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सांप की मौत के बाद साथी द्वारा बदला लेने का सच, वन्यजीव विशेषज्ञों ने दूर किया भ्रमविज्ञान
21 अग॰ 2026, 7:33 am (68 दिन पहले)· 10

सांप की मौत के बाद साथी द्वारा बदला लेने का सच, वन्यजीव विशेषज्ञों ने दूर किया भ्रम

सांप को मारने के बाद उसके साथी द्वारा बदला लेने की धारणा को विशेषज्ञों ने भ्रामक बताया है। स्नेक कैचर रवि मीणा और वन्य जीव प्रेमी दाऊ दयाल शर्मा ने इसके पीछे के वैज्ञानिक व प्राकृतिक कारण स्पष्ट किए।

भारतीय समाज में सर्पों को लेकर कई तरह की लोककथाएं और प्राचीन मान्यताएं प्रचलित हैं। इनमें से सबसे व्यापक रूप से मानी जाने वाली धारणा नाग और नागिन के बदले से जुड़ी है। लोककथाओं में अक्सर कहा जाता है कि यदि किसी सांप को मार दिया जाए या उसे घायल कर दिया जाए, तो उसका साथी उस इंसान या उसके पूरे परिवार से बदला लेने के लिए वापस लौटता है। इसके अलावा कुछ लोग यह भी मानते हैं कि अगर कोई सांप हमले में जीवित बच जाता है, तो वह व्यक्ति का चेहरा याद रखकर उसे दोबारा अपना निशाना बनाता है। हालांकि, वन्यजीव विशेषज्ञों ने इन सभी मान्यताओं को पूरी तरह से भ्रामक और वैज्ञानिक आधार से परे करार दिया है।

सर्पों में बदले की भावना की वैज्ञानिक वास्तविकता

सर्पों की शारीरिक बनावट और उनके मस्तिष्क की संरचना इंसानों तथा सामाजिक प्राणियों से पूरी तरह भिन्न होती है। स्नेक कैचर रवि मीणा के अनुसार, सांपों में इंसानों जैसी याददाश्त या बदले की भावना विकसित होने की बात वैज्ञानिक रूप से सही नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सांप किसी व्यक्ति को देखकर पहचान नहीं सकते और न ही वे किसी घटना को याद रखकर दोबारा हमला करने की योजना बनाते हैं। सांप केवल अपनी सुरक्षा के लिए या खतरे का अहसास होने पर ही प्रतिक्रिया देते हैं।

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नाग और नागिन के जोड़े को लेकर लोगों के मन में कई तरह की धारणाएं बनी हुई हैं। स्नेक कैचर रवि मीणा बताते हैं कि इंसानों या अन्य सामाजिक जीवों की तरह सर्पों में कोई स्थायी जोड़े बनाने की व्यवस्था नहीं होती है। नर और मादा सांप केवल प्रजनन काल के दौरान ही एक-दूसरे के संपर्क में आते हैं। इसलिए किसी एक सांप की मृत्यु के पश्चात उसके साथी द्वारा उस स्थान पर आकर बदला लेने की कहानी पूरी तरह से काल्पनिक है और इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

एक ही स्थान पर बार-बार सांप दिखने के वैज्ञानिक कारण

अक्सर लोग यह शिकायत करते हैं कि जिस जगह पर किसी सांप को मारा गया था, ठीक उसी स्थान पर कुछ समय बाद दूसरा सांप दिखाई दे जाता है। आम लोग इसे मृत सांप का बदला मान लेते हैं, लेकिन इसके पीछे पूरी तरह से प्राकृतिक और पारिस्थितिकीय कारण छिपे होते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार जब किसी स्थान पर सांप मरता है या मारा जाता है, तो उसके शरीर से विशिष्ट गंध या फेरोमोन्स छूट जाते हैं। आसपास मौजूद अन्य सांप उस गंध का अनुसरण करते हुए या फिर वातावरण में मौजूद अनुकूल परिस्थितियों से आकर्षित होकर उसी स्थान पर पहुंच जाते हैं। इसके अतिरिक्त यदि वह स्थान सांपों की आवाजाही का मुख्य मार्ग है, तो वहां नए सांपों का आना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है।

घरों के आसपास सांपों की मौजूदगी और सर्पदंश के कारण

यदि किसी विशेष मकान या परिवार के आसपास बार-बार सांप दिखाई दे रहे हैं या सर्पदंश की घटनाएं सामने आ रही हैं, तो इसके पीछे बदले की कोई अलौकिक शक्ति नहीं बल्कि आसपास का परिवेश जिम्मेदार होता है। वन्य जीव प्रेमी दाऊ दयाल शर्मा के अनुसार, ऐसी स्थितियों में सबसे पहले घर के आसपास मौजूद प्राकृतिक और भौतिक कारणों की जांच की जानी चाहिए।

दाऊ दयाल शर्मा बताते हैं कि यदि किसी घर के पास सांपों का बिल बना हुआ है, या वहां भोजन जैसे चूहे और मेंढक प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं, तो वहां सांपों का आना स्वाभाविक है। इसके अलावा अगर घर के आसपास कचरा, पुरानी ईंटें या घनी झाड़ियां मौजूद हैं, तो वे सर्पों के रहने और छिपने के लिए सुरक्षित ठिकाना बन जाती हैं। यदि किसी मादा सांप ने वहां अंडे दिए हैं, तो उस स्थान पर सांपों की गतिविधि बढ़ जाती है। इन अनुकूल परिस्थितियों के कारण ही इंसानों और सर्पों का बार-बार आमना-सामना होता है, जिसे लोग गलती से बदला लेने की घटना समझ बैठते हैं।

सवाल-जवाब

क्या सांप को मारने के बाद उसका साथी बदला लेता है?
नहीं, स्नेक कैचर रवि मीणा के अनुसार सांपों में इंसानों जैसी याददाश्त या बदले की भावना नहीं होती और न ही वे स्थायी जोड़े बनाते हैं।
क्या सांप इंसान का चेहरा याद रख सकता है?
नहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि सांपों के मस्तिष्क में चेहरा याद रखने या योजना बनाकर बदला लेने की क्षमता नहीं होती।
एक ही स्थान पर दोबारा सांप क्यों दिखाई देता है?
मृत सांप की गंध, फेरोमोन्स या उस स्थान की अनुकूल पर्यावरणीय परिस्थितियां अन्य सांपों को आकर्षित करती हैं।
घर के आसपास बार-बार सांप दिखने का मुख्य कारण क्या है?
दाऊ दयाल शर्मा के अनुसार घर के पास बिल होना, भोजन की उपलब्धता (चूहे/मेंढक) या झाड़ियां होना इसका मुख्य कारण है।
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