प्रकृति के रहस्यों की कोई सीमा नहीं है और जीव जगत में ऐसे कई प्राणी मौजूद हैं जो पहली नजर में बिल्कुल सामान्य दिखते हैं, लेकिन विशेष परिस्थितियों में उनका रूप पूरी तरह बदल जाता है। दिन के सामान्य उजाले में भूरे, मटमैले या सादे रंग-रूप वाले कई जानवर पराबैंगनी किरणों यानी UV लाइट के संपर्क में आते ही जादुई रंगों से जगमगाने लगते हैं। विज्ञान की भाषा में इस प्राकृतिक परिघटना को बायोफ्लोरोसेंस कहा जाता है। इसमें जीव पराबैंगनी प्रकाश को अवशोषित करके उसे लंबी तरंग दैर्ध्य वाले दृश्य प्रकाश, जैसे कि नीले, हरे, बैंगनी या गुलाबी रंगों में दोबारा उत्सर्जित करते हैं। यह कोई दृष्टिभ्रम या छलावा नहीं, बल्कि उनकी त्वचा, फर, हड्डियों और अंगों में मौजूद विशेष रासायनिक संरचना का परिणाम है।
प्लैटिपस और नीली हरी चमक
प्लैटिपस धरती के सबसे अनोखे और विचित्र स्तनधारी जीवों में गिना जाता है। स्तनधारी वर्ग का होने के बावजूद यह जीव सीधे बच्चे पैदा करने की जगह अंडे देता है और अधिकांश समय पानी के आसपास बिताता है। सामान्य प्राकृतिक रोशनी में देखने पर प्लैटिपस का शरीर गहरे भूरे रंग का दिखाई देता है। जब वैज्ञानिकों ने इसके ऊपर UV लाइट डालकर अध्ययन किया, तो इसका पूरा शरीर नीले और हरे रंग की बेहद खूबसूरत चमक बिखेरने लगा। बायोफ्लोरोसेंस की यह विशेषता इसे सामान्य स्तनधारियों से बिल्कुल अलग बनाती है और यह दर्शाती है कि प्रकृति ने इन जीवों में अंधेरे के लिए क्या अनोखे गुण छुपा रखे हैं।
ऑस्ट्रेलियाई वॉम्बैट का बैंगनी फर
ऑस्ट्रेलिया के प्राकृतिक जंगलों में पाए जाने वाले वॉम्बैट जमीन पर रहने वाले गोल-मटोल और बेहद शांत स्वभाव के जीव हैं। दिन के समय इनका शरीर मटमैला और सुस्त नजर आता है, लेकिन रात के अंधेरे में इनके ऊपर जब UV किरणें केंद्रित की जाती हैं, तो इनका फर नीले और बैंगनी रंगों में जगमगा उठता है। वैज्ञानिकों के लिए यह बात बेहद दिलचस्प है कि जमीन खोदने वाले इस शाकाहारी जीव के घने बालों में यह चमक किस प्रकार काम करती है। यह अनूठी रंगत इनके फर की खास आणविक बनावट की वजह से पैदा होती है।
बिच्छू का चमकदार बाहरी आवरण
बिच्छू अपने घातक डंक और जहरीले स्वभाव के कारण जाने जाते हैं, लेकिन इनका कठोर बाहरी आवरण यानी एक्सोस्केलेटन भी जीव विज्ञान का एक बड़ा चमत्कार है। अंधेरे में जब किसी बिच्छू पर UV लाइट डाली जाती है, तो उसका नजारा बेहद विस्मयकारी होता है। उनका पूरा कठोर शरीर किसी फ्लोरोसेंट बल्ब की तरह नीले और हरे रंग की तेज चमक के साथ दमकने लगता है। बिच्छू के शरीर की बाहरी परत में ऐसे खास यौगिक पाए जाते हैं जो पराबैंगनी किरणों को सोखकर उसे तुरंत दृश्यमान नीली-हरी चमक में बदल देते हैं, जिससे रात के समय इन्हें पहचानना काफी आसान हो जाता है।
उड़ने वाली गिलहरी का गुलाबी रूप
