवार में आर्थिक समृद्धि आती है।

सांस्कृतिक विरासत और स्त्री सौंदर्य की प्रतीक

हरी चूड़ियां केवल पूजा-पाठ का हिस्सा ही नहीं हैं, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और स्त्री शृंगार की सदियों पुरानी पहचान हैं। पीढ़ियों से चली आ रही यह परंपरा आज भी उतनी ही शिद्दत से निभाई जाती है। कांच की हरी चूड़ियों का मधुर संगीत घर के माहौल को आनंदित कर देता है। यही वजह है कि आज के आधुनिक दौर में भी सावन आते ही हर महिला की कलाई में हरी चूड़ियों की चमक दिखाई देने लगती है।

सवाल-जवाब

सावन के महीने में हरी चूड़ियां पहनना क्यों शुभ माना जाता है?
सावन में हरा रंग प्रकृति के नवजीवन, समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हरी चूड़ियां पहनने और शिव-पार्वती की पूजा करने से दांपत्य जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
हरियाली तीज पर हरे रंग का क्या महत्व है?
हरियाली तीज का पर्व मुख्य रूप से माता पार्वती और भगवान शिव के पुनर्मिलन की याद में मनाया जाता है। इस दिन हरे कपड़े और हरी चूड़ियां पहनकर महिलाएं अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हरी चूड़ियों का किस ग्रह से संबंध है?
ज्योतिष में हरे रंग का संबंध बुध ग्रह से माना जाता है। सावन में हरी चूड़ियां पहनने से बुध ग्रह का सकारात्मक प्रभाव बढ़ता है, जिससे बुद्धि, व्यापार और करियर में तरक्की मिलती है।
क्या कुंवारी कन्याएं भी सावन में हरी चूड़ियां पहन सकती हैं?
हां, कुंवारी कन्याएं भी मनचाहा वर प्राप्त करने और करियर व शिक्षा में सफलता के लिए सावन में हरे वस्त्र और चूड़ियां धारण कर सकती हैं।
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