तमिलनाडु में अनोखी शादी: पीपल और नीम के पेड़ों का हुआ पारंपरिक विवाह, उमड़े हजारों लोगगुरुग्राम सड़क सुरक्षा संकट: गोल्फ कोर्स रोड पर महिला बाइकर को टक्कर मारने वाला आरोपी कल्याण बैंसला राजस्थान से गिरफ्तार, हत्या के प्रयास का केस दर्जमसूद अजहर पर पाकिस्तान के ड्रामे से भारत का इनकार, विदेश मंत्रालय ने की कार्रवाई की मांगगुरुग्राम हिट एंड रन मामले में राजस्थान से गिरफ्तार आरोपी कल्याण बैसला की पहली तस्वीर आई सामने, चेहरे पर नहीं दिखा कोई पछतावाकोलकाता में सीएम सुवेंदु अधिकारी ने की गणेश पूजा, राजनीतिक बदलाव के संकेतयोगी आदित्यनाथ ने जल सुरक्षा को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की सराहना कीराजस्थान के सीकर में हर्ष पर्वत की लव-कुश वाटिका बन रही पर्यटकों की नई पसंदगुरुग्राम हिट एंड रन केस: पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश में धरा गया कल्याण बैंसलामिथुन राशिफल 16 सितंबर: जानिए आपके लिए कैसा रहेगा आज का दिनराजस्थान निकाय चुनावों के नतीजे आते ही दिल्ली क्यों पहुंचीं दिव्या मदेरणा, आलाकमान से मुलाकात के क्या हैं मायने?
अलवर में बाजरे की बंपर पैदावार, मौसम के मिजाज ने बढ़ाई किसानों की धड़कनेंराजस्थान
15 सित॰ 2026, 8:24 pm (1 घंटे पहले)· 0

अलवर में बाजरे की बंपर पैदावार, मौसम के मिजाज ने बढ़ाई किसानों की धड़कनें

अलवर और खैरथल-तिजारा में बाजरे की फसल पककर तैयार है, लेकिन बारिश की आशंका के बीच किसान जल्दबाजी में फसल समेट रहे हैं।

अलवर और खैरथल-तिजारा जिले में इन दिनों खेती किसानी का काम बेहद तेज रफ्तार से चल रहा है। यहां के ग्रामीण इलाकों में किसान बारिश की चेतावनी और मौसम के बदलते तेवरों के बीच खेतों में लहलहाकर पक चुकी बाजरे की फसल को तेजी से समेटने में जुटे हुए हैं। खेतों में बाजरे की बालियां पूरी तरह से तैयार हो चुकी हैं, जिसके बाद से किसान परिवारों का पूरा दिन खेतों में ही कटाई और थ्रेसिंग के काम में बीत रहा है।

मशीनों का सहारा और बेहतर पैदावार

फसल को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए स्थानीय किसान अब दूसरे जिलों से मंगाई गई आधुनिक कटाई मशीनों का जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं। इन मशीनों की मदद से कम समय में ही बड़े पैमाने पर कटाई का काम पूरा हो रहा है, जिससे किसानों का कीमती वक्त तो बच ही रहा है, साथ ही भारी मजदूरी के खर्च से भी राहत मिल रही है। किसान सुबह सवेरे ही अपने घरों से निकलकर खेतों का रुख कर रहे हैं। इस सीजन में समय-समय पर हुई अनुकूल बारिश की वजह से फसलों को भरपूर पानी मिला, जिससे इस बार पैदावार काफी शानदार रहने की उम्मीद जताई जा रही है।

ये भी पढ़ें

किसानों के अनुभव और एक बीघा का गणित

क्षेत्र के किसान हबली यादव, वीरेंद्र सिंह, चतर सिंह और करण यादव समेत कई अन्य अन्नदाताओं का कहना है कि इस बार बाजरे की फसल बहुत ही बेहतरीन स्थिति में खड़ी है। किसानों के अनुसार, इस बार जमीन की उर्वरता और मौसम के साथ के कारण एक बीघा जमीन में करीब १५ मण तक की पैदावार दर्ज की जा रही है, जिससे किसानों के चेहरों पर खुशी तो है, लेकिन साथ ही कई तरह की चुनौतियां भी खड़ी हैं।

मौसम के बिगड़े मिजाज से बढ़ी चिंता

उत्पादन अच्छा होने के बावजूद लगातार करवट ले रहे मौसम ने किसानों की नींद उड़ा रखी है। आसमान में छाए बादलों और हवा में बढ़ी हुई नमी की वजह से बाजरे के सिट्टों को धूप में अच्छी तरह से सुखाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यही वजह है कि किसान कटाई के तुरंत बाद फसल को खुले आसमान के नीचे ज्यादा देर तक छोड़ने के बजाय उसे तुरंत इकट्ठा कर किसी सुरक्षित और ढंके हुए स्थान पर पहुंचाने में दिन-रात लगे हुए हैं।

कटाई में देरी का डर और थ्रेसिंग की मुश्किलें

किसानों का यह भी साफ तौर पर कहना है कि बाजरा अब पूरी तरह से पककर तैयार है और यदि ऐसे वक्त में कटाई में जरा भी देर हुई, तो अचानक होने वाली तेज बारिश से न केवल खेतों में खड़ी फसल तबाह हो सकती है, बल्कि खेत में सुखाने के लिए रखी कटी हुई फसल को भी भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है। इसके अलावा, पिछले दिनों हुई बारिश के कारण खेतों की मिट्टी में अभी भी नमी बरकरार है। इस नमी के चलते जब थ्रेसर से बाजरा निकाला जाता है, तो दाने और सिट्टे टूटने की समस्या सामने आ रही है, जिससे किसानों को अतिरिक्त आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

विभाग की सलाह और खरीफ की अहमियत

गौरतलब है कि ग्रामीण अंचल में बाजरा खरीफ सीजन की प्रमुख फसलों में शुमार किया जाता है। इस बार अच्छी बारिश के कारण फसल की सेहत काफी बेहतर नजर आ रही है। किसान आसमान पर लगातार नजर गड़ाए हुए हैं और किसी भी संभावित बारिश से पहले अपनी मेहनत को सुरक्षित घर तक लाने के लिए जी-तोड़ प्रयास कर रहे हैं। दूसरी ओर, कृषि विभाग की तरफ से भी किसानों को यह सलाह दी गई है कि वे मौसम साफ रहने का फायदा उठाते हुए अपनी पकी हुई बाजरे की फसल की कटाई के काम में तेजी लाएं ताकि किसी भी अनहोनी नुकसान से बचा जा सके।

सवाल-जवाब

किन जिलों में किसान बाजरे की कटाई में जुटे हैं?
अलवर और खैरथल-तिजारा जिले के किसान बाजरे की फसल समेटने में व्यस्त हैं।
इस बार बाजरे की पैदावार कितनी हो रही है?
किसानों के अनुसार इस सीजन में एक बीघा जमीन में करीब १५ मण तक पैदावार मिल रही है।
किसानों की चिंता का मुख्य कारण क्या है?
लगातार बदलता मौसम, हवा में नमी और तेज बारिश की आशंका किसानों की मुख्य चिंता है।
थ्रेसिंग के दौरान क्या समस्या आ रही है?
खेतों में नमी होने के कारण थ्रेसर से बाजरा निकालते समय दाने और सिट्टे टूटने की समस्या हो रही है।
विभाग द्वारा किसानों को क्या सलाह दी गई है?
कृषि विभाग ने मौसम साफ रहने पर पकी हुई फसल की कटाई में तेजी लाने की सलाह दी है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR