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चोट और तंगी को मात देकर एशियन गेम्स 2026 में भारत को दूसरा गोल्ड दिलाने वाले कमलजीत और सुरुचि की अनूठी दास्तानखेल
25 सित॰ 2026, 10:12 am (37 मिनट पहले)· 0

चोट और तंगी को मात देकर एशियन गेम्स 2026 में भारत को दूसरा गोल्ड दिलाने वाले कमलजीत और सुरुचि की अनूठी दास्तान

एशियन गेम्स 2026 में 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड डबल्स का गोल्ड मेडल जीतकर हरियाणा के कमलजीत और सुरुचि इंदर सिंह ने इतिहास रच दिया है।

एशियन गेम्स 2026 के मंच पर भारत की झोली में दूसरा स्वर्ण पदक आ गिरा है। 10 मीटर एयर पिस्टल की मिक्स्ड डबल्स स्पर्धा में हरियाणा के दो निशानेबाजों कमलजीत और सुरुचि इंदर सिंह ने शानदार तालमेल दिखाते हुए देश का मान बढ़ाया। दिलचस्प बात यह है कि खेल की दुनिया में कदम रखते समय इन दोनों ही खिलाड़ियों की मंजिल निशानेबाजी बिल्कुल नहीं थी, लेकिन समय के मोड़ और अटूट लगन ने इन्हें शूटिंग रेंज तक पहुंचाया और आखिरकार एशिया का चैंपियन बना दिया।

व्यक्तिगत निराशा के बाद मिक्स्ड डबल्स में ऐतिहासिक पलटवार

इस ऐतिहासिक जीत से पहले प्रतियोगिता का शुरुआती सफर दोनों ही खिलाड़ियों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहा था। मिक्स्ड टीम मुकाबले से पहले आयोजित एकल स्पर्धाओं में कमलजीत और सुरुचि सिंह का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा और दोनों व्यक्तिगत पदक हासिल करने की दौड़ से बाहर हो गए थे। इस शुरुआती झटके से टूटने के बजाय दोनों निशानेबाजों ने अपनी मानसिक मजबूती का परिचय दिया। मिक्स्ड डबल्स के फाइनल में उन्होंने सटीक निशाने साधे और दमदार वापसी करते हुए भारत के नाम दूसरा गोल्ड मेडल पक्का कर दिया।

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ट्रैक की चोट से निशानेबाजी के पोडियम तक कमलजीत का सफर

हरियाणा के रेवाड़ी जिले से ताल्लुक रखने वाले कमलजीत की यह कामयाबी कई वर्षों के कठिन संघर्ष और त्याग का नतीजा है। बचपन के दिनों से ही उनके भीतर एक अव्वल एथलीट बनने की चाह थी, जिसके चलते उन्होंने ट्रैक एंड फील्ड से अपनी खेल यात्रा शुरू की थी। वह रेस ट्रैक पर तेजी से आगे बढ़ रहे थे, लेकिन एक गंभीर चोट ने उनकी दौड़ने की रफ्तार पर अचानक विराम लगा दिया। खेल के मैदान से दूर होने के बावजूद देश के लिए खेलने का जज्बा कम नहीं हुआ और उन्होंने ट्रैक छोड़कर शूटिंग रेंज का रुख किया।

आर्थिक तंगी और देरी से शुरुआत की दोहरी चुनौती

निशानेबाजी की दुनिया में कमलजीत का आगाज बेहद मुश्किल परिस्थितियों के बीच हुआ था। जब उन्होंने पहली बार पिस्टल थामी, तब उनके मुकाबले रेंज पर मौजूद उनसे कम उम्र के युवा निशानेबाज कई वर्षों के अभ्यास के कारण उनसे तकनीकी रूप से काफी आगे निकल चुके थे। उन अनुभवी साथियों की बराबरी करने और खेल की सूक्ष्म बारीकियों को सीखने के लिए कमलजीत को चौगुनी मेहनत झोंकनी पड़ी। इसके साथ ही पिस्टल और जरूरी उपकरणों के भारी खर्च ने उनके सामने आर्थिक तंगी की गंभीर समस्या खड़ी कर दी थी। इन तमाम अभावों, वित्तीय संकट और कड़े इम्तिहानों को झेलते हुए आखिरकार कमलजीत और झज्जर की सुरुचि इंदर सिंह ने भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर गौरवान्वित किया है।

सवाल-जवाब

एशियन गेम्स 2026 में कमलजीत और सुरुचि ने कौन सा पदक जीता?
उन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल की मिक्स्ड डबल्स स्पर्धा में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता, जो इस खेल आयोजन में भारत का दूसरा स्वर्ण पदक था।
कमलजीत और सुरुचि इंदर सिंह किस राज्य से संबंध रखते हैं?
ये दोनों निशानेबाज हरियाणा के रहने वाले हैं, जिनमें कमलजीत रेवाड़ी जिले से और सुरुचि झज्जर जिले से हैं।
शूटिंग से पहले कमलजीत किस खेल में सक्रिय थे?
कमलजीत बचपन से एथलीट बनना चाहते थे और उन्होंने ट्रैक एंड फील्ड से अपनी शुरुआत की थी, लेकिन चोट के कारण उन्हें खेल बदलना पड़ा।
शूटिंग की शुरुआत में कमलजीत को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा?
उन्हें अपने से अधिक अनुभवी युवा निशानेबाजों की बराबरी करने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी और महंगे खेल उपकरणों व पिस्टल के लिए आर्थिक तंगी झेलनी पड़ी।
मिक्स्ड डबल्स से पहले व्यक्तिगत स्पर्धाओं में इनका प्रदर्शन कैसा था?
मिक्स्ड डबल्स से पहले एकल स्पर्धाओं में दोनों ही खिलाड़ी पदक से चूक गए थे, लेकिन उन्होंने मिक्स्ड इवेंट में जोरदार वापसी की।
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