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पोकर सॉफ्टवेयर में सेंधमारी कर हाई-स्टेक्स खिलाड़ियों के पत्ते देख रहा था हैकर, लाखों डॉलर का खेल उजागरसाइबर सुरक्षा
30 अक्तू॰ 2026, 2:04 am (1 घंटे पहले)· 2

पोकर सॉफ्टवेयर में सेंधमारी कर हाई-स्टेक्स खिलाड़ियों के पत्ते देख रहा था हैकर, लाखों डॉलर का खेल उजागर

मल्टी-टेबल पोकर टूल में मैलवेयर डालकर हाई-स्टेक्स ऑनलाइन पोकर खिलाड़ियों की स्क्रीन हैक की गई और उनके पत्ते देखकर लाखों डॉलर उड़ा लिए गए। संदिग्ध हरकतों की लंबे समय तक अनदेखी के बाद गेमिंग प्लेटफॉर्म्स की सुस्त कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

हाई-स्टेक्स ऑनलाइन पोकर की दुनिया में एक बड़े तकनीकी घोटाले ने हलचल मचा दी है, जहां डिजिटल टेबल पर लाखों डॉलर की बाजी लगाने वाले शीर्ष खिलाड़ी एक अदृश्य साइबर हमले का शिकार बने। 25 सितंबर 2026 को एलेक्स नाम के एक पेशेवर ऑनलाइन पोकर खिलाड़ी अपने गेमिंग आंकड़ों का विश्लेषण करने के लिए क्लॉड एआई एजेंट का उपयोग कर रहे थे। इसी दौरान उनके एसक्यूएल डेटाबेस में अचानक खराबी आई और उसे दोबारा रीसेट करना पड़ा। डेटाबेस की इस रीसेटिंग के बीच क्लॉड एजेंट ने सिस्टम की पृष्ठभूमि में चल रहे एक अवांछित सॉफ्टवेयर को पकड़ा, जिसका नाम मेशएजेंट था। गहन पड़ताल में सामने आया कि यह टूल बिना उपयोगकर्ता की जानकारी के कंप्यूटर स्क्रीन की छवियां ले रहा था और पूरे सिस्टम पर रिमोट कंट्रोल हासिल करने में सक्षम था।

सिस्टम के तकनीकी रिकॉर्ड्स की जांच करने पर पता चला कि यह मैलवेयर 24 अप्रैल को ही कंप्यूटर पर इंस्टॉल किया गया था। इस दौरान कुल 11 ऐसे टाइमस्टैम्प सामने आए जब स्क्रीन शेयरिंग की वजह से ग्राफिक त्रुटियां दर्ज हुईं और स्क्रीन को कैप्चर किया गया। इन सभी 11 मौकों पर एलेक्स अमेरिकाज कार्डरूम, जिसे एसीआर भी कहा जाता है, पर ऑनलाइन पोकर खेल रहे थे। अपने गेमिंग इतिहास को खंगालने पर एक और चिंताजनक तथ्य उजागर हुआ: इन 11 सत्रों में से 10 सत्रों में वर्चुअल टेबल पर ठीक उनके सामने ऑक्सओओ (OxOO) हैंडल वाला प्रतिद्वंद्वी मौजूद था। यह नाम हाई-स्टेक्स पोकर समुदाय में पहले से ही संदिग्ध माना जाता था, क्योंकि एक सार्वजनिक ट्रैकिंग पोर्टल पर उसकी जीत का आंकड़ा दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों की तुलना में अस्वाभाविक रूप से बहुत अधिक था, जो इतने सारे हाथों के खेल में सांख्यिकीय दृष्टि से लगभग नामुमकिन था।

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पोकर टूल्स की सप्लाई चेन में सेंध और बैकडोर का जाल

जांच आगे बढ़ने पर यह स्पष्ट हुआ कि यह किसी एक खिलाड़ी तक सीमित मामला नहीं था, बल्कि सैकड़ों पेशेवर खिलाड़ियों को इस योजनाबद्ध मैलवेयर के जरिए निशाना बनाया गया था। साइबर हमलावर ने व्यक्तिगत कंप्यूटरों पर सीधे हमला करने के बजाय पोकर खिलाड़ियों द्वारा बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किए जाने वाले लोकप्रिय थर्ड-पार्टी सॉफ्टवेयर टूल्स को अपना जरिया बनाया। पेशेवर पोकर खिलाड़ी एक ही समय में दर्जनों वर्चुअल टेबलों पर खेलने के लिए इनट्यूटिवटेबल्स और जुरोजिन जैसे मल्टी-टेबल टूल्स का उपयोग करते हैं। ये प्रोग्राम खिलाड़ियों को कीबोर्ड के एक बटन से टेबल बदलने, दांव लगाने और हॉटकीज का उपयोग करने की सुविधा देते हैं। हमलावर ने इन्हीं दोनों लोकप्रिय एप्लिकेशनों में मैलवेयर इंजेक्ट कर दिया, जिससे करीब एक हजार से अधिक उपयोगकर्ताओं तक यह जोखिम पहुंच गया।

