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योगिनी एकादशी पर दीपक के इन विशेष उपायों से दूर होगी आर्थिक तंगी, बरसेगी विष्णु-लक्ष्मी की कृपाधर्म
8 जुल॰ 2026, 7:54 am (45 दिन पहले)· 3

योगिनी एकादशी पर दीपक के इन विशेष उपायों से दूर होगी आर्थिक तंगी, बरसेगी विष्णु-लक्ष्मी की कृपा

आषाढ़ माह की योगिनी एकादशी के अवसर पर चार प्रमुख स्थानों पर दीपक जलाने से जीवन में सुख-समृद्धि और धन का आगमन होता है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार, यह व्रत दरिद्रता को दूर कर हर मनोकामना पूरी करने वाला माना गया है।

हिंदू धर्म में एकादशी तिथि को भगवान विष्णु की विशेष पूजा-अर्चना के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। आषाढ़ मास के दौरान पड़ने वाली योगिनी एकादशी का आध्यात्मिक महत्व अत्यंत गहरा है। इस वर्ष यह पवित्र व्रत एक अत्यंत शुभ संयोग के साथ आ रहा है। मान्यताओं के अनुसार, यदि इस दिन विधिपूर्वक भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का पूजन किया जाए, तो भक्त को अपार सुख, समृद्धि और धन का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

योगिनी एकादशी की तिथि और शुभ समय

उज्जैन के प्रख्यात ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, इस साल योगिनी एकादशी पर दीपक प्रज्वलित करने के कुछ विशेष स्थान बताए गए हैं। सही जगह पर दीपक जलाना न केवल अटके हुए कार्यों में सफलता दिलाता है, बल्कि सौभाग्य के द्वार भी खोलता है। वैदिक पंचांग के आधार पर, आषाढ़ कृष्ण एकादशी तिथि का प्रारंभ 09 जुलाई को शाम 07 बजकर 46 मिनट के आसपास होगा, जो कि 10 जुलाई को शाम 04 बजकर 52 मिनट तक प्रभावी रहेगी। उदयातिथि को ध्यान में रखते हुए, योगिनी एकादशी का व्रत 10 जुलाई दिन शुक्रवार को मनाया जाएगा।

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एकादशी व्रत का आध्यात्मिक महत्व

धार्मिक ग्रंथों में योगिनी एकादशी को अत्यंत प्रभावशाली माना गया है। इस दिन श्री हरि और माता लक्ष्मी की सम्मिलित पूजा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और पूजा करने से भक्त को 88000 ब्राह्मणों को भोजन कराने के समान पुण्य फल की प्राप्ति होती है। यह एकादशी सभी प्रकार के पापों और दरिद्रता को मिटाने वाली मानी जाती है। भक्त की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में खुशियों का संचार होता है।

दीपक जलाने के चार चमत्कारी स्थान

योगिनी एकादशी की संध्या पर निम्नलिखित स्थानों पर दीपक जलाना अत्यधिक फलदायी है:

  • भगवान विष्णु के समक्ष: संध्या के समय प्रभु विष्णु के सामने घी का दीपक प्रज्वलित करें। इससे रुके हुए कार्य गति पकड़ते हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।
  • तुलसी के पास: घर में मौजूद तुलसी के पौधे के निकट घी या तिल के तेल का दीपक जरूर जलाएं। यह उपाय न केवल वातावरण को पवित्र करता है, बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा का स्थायी वास सुनिश्चित करता है।
  • मुख्य द्वार पर: योगिनी एकादशी की रात को घर के मुख्य द्वार पर एक दीपक अवश्य रखें। यह एक सुरक्षा कवच की तरह कार्य करता है, जो नकारात्मक ऊर्जाओं को घर में प्रवेश करने से रोकता है।
  • पीपल के पेड़ के नीचे: ज्योतिष के अनुसार, इस दिन पीपल के वृक्ष के नीचे दीपक जलाना बहुत शुभ है। इससे पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन की गंभीर समस्याएं धीरे-धीरे समाप्त होने लगती हैं।

सवाल-जवाब

योगिनी एकादशी कब मनाई जाएगी?
योगिनी एकादशी का व्रत 10 जुलाई, शुक्रवार को रखा जाएगा।
योगिनी एकादशी पर किसकी पूजा की जाती है?
इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा की जाती है।
एकादशी पर दीपक जलाने के मुख्य स्थान कौन से हैं?
मुख्य स्थान भगवान विष्णु के समक्ष, तुलसी के पौधे के पास, घर के मुख्य द्वार पर और पीपल के पेड़ के नीचे हैं।
इस व्रत का फल क्या बताया गया है?
शास्त्रों के अनुसार, इस व्रत को रखने से 88000 ब्राह्मणों को भोजन कराने का पुण्य मिलता है और हर मनोकामना पूरी होती है।
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