अंतरराष्ट्रीय ट्रैक एवं फील्ड प्रतियोगिताओं में देश का मस्तक ऊंचा करने वाले स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा ने एक बार फिर वैश्विक पटल पर भारत का परचम लहराया है। 'गोल्डन बॉय' के नाम से अपनी पहचान बना चुके 28 वर्षीय इस चैंपियन खिलाड़ी ने हाल ही में स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में रजत पदक अपने नाम किया। दो बार के ओलंपिक पदक विजेता और कई विश्वस्तरीय ट्रॉफियों पर कब्जा जमा चुके नीरज ने इस प्रतियोगिता में उपविजेता रहकर यह साबित कर दिया कि भाला फेंक स्पर्धा में आज भी उनका जलवा कायम है।
ग्लासगो 2026 राष्ट्रमंडल खेल: कड़े मुकाबले में हासिल किया रजत पदक
ग्लासगो के मैदान पर पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा बेहद प्रतिस्पर्धात्मक और रोमांचक साबित हुई। इस टूर्नामेंट में श्रीलंका के रमेश थरंगा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 89.75 मीटर का सनसनीखेज थ्रो फेंका और स्वर्ण पदक पर अपना कब्जा जमाया। इसके बावजूद भारतीय दिग्गज नीरज चोपड़ा का प्रदर्शन दर्शकों और खेल प्रेमियों के आकर्षण का केंद्र बना रहा। पोडियम पर अपनी जगह बनाए रखकर नीरज ने लगातार शीर्ष स्तर पर बने रहने की अपनी क्षमता का परिचय दिया है। उनकी यह उपलब्धि दर्शाती है कि दबाव के समय भी वे देश के लिए पदक जीतने में सफल रहते हैं।
सैन्य करियर: JCO से लेफ्टिनेंट कर्नल की मानद रैंक तक का सफर
नीरज चोपड़ा की उपलब्धियां केवल खेल के मैदान तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वे देश की सीमाओं की रक्षा करने वाली भारतीय सेना से भी अभिन्न रूप से जुड़े हुए हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत भारतीय सेना में एक जूनियर कमीशंड ऑफिसर यानी JCO के रूप में की थी। खेल के क्षेत्र में उनके अप्रतिम योगदान, असाधारण रिकॉर्ड्स और मातृभूमि के प्रति उनकी अटूट निष्ठा को सम्मान देने के लिए भारतीय सेना ने उन्हें पदोन्नत किया। सेना द्वारा उन्हें 'लेफ्टिनेंट कर्नल' की मानद रैंक से विभूषित किया गया, जो उनकी वर्षों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और देशभक्ति का प्रतीक है।
37 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति और वित्तीय सफलता का लेखा-जोखा
खेल में निरंतर सफलता हासिल करने के साथ-साथ नीरज चोपड़ा ने वित्तीय मोर्चे पर भी अपनी एक मजबूत स्थिति कायम की है। वर्तमान में उनकी अनुमानित कुल संपत्ति लगभग 37 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। उनकी यह विशाल संपत्ति अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में मिलने वाली पुरस्कार राशि, विभिन्न प्रतियोगिताओं में जीत के इनाम, भारतीय सेना से प्राप्त होने वाले वेतन और देश-विदेश के प्रमुख ब्रांडों के साथ हुए व्यावसायिक समझौतों के माध्यम से निर्मित हुई है।
यदि उनकी नियमित आय पर ध्यान दें, तो नीरज हर महीने विभिन्न स्रोतों से लगभग 30 लाख रुपये की कमाई करते हैं। बड़े विज्ञापन करारों से मिलने वाली एकमुश्त राशि को हटा दिया जाए, तो भी उनकी सालाना नियमित आय करीब 4 करोड़ रुपये बैठती है। यह आंकड़ा उन्हें क्रिकेट से अलग अन्य खेलों में भारत के सबसे अमीर और सफल एथलीटों की अग्रिम पंक्ति में स्थापित करता है।