हमलावर ने सबसे पहले जुरोजिन के डेवलपर के सॉफ्टवेयर अपडेट सिस्टम में सेंध लगाई और नियमित स्वचालित अपडेट्स के जरिए उपयोगकर्ताओं के कंप्यूटरों में रिमोट एक्सेस एजेंट पहुंचा दिया। इनट्यूटिवटेबल्स के डेवलपर अपने टेस्टिंग कंप्यूटर पर जुरोजिन का उपयोग कर रहे थे, जिसके कारण उनका सिस्टम भी संक्रमित हो गया। इसके बाद हैकर ने इनट्यूटिवटेबल्स के नए बिल्ड में दुर्भावनापूर्ण कोड जोड़ दिया। जब डेवलपर ने सुरक्षा प्रमाणपत्र पर डिजिटल हस्ताक्षर करके इस अपडेट को वेबसाइट पर सार्वजनिक डाउनलोड के लिए जारी किया, तो इसे डाउनलोड करने वाले प्रत्येक उपयोगकर्ता के कंप्यूटर में बैकडोर सक्रिय हो गया। चूंकि यह कोड आधिकारिक सॉफ्टवेयर चैनलों और हस्ताक्षरित अपडेट्स के जरिए आया था, इसलिए किसी भी पारंपरिक एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर ने इसे संदिग्ध नहीं माना।

चुनिंदा शिकार और रणनीतिक संयम

इस साइबर हमले का सबसे परिष्कृत पहलू यह था कि इनट्यूटिवटेबल्स का संशोधित संस्करण साधारण उपयोगकर्ताओं के लिए सामान्य रूप से काम करता था। यह प्रोग्राम उपयोगकर्ता के सिस्टम में मौजूद फाइलों से उनके गेमिंग यूजरनेम की जांच करता था। हमलावर के सर्वर पर हाई-स्टेक्स पोकर खेलने वाले चुनिंदा शीर्ष खिलाड़ियों के यूजरनेम की एक सूची सुरक्षित थी। जब किसी संक्रमित सिस्टम का यूजरनेम उस सूची से मेल खाता था, तभी यह प्रोग्राम अतिरिक्त घातक फाइलें डाउनलोड करके चुपचाप मेशएजेंट इंस्टॉल करता था। अगर उपयोगकर्ता का नाम उस सूची में नहीं होता, तो वह ऐप बिना किसी संदिग्ध गतिविधि के आम सॉफ्टवेयर की तरह चलता रहता था।

आमतौर पर वित्तीय लाभ के लिए किए जाने वाले साइबर हमलों में अपराधी सिस्टम पर कब्जा होते ही क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट्स और अन्य वित्तीय खातों को तुरंत खाली कर देते हैं। लेकिन इस मामले में हमलावर ने असामान्य सब्र दिखाया। खिलाड़ियों के कंप्यूटरों में बड़े पैमाने पर क्रिप्टो संपत्तियां और निवेश मौजूद होने के बावजूद उन्हें छुआ तक नहीं गया। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ वोल्फसेक, जो हाई-स्टेक्स पोकर खिलाड़ियों को सुरक्षा परामर्श देते हैं और जिन्होंने 29 सितंबर को अपने एक्स अकाउंट पर इस पूरे मामले का खुलासा किया, उनके अनुसार यह हमलावर वर्ष 2022 से ही खिलाड़ियों के सिस्टम में घुसपैठ करने की कोशिश कर रहा था। उस समय अपेक्षाकृत बुनियादी तकनीक का इस्तेमाल हुआ था और कोई वित्तीय नुकसान न होने के कारण मैलवेयर हटाने के बाद मामले को आगे नहीं बढ़ाया गया था। हमलावर लंबे समय से अपनी तकनीकों को सुधार कर बड़े हमले की तैयारी में जुटा हुआ था।

