भारत की युवा पहलवान तानिया ने सेनेगल में आयोजित हो रहे 2026 डकार यूथ ओलंपिक में अपने दमदार प्रदर्शन से देश का मान बढ़ाया है। उन्होंने महिला 75 किलोग्राम बीच रेसलिंग स्पर्धा के खिताबी मुकाबले में अपनी पक्की जगह बना ली है। शनिवार को हुए विभिन्न चरणों के मुकाबलों में लगातार चार बेहतरीन जीत हासिल करके उन्होंने स्वर्ण पदक जीतने की प्रबल उम्मीद जगा दी है।
शुरुआती मुकाबलों में दिखाया दबदबा
टूर्नामेंट की शुरुआत से ही तानिया ने अपने सभी प्रतिद्वंद्वियों पर पूरी तरह से दबाव बनाए रखा और लगातार जीत दर्ज करते हुए फाइनल का सफर तय किया। ग्रुप बी के अपने पहले मुकाबले में उन्होंने जर्मनी की मिया माउर को 3-1 के अंतर से मात दी। इसके बाद अपने दूसरे ग्रुप मैच में उन्होंने ग्रीस की वासिलिकी कारावानू का सामना किया और उन्हें तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर आसानी से परास्त कर दिया।
नॉकआउट दौर में शानदार प्रदर्शन और फाइनल की राह
ग्रुप चरण के बाद नॉकआउट दौर के मुकाबलों में भी तानिया का विजयी रथ नहीं रुका। क्वार्टर फाइनल मैच में उन्होंने एस्टोनिया की मेरिली वेस्टर के खिलाफ 4-1 से शानदार जीत दर्ज की। इसके तुरंत बाद सेमीफाइनल मुकाबले में उनका सामना अमेरिका की मटिल्डा एन ह्रुबी से हुआ, जहाँ उन्होंने 3-1 से बाजी मारकर फाइनल का टिकट कटा लिया। अब खिताबी मुकाबले में तानिया के सामने चीन की झाओ मिन की कड़ी चुनौती होगी, जिन पर जीत हासिल करते ही उनके गले में स्वर्ण पदक सज जाएगा।
बीच रेसलिंग और डकार यूथ ओलंपिक के बारे में
बीच रेसलिंग एक अत्यंत तेज रफ्तार कुश्ती प्रतियोगिता है, जिसका आयोजन सात मीटर के गोलाकार रेत के घेरे में किया जाता है। इस खेल को पहली बार सेनेगल में हो रहे 2026 डकार यूथ ओलंपिक का हिस्सा बनाया गया है। प्रत्येक मुकाबला अधिकतम तीन मिनट का होता है, और जो पहलवान सबसे पहले तीन अंक हासिल कर लेता है, उसे विजेता घोषित कर दिया जाता है। इसके अलावा यदि कोई खिलाड़ी ऐसा शानदार दांव लगाता है जिससे उसका प्रतिद्वंद्वी सीधे पीठ के बल रेत पर गिर जाए, तो मुकाबला उसी पल समाप्त हो जाता है। यह चौथा यूथ ओलंपिक है और अफ्रीकी महाद्वीप में इसका आयोजन पहली बार किया जा रहा है, जिसमें दुनिया भर के युवा खिलाड़ी अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।



