ऊंचे पेड़ों की शाखाओं के बीच लंबी छलांग लगाने वाली उड़ने वाली गिलहरियां दिन के समय बिल्कुल आम गिलहरियों जैसी ही नजर आती हैं। रात के वक्त जब इन पर विशेष UV रोशनी डाली जाती है, तो इनका छिपा हुआ रूप सामने आ जाता है। इनका पूरा पेट और शरीर का निचला हिस्सा अचानक चटख गुलाबी और मैरून रंग में चमकने लगता है। शाखाओं पर उड़ते समय यह गुलाबी चमक किसी खिलौने की तरह रोशन हो उठती है, जो शोधकर्ताओं को यह समझने पर मजबूर करती है कि घने जंगलों में यह चमक संचार या शिकारियों से बचने में क्या भूमिका निभाती है।
बॉटलनूज डॉल्फिन की हल्की आभा
गहरे समंदर की लहरों में गोता लगाने वाली बॉटलनूज डॉल्फिन अपनी बुद्धिमत्ता के लिए विख्यात हैं। वैज्ञानिक अनुसंधानों से यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि इन डॉल्फिनों की त्वचा और कुछ खास शारीरिक अंग भी UV रोशनी के संपर्क में आते ही हल्की चमक छोड़ने लगते हैं। गहरे और अंधेरे समुद्री पानी के भीतर होने वाला यह सूक्ष्म बदलाव कुदरत का एक अद्भुत करिश्मा है, जो यह साबित करता है कि बायोफ्लोरोसेंस केवल स्थलीय जीवों तक ही सीमित नहीं है बल्कि महासागरों के शीर्ष स्तनधारियों में भी मौजूद है।
गिरगिट की हड्डियों का जादुई पैटर्न
अपनी त्वचा का रंग बदलकर परिवेश में घुल-मिल जाने के लिए गिरगिट पूरी दुनिया में जाने जाते हैं। रोशनी और अंधेरे की दुनिया में इनका एक और अद्भुत रूप देखने को मिलता है। कुछ खास प्रजातियों के गिरगिटों की त्वचा और उनकी हड्डियों पर जब UV लाइट डाली जाती है, तो वे नीले और हरे रंग के जटिल पैटर्न में चमकने लगते हैं। उनकी हड्डियों के उभार त्वचा की पतली परतों से छनकर पराबैंगनी रोशनी में फ्लोरोसेंट बिंदुओं की तरह दमकते हैं, जो किसी प्राकृतिक आभूषण की तरह दिखाई देते हैं।
कैलिफोर्निया टूथशार्क के नियॉन निशान
समुद्र के अंधेरे कोनों में तैरने वाली कैलिफोर्निया टूथशार्क की त्वचा भी पराबैंगनी किरणों के प्रभाव में बेहद अनोखी हो जाती है। जब इस शार्क के शरीर पर UV किरणें पड़ती हैं, तो उसकी त्वचा पर मौजूद खास पैटर्न किसी नियॉन लाइट की तरह तेज चमकने लगते हैं। गहरे पानी में यह नियॉन जैसी हरी-नीली चमक इतनी तीव्र होती है कि पानी के भीतर इस शार्क को आसानी से देखा और पहचाना जा सकता है। यह चमक शार्क की त्वचा में मौजूद विशेष अणुओं के कारण पैदा होती है।
स्प्रिंगटेल्स के नन्हे तारे
मिट्टी के भीतर और सड़े-गले सूखे पत्तों के नीचे रहने वाले बेहद सूक्ष्म आकार के कीट स्प्रिंगटेल्स भी बायोफ्लोरोसेंट जीवों की श्रेणी में आते हैं। नग्न आंखों से सामान्य दिखने वाले इन नन्हे कीटों पर जब लेजर या UV लाइट डाली जाती है, तो इनका पूरा शरीर आसमान में टिमटिमाते तारों की तरह चमकने लगता है। मिट्टी के पारिस्थितिकी तंत्र में रहने वाले इतने छोटे कीटों के शरीर में यह चमकदार गुण होना वैज्ञानिकों को लगातार हैरान करता है और यह दर्शाता है कि कुदरत की कारीगरी सबसे छोटे जीवों में भी उतनी ही बारीक है जितनी बड़े स्तनधारियों में।



















