सीफूड के शौकीन लोगों के बीच केकड़े की खास पहचान है। चाहे तीखे मसालों से तैयार रोस्ट हो या फिर गाढ़ी ग्रेवी वाली मसालेदार करी, इसके जूसी और मीठे मीट का स्वाद हर किसी को पसंद आता है। अक्सर लोग बाहर जाकर इसे खाना पसंद करते हैं, लेकिन जब इसे अपनी रसोई में तैयार करने का मन बने, तो सबसे पहली और अहम परीक्षा बाजार में ही शुरू हो जाती है। यदि सीफूड खरीदते समय आपकी नजर जरा भी चूकी, तो पूरा स्वाद तो बिगड़ेगा ही, मेहनत और पैसे दोनों पर पानी फिर जाएगा। इसलिए बाजार की भीड़ में सबसे ताजे और सेहतमंद केकड़े की सही परख होना बेहद जरूरी है।
हरकत और सक्रियता से करें पहली जांच
बाजार के स्टॉल पर पहुंचते ही सबसे पहला काम यह देखना है कि टोकरी या ट्रे में रखे केकड़ों में कितनी हलचल है। हमेशा ऐसा सीफूड चुनें जो पूरी तरह जिंदा और सक्रिय नजर आ रहा हो। जब केकड़ा ताजा होता है, तो वह लगातार अपने पंजों और टांगों को चलाता रहता है। अगर वह अपनी जगह पर एकदम बेजान पड़ा है, छूने पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहा या पूरी तरह मर चुका है, तो उसे खरीदने से सीधे इनकार कर दें। मृत सीफूड में समय बीतने के साथ हानिकारक बैक्टीरिया तेजी से पनपने लगते हैं, जिससे पेट खराब होने और सेहत से जुड़ी गंभीर दिक्कतों का खतरा बढ़ जाता है।
आकार के मुकाबले वजन भांपना जरूरी
ताजगी की दूसरी सबसे बड़ी कसौटी केकड़े का वजन है। जब भी आप किसी पीस को पसंद करें, उसे अपने हाथ में उठाकर तौलें। एक अच्छा और ताजा केकड़ा अपने बाहरी आकार की तुलना में हमेशा हाथ में भारी महसूस होता है। अगर कोई केकड़ा देखने में तो बहुत बड़ा लग रहा है लेकिन उठाने पर बिल्कुल हल्का और अंदर से खोखला लगता है, तो इसका सीधा मतलब है कि उसके भीतर मांस बेहद कम है या वह सूखकर पुराना हो चुका है। मजबूत खोल और ठोस वजन वाला पीस ही अंदर से रसीले और भरपूर मीट की गारंटी देता है।
बाहरी खोल की सफाई और मजबूती
केकड़े की ऊपरी सतह यानी उसके खोल की स्थिति पर भी पैनी नजर रखनी चाहिए। खरीदते समय देखें कि बाहरी खोल पूरी तरह सख्त हो और उस पर कहीं कोई दरार या टूट-फूट न दिख रही हो। जिस सीफूड पर बहुत अधिक गाद, कीचड़ या अजीब सी दुर्गंध आ रही हो, उससे दूरी बनाना ही समझदारी है। इसके अलावा, यदि खोल को दबाने पर वह बहुत ज्यादा नरम या चिपचिपा महसूस हो, तो उसे बिल्कुल न लें। गंदे और टूटे हुए खोल वाले जीव अक्सर दूषित माहौल में रहने के कारण तेजी से सड़ने लगते हैं, जिससे पकाने पर तीखी बदबू आने लगती है।
पंजों और जोड़ों की कसावट की पड़ताल
शरीर के बाद सबसे जरूरी हिस्सा उसके बड़े पंजे और चलने वाली टांगें हैं। किसी भी पीस को अंतिम रूप से चुनने से पहले उसके जोड़ों पर ध्यान दें। ताजे केकड़े के पंजे मजबूत होते हैं और उनके जोड़ों में प्राकृतिक नमी और कसावट बनी रहती है। अगर जोड़ ढीले पड़ चुके हैं, टांगें बेतरतीब लटक रही हैं या जरा सा छूते ही टूटकर अलग हो रही हैं, तो यह बासी होने का साफ संकेत है। कई बार दुकानों पर पुराने स्टॉक को भी ताजा बताकर बेचने की कोशिश की जाती है, इसलिए हर जोड़ की मजबूती को खुद अपनी आंखों से जांचना चाहिए।
रसोई में लाकर ऐसे करें पूरी सफाई
बाजार से सही पीस चुनकर घर ले आने के बाद असली काम उसकी साफ-सफाई का होता है। सबसे पहले इसे बहते हुए साफ पानी के नीचे कई बार अच्छी तरह धोएं, ताकि खोल पर जमा रेत, मिट्टी और दूसरी अशुद्धियां पूरी तरह बाहर निकल जाएं। इसके बाद पकाने की तैयारी के दौरान खोल को सावधानी से खोलकर अंदर के गैर-जरूरी और अखाद्य हिस्सों को अलग निकाल दें। सही तरीके से की गई सफाई न केवल भोजन को पूरी तरह हाइजीनिक बनाती है, बल्कि पकने के बाद सीफूड का असली और प्राकृतिक स्वाद भी निखारती है।
घर पर पाएं मनपसंद रेस्तरां जैसा जायका
जब आप बाजार में इन सभी बुनियादी नियमों का ध्यान रखकर खरीदारी करेंगे और रसोई में सफाई पर पूरा ध्यान देंगे, तो तैयार व्यंजन का स्वाद बिल्कुल बाहर जैसा लाजवाब आएगा। सही मात्रा में मीट और ताजा स्वाद मिलने पर आप चाहे इसे सूखी ग्रेवी में भूनें या फिर तरीदार सालन बनाएं, हर बाइट में ताजगी का अहसास होगा। अगली बार जब भी आप बाजार की ओर रुख करें, तो इन जांच बिंदुओं को याद रखकर ही अपनी पसंदीदा डिश की तैयारी करें।



















