क्यों खास है यह दिन
वैदिक ज्योतिष में सूर्यदेव को इकलौता ऐसा देवता माना गया है जिनके दर्शन रोज़ प्रत्यक्ष रूप से किए जा सकते हैं, इसलिए उनकी उपासना का अलग ही महत्व है। ज्योतिष की गणना के अनुसार सूर्य हर महीने एक राशि छोड़कर दूसरी में प्रवेश करते हैं और जिस दिन वे मिथुन राशि में पहुँचते हैं, उसी दिन मिथुन संक्रांति का पर्व मनाया जाता है। इस साल यह शुभ तिथि 15 जून को पड़ रही है।
इस दिन को दान, पूजा-पाठ और पुण्य कर्मों के लिहाज़ से बेहद फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि संक्रांति पर किया गया दान सीधे सूर्यदेव की कृपा दिलाता है और घर में सुख-समृद्धि लेकर आता है। यही वजह है कि श्रद्धालु इस दिन सिर्फ देवताओं की ही नहीं, बल्कि अपने पूर्वजों की प्रसन्नता के लिए भी विशेष पूजन और तर्पण जैसी क्रियाएँ करते हैं।
आचार्य की सलाह
उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज के मुताबिक मिथुन संक्रांति पर कुछ खास दान और उपाय करने से पितर प्रसन्न होते हैं, पितृ दोष का असर घटता है और साथ ही सूर्यदेव की विशेष कृपा भी प्राप्त होती है। उन्होंने ऐसे पाँच उपाय बताए हैं जिन्हें इस दिन ज़रूर अपनाना चाहिए।
पाँच उपाय जो बदल सकते हैं किस्मत
1. मीठी चीज़ों का दान
अगर घर में लगातार कलह और तनाव का माहौल बना रहता है, तो इस दिन कुछ मीठा दान करना शुभ माना जाता है। ब्राह्मणों, बच्चों या मंदिर में मिश्री, गुड़ या चीनी अर्पित करें। मान्यता है कि इससे आपसी रिश्तों में मिठास घुलती है और घर में सुख-शांति टिकी रहती है।
2. जल का दान
दान वैसे तो कई तरह के होते हैं, पर मिथुन संक्रांति पर जलदान को सबसे ऊपर रखा गया है। तपती गर्मी के इस मौसम में पानी का दान देवी-देवताओं के साथ-साथ पितरों की कृपा भी दिलाता है। इससे पूर्वजों को शांति मिलती है और दान करने वाले को जीवन में सुख, मानसिक शांति और पुण्य का लाभ होता है।
3. तांबे का दान
तांबा सूर्यदेव की प्रिय धातु मानी जाती है, इसलिए इस दिन इसका दान बेहद शुभ है। किसी ज़रूरतमंद या ब्राह्मण को तांबा अर्पित करने से सूर्य कृपा मिलती है और जीवन में मान-सम्मान, अच्छा स्वास्थ्य तथा सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
4. हरी मूंग दाल का दान
इस दिन हरी मूंग दाल दान करने की भी सलाह दी जाती है। यह बुध ग्रह से जुड़ी है और इसके दान से बुध मज़बूत होता है, जिसका सीधा फायदा बुद्धि, वाणी और व्यापार में देखने को मिलता है।
5. अन्न का दान
मिथुन संक्रांति पर अन्न दान को महादान की श्रेणी में रखा गया है। मान्यता है कि इस दिन अन्न का दान करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है, अन्न और धन की कभी कमी नहीं होती और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।













