स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 9वें दिन भारतीय जैवलिन थ्रो खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। भारत के स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा ने चोटों और फिटनेस समस्याओं से उबरते हुए प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इसके साथ ही नीरज चोपड़ा कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में जैवलिन थ्रो स्पर्धा के भीतर गोल्ड और सिल्वर दोनों पदक हासिल करने वाले देश के पहले खिलाड़ी बन गए हैं। इसी प्रतियोगिता में 24 वर्षीय भारतीय एथलीट यश वीर सिंह ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक पर कब्जा जमाया। दोनों खिलाड़ियों की इस सफलता के साथ ही भारत की कुल मेडल तालिका 23 तक पहुंच गई है। पिछले एक साल के दौरान लगातार शारीरिक समस्याओं का सामना करने वाले नीरज चोपड़ा ने पोडियम पर अपनी सफल वापसी दर्ज कराने के साथ देश में जैवलिन थ्रो के बढ़ते स्तर पर खुशी जताई।
ग्लासगो के ठंडे मौसम में प्रदर्शन और आने वाली चुनौतियां
मुकाबले के बाद संवाददाताओं से बातचीत करते हुए नीरज चोपड़ा ने अपने प्रदर्शन का विस्तृत विश्लेषण पेश किया। उन्होंने स्वीकार किया कि प्रतिस्पर्धा के दौरान उनका केवल एक थ्रो ही बेहतर बन सका, जबकि अन्य प्रयासों में और सुधार की गुंजाइश बनी हुई थी। ग्लासगो की परिस्थितियों का जिक्र करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि ठंडे मौसम में अपनी लय हासिल करना उनके लिए हमेशा चुनौतीपूर्ण साबित होता है, क्योंकि वे आमतौर पर गर्म वातावरण में प्रतिस्पर्धा करना अधिक पसंद करते हैं। इसके बावजूद, उन्होंने इस मुकाबले में इस सीजन का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज कराया है। नीरज ने बताया कि चोट के बाद उनकी रिकवरी बिल्कुल सही दिशा में आगे बढ़ रही है और आने वाले समय में कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट होने वाले हैं। उनका अगला मुख्य ध्यान जापान में आयोजित होने वाले एशियन गेम्स 2026 पर केंद्रित है, जहां वे एक बार फिर देश का प्रतिनिधित्व करते हुए नजर आएंगे।
भारत की जैवलिन बेंच स्ट्रेंथ और युवा खिलाड़ियों का उदय
प्रतियोगिता के दौरान सबसे सुखद पहलू भारत की बेंच स्ट्रेंथ का सामने आना रहा। पोडियम पर अपने साथी खिलाड़ी के साथ खड़े होने के अनुभव को नीरज चोपड़ा ने बेहद खास बताया। उन्होंने याद किया कि इससे पहले एशियन गेम्स के दौरान जब वे और किशोर कुमार जेना एक साथ पदक तालिका पर पहुंचे थे, तब भी ऐसा ही शानदार माहौल बना था। नीरज ने 24 साल के यश वीर सिंह के प्रदर्शन की मुक्तकंठ से प्रशंसा की, जिन्होंने इस महत्वपूर्ण वैश्विक मंच पर अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 85 मीटर के प्रतिष्ठित क्लब में प्रवेश हासिल किया। नीरज ने एक अन्य होनहार खिलाड़ी रोहित के प्रदर्शन का भी उल्लेख किया और कहा कि भारतीय जैवलिन में नई प्रतिभाओं का सामने आना बेहद उत्साहजनक है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि वे किसी कारणवश मैदान में मौजूद न हों या चोट के कारण बाहर रहें, तब भी देश के पास अब ऐसे सक्षम थ्रोअर मौजूद हैं जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत सकते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी शुभकामनाएं
ग्लासगो में भारतीय एथलीटों की इस दोहरी सफलता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बधाई संदेश साझा किए। नीरज चोपड़ा की उपलब्धि की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पुरुषों के जैवलिन थ्रो इवेंट में नीरज चोपड़ा द्वारा जीता गया सिल्वर मेडल उनकी अद्भुत निरंतरता, धैर्य और खेल भावना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि नीरज की यह कामयाबी हर भारतीय नागरिक के लिए गर्व का विषय है और उन्होंने भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए उन्हें अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने 24 वर्षीय ब्रॉन्ज मेडल विजेता यश वीर सिंह की भी सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि यश वीर सिंह का यह शानदार प्रयास उनके समर्पण और जोश को दर्शाता है। उनकी यह सफलता देश के उभरते हुए युवा खिलाड़ियों को एथलेटिक्स के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।



