सुपरयूजर धोखाधड़ी का ऐतिहासिक संदर्भ

ऑनलाइन पोकर के इतिहास में प्रतिद्वंद्वी के छिपे हुए पत्ते देखने की क्षमता हासिल करने वाले धोखेबाजों को सुपरयूजर कहा जाता है। 2000 के दशक के मध्य में एब्सोल्यूट पोकर और अल्टीमेट बेट जैसे शुरुआती बड़े प्लेटफॉर्म्स पर अंदरूनी लोगों ने साइट के डेटाबेस तक पहुंच बनाकर खिलाड़ियों से लाखों डॉलर लूट लिए थे, जिसे विस्तृत जांच के बाद रिफंड किया गया था। वर्ष 2013 में भी बार्सिलोना में यूरोपियन पोकर टूर टूर्नामेंट के दौरान एक फिनिश हाई-स्टेक्स खिलाड़ी का लैपटॉप होटल के कमरे से चोरी हुआ था, और वापस मिलने पर उसमें स्क्रीन देखने वाला मैलवेयर पाया गया था। इसके अलावा 2018 और 2019 में स्टोन्स गैंबलिंग हॉल के लाइवस्ट्रीम मुकाबलों में माइक पोस्टल पर करीब 2,50,000 डॉलर से अधिक की धोखाधड़ी के आरोप लगे थे, जहां लाइव कार्ड डेटा फोन पर मिलने का संदेह था, हालांकि पोस्टल ने इन आरोपों को गलत बताया था।

वर्ष 2023 की एक छोटी घटना को छोड़कर ऑनलाइन पोकर जगत ने लंबे समय तक ऐसा कोई गंभीर सुपरयूजर मामला नहीं देखा था। लेकिन इस नए मामले में हमलावर ने जिस अनुशासन से खेल दिखाया, उसने जांचकर्ताओं को भी हैरान कर दिया। माइक नाम के एक अन्य पेशेवर पोकर खिलाड़ी, जिन्होंने 2025 में इस संदिग्ध खिलाड़ी के खिलाफ मैच खेले थे, बताते हैं कि शुरुआत में उसका खेल अत्यधिक असामान्य नहीं लगता था। वह सामान्य दांव लगाता था और खेल के पारंपरिक नियमों का पालन करता था, केवल समय के साथ उसकी जीत की कुल दर ही संदेह पैदा करती थी। कई खिलाड़ियों को शुरुआत में लगा कि वह गेम-थ्योरी पर आधारित प्रतिबंधित रियल-टाइम असिस्टेंस टूल्स का इस्तेमाल कर रहा है।

शिकायतों की अनदेखी और गेमिंग प्लेटफॉर्म्स की प्रतिक्रिया

जून 2026 में क्लबडब्ल्यूपीटी गोल्ड पर दो घंटे के वन-ऑन-वन सत्र के दौरान माइक का मुकाबला एक अलग हैंडल वाले खिलाड़ी से हुआ। उस मैच में उस प्रतिद्वंद्वी ने अविश्वसनीय फैसले लेते हुए माइक को एकतरफा अंदाज में हराया, मानो वह उनके हाथ के सारे पत्ते स्पष्ट देख रहा हो। जब वोल्फसेक ने सार्वजनिक रूप से इस हैक का ब्योरा दिया, तो क्लबडब्ल्यूपीटी गोल्ड की सुरक्षा टीम ने पड़ताल की। साइट के ग्राहक परिचालन प्रमुख रैंडी लुंडी के अनुसार, उस संदिग्ध खाते को तुरंत ब्लॉक कर दिया गया और माइक को उनके नुकसान की भरपाई कर दी गई।

इसी तरह कॉइनपोकर के ब्रांड एंबेसडर मारियो मोसबॉक ने जानकारी दी कि उनके प्लेटफॉर्म ने 2025 में ही उस खिलाड़ी के खेलने के सांख्यिकीय डेटा के आधार पर उसे प्रतिबंधित कर दिया था और प्रभावित खिलाड़ियों को 1,00,000 डॉलर से अधिक लौटाए थे। कॉइनपोकर ने फरवरी 2025 में खिलाड़ी के साथ एक वेबकैम सुरक्षा इंटरव्यू भी किया था, जहां उसने जो नाम बताया था, वही नाम बाद में जीजीपोकर पर उसके गेमिंग हैंडल के रूप में सामने आया, क्योंकि जीजीपोकर पर हाई-स्टेक्स मुकाबलों के लिए वास्तविक नाम का इस्तेमाल अनिवार्य है। कॉइनपोकर ने यह जानकारी दूसरे प्लेटफॉर्म्स के साथ भी साझा की थी।

