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उदयपुर के महालक्ष्मी मंदिर में सोने-चांदी की नक्काशीदार साड़ी और कमल पुष्पों से सजा देवी का अलौकिक रूपधर्म
8 नव॰ 2026, 2:27 pm (6 मिनट पहले)· 0

उदयपुर के महालक्ष्मी मंदिर में सोने-चांदी की नक्काशीदार साड़ी और कमल पुष्पों से सजा देवी का अलौकिक रूप

दीपावली पर उदयपुर के भटियानी चौहट्टा स्थित महालक्ष्मी मंदिर में माता को 3.50 लाख रुपये की स्वर्ण-रजत नक्काशीदार केसरिया साड़ी और 125 कमलों से सजाया गया है।

दीपावली के पावन पर्व के उपलक्ष्य में उदयपुर शहर के ऐतिहासिक भटियानी चौहट्टा स्थित प्राचीन श्री महालक्ष्मी मंदिर में मां लक्ष्मी का अत्यंत मनोहारी और भव्य श्रृंगार किया गया है। त्योहार के दिन तड़के से ही मंदिर परिसर में माता के इस दिव्य स्वरूप की एक झलक पाने के लिए श्रद्धालुओं का भारी तांता लगा रहा। इस वर्ष भक्तों के बीच सबसे बड़ा आकर्षण देवी की अनुपम पोशाक और प्राकृतिक पुष्पों से की गई विशेष सजावट बनी हुई है।

सोने और चांदी की बारीक कारीगरी वाली पोशाक बनी केंद्र

मंदिर में विराजमान माता लक्ष्मी को इस बार बेहद खास परिधान अर्पित किया गया है। माता को लगभग 3.50 लाख रुपये मूल्य की केसरिया रंग की विशिष्ट साड़ी पहनाई गई है। इस परिधान की विशेषता यह है कि इस पर सोने और चांदी के महीन तारों से बेहद सुंदर और कलात्मक वर्क तैयार किया गया है। स्वर्ण और रजत की यह नक्काशी रोशनी में जगमगाते हुए देवी के विग्रह को एक राजसी और अलौकिक आभा प्रदान कर रही है, जिसे निहारने के लिए लोग दूर-दूर से पहुंच रहे हैं।

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125 कमल के दुर्लभ पुष्पों से महक उठा गर्भगृह

पोशाक के साथ-साथ गर्भगृह की आंतरिक पुष्प सज्जा ने भी श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया है। देवी लक्ष्मी के सबसे प्रिय माने जाने वाले कमल के 125 ताजे फूलों से माता का संपूर्ण श्रृंगार रचा गया। मंदिर के समूचे भवन को भी रोशनी और सजावटी सामग्रियों से दुल्हन की तरह सजाया गया है। कमल पुष्पों के मध्य विराजमान मां लक्ष्मी के अलौकिक दर्शन पाकर मंदिर आने वाले भक्त भाव-विभोर नजर आए।

दर्शन की विशेष व्यवस्था और महाआरती का समय

त्योहार पर उमड़ने वाली अपार भीड़ को ध्यान में रखते हुए मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने सुगम दर्शन के कड़े प्रबंध किए हैं। दीपावली के दिन मंदिर के कपाट सुबह 4:30 बजे खोल दिए गए थे, जो देर रात 1:00 बजे तक लगातार खुले रहेंगे ताकि हर श्रद्धालु दर्शन लाभ ले सके। इसके अलावा, शाम 7:00 बजे मंदिर में भव्य दीपावली महाआरती का आयोजन तय किया गया है, जिसमें हजारों भक्तों के एकत्र होने की संभावना है।

दीपावली के बाद अन्नकूट तक चलेगा धार्मिक अनुष्ठान

मंदिर में उत्सव का यह क्रम केवल दीपावली तक ही सीमित नहीं रहेगा बल्कि आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा। भारी भीड़ के मद्देनजर 9 नवंबर को भी दर्शन की व्यवस्था दीपावली के दिन की भांति ही सुचारू रखी जाएगी। इसके पश्चात 10 नवंबर को मंदिर परिसर में पारंपरिक अन्नकूट महोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। इस दिन शाम 5:00 बजे विशेष आरती होगी और श्रद्धालु रात 11:00 बजे तक दर्शन कर सकेंगे। अन्नकूट के महाप्रसाद का वितरण अगले तीन दिनों तक यानी 11, 12 और 13 नवंबर को भक्तों के बीच श्रद्धापूर्वक किया जाएगा।

सवाल-जवाब

उदयपुर के महालक्ष्मी मंदिर में माता की साड़ी की क्या खासियत है?
माता को करीब 3.50 लाख रुपये कीमत की केसरिया रंग की साड़ी पहनाई गई है, जिस पर सोने और चांदी का सुंदर वर्क किया गया है।
श्रृंगार में कितने कमल के फूलों का उपयोग किया गया है?
इस बार माता लक्ष्मी के दिव्य श्रृंगार में 125 कमल के फूलों का उपयोग किया गया है।
दीपावली के दिन मंदिर में दर्शन का क्या समय तय किया गया है?
दीपावली पर मंदिर में दर्शन सुबह 4:30 बजे से लेकर देर रात 1:00 बजे तक खुले रखे गए हैं।
मंदिर में दीपावली की महाआरती किस समय होगी?
मंदिर में दीपावली की विशेष महाआरती शाम 7:00 बजे आयोजित की जाएगी।
अन्नकूट महोत्सव कब है और महाप्रसाद का वितरण कब होगा?
अन्नकूट महोत्सव 10 नवंबर को शाम 5:00 बजे की आरती के साथ मनाया जाएगा और महाप्रसाद का वितरण 11, 12 और 13 नवंबर को होगा।
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