भारतीय महिला तीरंदाजी दल ने एशियन गेम्स 2026 में एक अभूतपूर्व स्वर्णिम अध्याय लिख दिया है। रिकर्व महिला टीम इवेंट के फाइनल मुकाबले में भारत की अंकिता भकत, कुमकुम और कीर्ति की तिकड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दिग्गज दक्षिण कोरियाई टीम को मात देकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। एशियाई खेलों के इतिहास में भारतीय महिला रिकर्व टीम का यह अब तक का पहला स्वर्ण पदक है। इस जीत के साथ भारतीय दल ने करीब 48 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ते हुए अंतरराष्ट्रीय खेल पटल पर देश का परचम लहराया है।
दक्षिण कोरिया के दबदबे को 5-3 से तोड़ा
फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, जहां भारतीय तीरंदाजों का सामना 10 बार की ओलंपिक पदक विजेता दक्षिण कोरिया की मजबूत महिला टीम से था। पूरे मुकाबले में धैर्य, सटीक निशानेबाजी और बेहतरीन तालमेल का परिचय देते हुए भारतीय तिकड़ी ने कोरियाई चुनौती को 5-3 के अंतर से ध्वस्त कर दिया। दबाव भरे क्षणों में अंकिता, कुमकुम और कीर्ति ने लगातार सटीक तीर चलाए और ऐतिहासिक जीत दर्ज करके एशियाई खेलों की पदक तालिका में भारत के खाते में एक और बेशकीमती स्वर्ण जोड़ दिया।
अंकिता, कुमकुम और कीर्ति का सफर
भारतीय रिकर्व तीरंदाजी में लंबे समय से एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक का इंतजार किया जा रहा था। इस दल में शामिल अंकिता भकत, कुमकुम और कीर्ति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहले भी शानदार प्रदर्शन करती रही हैं। तीरंदाजी विश्व कप के पिछले चरणों में भी इन खिलाड़ियों ने अपने शानदार प्रदर्शन से प्रभावित किया था। टीम के संतुलित खेल और आपसी सामंजस्य के दम पर भारतीय तिकड़ी ने फाइनल मुकाबले के हर सेट में दक्षिण कोरिया की दिग्गज तीरंदाजों पर मनोवैज्ञानिक बढ़त बनाए रखी और अंततः पोडियम के शीर्ष पर जगह पक्की की।



