इसके विपरीत, जीजीपोकर और अमेरिकाज कार्डरूम जैसे बड़े मंचों पर यह हमलावर महीनों तक सक्रिय रहा, जहां अनुमान के मुताबिक 1.5 मिलियन डॉलर से 4 मिलियन डॉलर तक की राशि जीती गई। पोकर विश्लेषक हॉवर्ड ने बताया कि उन्होंने सितंबर 2026 की शुरुआत में ही जीजीपोकर को विस्तृत आंकड़े भेजकर जांच की मांग की थी, लेकिन प्लेटफॉर्म ने तब कोई कार्रवाई नहीं की और बाद में सबूतों की कमी का हवाला दिया। हालांकि, विवाद बढ़ने पर जीजीपोकर ने 15 अक्टूबर के एक ब्लॉग पोस्ट में अपनी सुरक्षा प्रणाली सुधारने, थर्ड-पार्टी टूल्स पर प्रतिबंध लगाने और असामान्य जीत दरों की जांच के लिए नए तंत्र जोड़ने की घोषणा की। जीजीपोकर ने बताया कि उसने संदिग्ध हमलावर के फंड्स को कॉइनबेस अकाउंट से जुड़ा पाया और उस क्रिप्टो एक्सचेंज से खाते को फ्रीज करने व रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का अनुरोध किया है।

दूसरी ओर, अमेरिकाज कार्डरूम ने 18 अक्टूबर को खिलाड़ियों को ईमेल भेजकर दावा किया कि उसकी सुरक्षा जांच में गेमिंग परिणामों के साथ छेड़छाड़ का कोई सबूत नहीं मिला है और वह किसी नुकसान की भरपाई नहीं करेगा। विरोधाभासी बात यह रही कि उसी ईमेल में प्लेटफॉर्म ने खिलाड़ियों के पत्तों को रिमोट टूल्स द्वारा देखे जाने से रोकने के लिए एक नए फीचर की भी घोषणा की। क्लबडब्ल्यूपीटी गोल्ड को सुरक्षा सेवाएं देने वाली साइबर सुरक्षा फर्म ए5 लैब्स के गेम इंटीग्रिटी प्रमुख जॉन एंड्रेस का कहना है कि खिलाड़ी एक साल से शिकायतें कर रहे थे, लेकिन कुछ कंपनियों ने उन्हें पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। वर्तमान में जुरोजिन और इनट्यूटिवटेबल्स ने अपने उपयोगकर्ताओं के लिए डिटेक्शन टूल जारी किए हैं, जबकि ए5 लैब्स के शोध समूह ऐसगार्जियन ने ओपन-सोर्स सुपरयूजर डिटेक्शन टूल पेश किया है। वोल्फसेक ने एफबीआई के इंटरनेट क्राइम कंप्लेंट सेंटर में भी शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन ऑनलाइन पोकर की विश्वसनीयता अब सीधे तौर पर इस बात पर निर्भर करेगी कि गेमिंग ऑपरेटर ऐसी सुरक्षा चेतावनियों पर समय रहते कितनी सख्ती दिखाते हैं।

सवाल-जवाब

एलेक्स के कंप्यूटर में मैलवेयर की मौजूदगी का पता कैसे चला?
25 सितंबर 2026 को डेटाबेस क्रैश होने के बाद क्लॉड एआई एजेंट ने जांच के दौरान मेशएजेंट नामक बैकग्राउंड प्रोग्राम पकड़ा, जो स्क्रीन कैप्चर कर रहा था।
हैकर ने खिलाड़ियों के सिस्टम तक पहुंचने के लिए किन टूल्स का इस्तेमाल किया?
हमलावर ने जुरोजिन और इनट्यूटिवटेबल्स नामक लोकप्रिय मल्टी-टेबल पोकर टूल्स के अपडेट सिस्टम में सेंधमारी करके मैलवेयर फैलाया।
इस साइबर हमले में कुल कितने नुकसान का अनुमान लगाया गया है?
विभिन्न स्रोतों के अनुमान के अनुसार हमलावर ने प्रमुख पोकर प्लेटफॉर्म्स पर 1.5 मिलियन डॉलर से 4 मिलियन डॉलर तक की अवैध रकम जीती।
क्लबडब्ल्यूपीटी गोल्ड और कॉइनपोकर ने इस धोखाधड़ी पर क्या कदम उठाया?
दोनों प्लेटफॉर्म्स ने संदिग्ध खातों को ब्लॉक किया और प्रभावित खिलाड़ियों को उनके नुकसान की भरपाई के रूप में फंड रिफंड किया।
अमेरिकाज कार्डरूम (ACR) का इस मामले पर क्या रुख रहा?
एसीआर ने दावा किया कि उसके प्लेटफॉर्म पर गेमिंग परिणामों के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है और उसने खिलाड़ियों को रिफंड देने से मना कर दिया।
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