24 से अधिक प्रमुख ब्रांडों के साथ व्यावसायिक जुड़ाव
ट्रैक पर अपनी उपलब्धियों के दम पर नीरज चोपड़ा विज्ञापन जगत की पहली पसंद बन चुके हैं। बाजार में उनकी बढ़ती लोकप्रियता और विश्वसनीयता के कारण आज वे 24 से ज्यादा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों के मुख्य चेहरा हैं। उनके प्रायोजकों और व्यावसायिक सहयोगियों में नाइकी, बायजू, एम्स्ट्रैड और टाटा एआईए जैसे दिग्गज नाम शामिल हैं। खेल के मैदान से बाहर उनका यह व्यापक प्रभाव उनकी जबरदस्त फैन फॉलोइंग और जनता के बीच उनकी प्रामाणिकता को स्पष्ट रूप से उजागर करता है।
पानीपत के खंडर गांव में भव्य आशियाना और विशेष ट्रॉफी रूम
सफलता के शिखर पर पहुंचने के बाद भी नीरज चोपड़ा अपनी मिट्टी और ग्रामीण जड़ों से गहराई से जुड़े हुए हैं। उन्होंने हरियाणा के पानीपत जिले के पास स्थित अपने पैतृक गांव खंडर में एक आलीशान तीन मंजिला बंगला बनवाया है। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित इस भव्य घर में उनका पूरा परिवार निवास करता है, जिसे वे अपना असली आशियाना मानते हैं।
खंडर स्थित इस तीन मंजिला बंगले की सबसे बड़ी विशेषता वहां तैयार किया गया एक विशेष 'ट्रॉफी रूम' है। यह कमरा नीरज के संघर्ष, पसीने और ऐतिहासिक सफलताओं का एक जीवंत संग्रहालय है। इस स्थान पर टोक्यो 2020 ओलंपिक खेलों का ऐतिहासिक स्वर्ण पदक, विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के पदक और हाल ही में ग्लासगो में जीता गया राष्ट्रमंडल खेलों का पदक बेहद गर्व के साथ सजाकर रखे गए हैं। इसके अलावा यहां दुनिया भर से प्राप्त अन्य प्रतिष्ठित सम्मान और कप भी प्रदर्शित किए गए हैं।
गैरेज में खड़ी लग्जरी कारें और महिंद्रा थार की खास कहानी
नीरज चोपड़ा को शक्तिशाली और लग्जरी चार पहिया गाड़ियों का भी काफी शौक है। उनके निजी काफिले में कई बहुमूल्य और लोकप्रिय कारें शामिल हैं। उनके गैरेज में 2 करोड़ रुपये से अधिक कीमत की रेंज रोवर स्पोर्ट मुख्य आकर्षण है। इसके साथ ही करीब 93.5 लाख रुपये मूल्य की फोर्ड मस्टैंग GT भी उनकी पसंद का हिस्सा है।
उनके कार कलेक्शन में देश की लोकप्रिय SUV गाड़ियां जैसे टोयोटा फॉर्च्यूनर और महिंद्रा थार भी शामिल हैं। महिंद्रा थार कार के पीछे एक विशेष याद जुड़ी हुई है। टोक्यो 2020 ओलंपिक में भाला फेंक में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतने के अवसर पर प्रसिद्ध उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने उन्हें यह कार विशेष उपहार स्वरूप भेंट की थी।
दोपहिया वाहनों का शौक: हार्ले-डेविडसन और बजाज पल्सर 220F
चार पहिया गाड़ियों के अलावा नीरज चोपड़ा को तेज रफ्तार बाइक्स का भी काफी लगाव है। उनके पास दो शानदार दोपहिया वाहनों का कलेक्शन मौजूद है। इसमें पहली लगभग 11 लाख रुपये की प्रीमियम क्रूजर बाइक हार्ले-डेविडसन 1200 रोडस्टर है, जो उनके आधुनिक लाइफस्टाइल को दर्शाती है।
दूसरी बाइक लगभग 1 लाख रुपये की बजाज पल्सर 220F है। यह स्पोर्टी मोटरसाइकिल उनके शुरुआती दिनों के जुनून, मेहनत और सादगी की याद दिलाती है। इतनी बड़ी वित्तीय सफलता के बावजूद अपनी पुरानी बाइक को संभाल कर रखना नीरज चोपड़ा के जमीन से जुड़े व्यक्तित्व को साबित करता है।



















